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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
ई-नाम (e-NAM) प्लेटफॉर्म का कामकाज
प्रविष्टि तिथि:
10 FEB 2026 6:38PM by PIB Delhi
सरकार छोटे और सीमांत किसानों सहित अन्य किसानों के बीच प्रदर्शन और पैठ की निगरानी के लिए समय-समय पर राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) प्लेटफॉर्म के कामकाज की समीक्षा करती है। 31.01.2026 तक, ई-नाम प्लेटफॉर्म पर 1.79 करोड़ किसान पंजीकृत हैं, जिनमें छोटे धारक किसान भी शामिल हैं।
31.01.2026 तक, 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की 1522 मंडियां ई-नाम के साथ एकीकृत हैं। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान ई-नाम के माध्यम से व्यापार किए गए कृषि उत्पादों की राज्य-वार मात्रा अनुलग्नक में दी गई है।
ई-नाम बाजारों तक पहुंच, वास्तविक समय में मूल्य की जानकारी प्रदान करता है, कृषि-उपज के गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा देता है और सफाई, ग्रेडिंग, छंटनी व पैकेजिंग के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करता है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से, किसान मार्ग मानचित्र और प्रचलित मूल्य के साथ 100 किमी के दायरे में ई-नाम मंडियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए सूचित निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। प्लेटफॉर्म की ई-भुगतान प्रणाली किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करती है। ऑनलाइन किसान पंजीकरण, फार्मगेट और किसान उत्पादक संगठनों की प्रत्यक्ष भागीदारी, मूल्य की जानकारी के लिए एगमार्कनेट (AGMARKNET) के साथ एकीकरण, और एक बहुभाषी मोबाइल एप्लिकेशन जैसी सुविधाओं ने बाजार पहुंच और पारदर्शिता में सुधार किया है। ई-नाम एप्लिकेशन वेब और मोबाइल दोनों पर उपलब्ध है। ई-नाम उपयोगकर्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1800-270-0224) उपलब्ध कराया गया है। ऑनलाइन मार्केटप्लेस तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए किसानों और अन्य हितधारकों हेतु सभी ई-नाम मंडियों के लिए सालाना दो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्यूटोरियल वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं।
अनुलग्नक
ई-नाम के माध्यम से व्यापार किए गए कृषि उत्पादों की कुल राज्य-वार मात्रा
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क्र.सं.
|
राज्य
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व्यापार किए गए उत्पादों की मात्रा (एमटी में)
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2022-23
|
2023-24
|
2024-2025
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1
|
आंध्र प्रदेश
|
11,34,003
|
12,20,259.70
|
12,01,115.74
|
|
2
|
असम
|
17
|
0.001
|
0
|
|
3
|
बिहार
|
9
|
13.25
|
3,307.73
|
|
4
|
चंडीगढ़
|
1,89,043
|
2,23,265.99
|
1,19,813.57
|
|
5
|
छत्तीसगढ़
|
1,34,138
|
1,19,422.12
|
2,42,343.44
|
|
6
|
गोवा
|
3
|
127.327
|
195.533
|
|
7
|
गुजरात
|
3,31,000
|
5,36,104.13
|
4,14,252.42
|
|
8
|
हरियाणा
|
41,37,028
|
49,91,074.59
|
44,94,274.80
|
|
9
|
हिमाचल प्रदेश
|
60,420
|
59,130.69
|
46,713.19
|
|
10
|
जम्मू-कश्मीर
|
9,207
|
62,871.82
|
95,113.06
|
|
11
|
झारखंड
|
5,423
|
4,919.77
|
3,492.33
|
|
12
|
कर्नाटक
|
40,769
|
47,110.52
|
40,870.50
|
|
13
|
केरल
|
271
|
153.484
|
85.634
|
|
14
|
मध्य प्रदेश
|
17,33,450
|
17,43,815.54
|
18,04,211.78
|
|
15
|
महाराष्ट्र
|
11,01,485
|
7,76,832.36
|
11,65,541.47
|
|
16
|
नागालैंड
|
97
|
720.79
|
278.87
|
|
17
|
ओडिशा
|
4,45,876
|
5,01,962.31
|
7,08,250.60
|
|
18
|
पुडुचेरी
|
14,027
|
6,667.05
|
4,348.11
|
|
19
|
पंजाब
|
4,85,095
|
4,11,297.91
|
4,57,712.09
|
|
20
|
राजस्थान
|
65,36,247
|
58,21,688.39
|
66,09,443.03
|
|
21
|
तमिलनाडु
|
5,36,044
|
8,25,967.20
|
7,96,990.03
|
|
22
|
तेलंगाना
|
8,19,465
|
9,80,297.71
|
8,74,138.06
|
|
23
|
त्रिपुरा
|
1
|
3.645
|
19.62
|
|
24
|
उत्तर प्रदेश
|
7,49,865
|
8,97,625.02
|
10,89,948.37
|
|
25
|
उत्तराखंड
|
1,05,887
|
1,91,283.32
|
2,71,286.83
|
|
26
|
पश्चिम बंगाल
|
10,443
|
22,540.93
|
32,123.55
|
|
|
कुल
|
1,85,79,313
|
1,94,45,156
|
2,04,75,870
|
इसके अतिरिक्त पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान, संख्या-आधारित वस्तुओं (जैसे बांस, पान के पत्ते, नारियल, नींबू, स्वीट कॉर्न आदि) की 32.27 करोड़ इकाइयों का भी ई-नाम प्लेटफॉर्म पर व्यापार किया गया।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/वीएस
(रिलीज़ आईडी: 2226308)
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