ग्रामीण विकास मंत्रालय
विकसित भारत -जी राम जी अधिनियम, 2025 समावेशी समर्थन के साथ ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाता है
प्रविष्टि तिथि:
10 FEB 2026 5:50PM by PIB Delhi
महात्मा गांधी एनआरईजीएस के अंतर्गत महिलाओं की भागीदारी पिछले तीन वित्तीय वर्षों और चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगातार 50 प्रतिशत से अधिक रही है।
विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी (विकसित भारत जी राम जी) अधिनियम, 2025, गारंटी ढांचे को सुदृढ़ और विस्तारित करता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाती है, जो पहले 100 दिन की थी। इससे ग्रामीण आय और आजीविका सुरक्षा में वृद्धि होती है। इसमें एक मजबूत वैधानिक बेरोजगारी भत्ता भी शामिल है, जो निर्धारित समय के भीतर काम उपलब्ध न होने पर देय होगा और इसकी दरें अधिसूचित मजदूरी दर से जुड़ी होंगी। इसके अलावा, गारंटीकृत दिनों की संख्या बढ़ाकर और समयबद्ध मजदूरी भुगतान एवं बेरोजगारी भत्ता सुनिश्चित करके, यह अधिनियम परिवारों की आय स्थिरता को मजबूत करता है, जिससे ग्रामीण परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा और उपभोग में स्थिरता सुनिश्चित होती है।
नए अधिनियम के अंतर्गत, चार मुख्य विषयों - जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा और चरम मौसम की घटनाओं से बचाव - को प्राथमिकता दी गई है, जिससे टिकाऊ और उत्पादक ग्रामीण संपत्तियों का निर्माण हो सके। यह अधिनियम टिकाऊ और उत्पादकता बढ़ाने वाली संपत्तियों को बढ़ावा देकर एक दूरदर्शी ढांचा अपनाता है और विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं और समन्वय के माध्यम से मजदूरी रोजगार को संपत्ति निर्माण, बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करने और दीर्घकालिक आजीविका संवर्धन से जोड़ता है। आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे में उत्पादक संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है जो सीधे आय और रोजगार उत्पन्न करती हैं, जैसे ग्रामीण हाट, भंडारण संरचनाएं, कार्यशालाएं और पशुधन या मत्स्य पालन संबंधी बुनियादी ढांचा, जिससे कृषि को मजबूती मिलती है, बाजार तक पहुंच में सुधार होता है और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिलता है।
इस प्रकार, रोजगार की उपलब्धता और रोजगार गारंटी को कम करने के बजाय, विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 महिलाओं सहित लाभार्थियों की सभी श्रेणियों के लिए रोजगार गारंटी का विस्तार करता है, कानूनी अधिकारों को मजबूत करता है और ग्रामीण रोजगार को स्थायी आजीविका सृजन और जलवायु-अनुकूल विकास के साथ संरेखित करता है।
इसके अतिरिक्त, विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 को लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व वाले परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए कई महिला-केंद्रित प्रावधान शामिल हैं। ये प्रावधान इस प्रकार हैं:
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महिलाओं की कम से कम एक तिहाई भागीदारी अनिवार्य है, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं के प्रतिनिधित्व वाले परिवारों और विशेष जॉब कार्ड के माध्यम से एकल महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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अधिनियम की अनुसूची I के पैरा 6 के अनुसार, महिलाओं के प्रतिनिधित्व वाले परिवारों के लिए व्यक्तिगत संपत्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।
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यह अधिनियम आजीविका संबंधी अवसंरचना के निर्माण को प्राथमिकता देता है, जैसे कि स्वयं सहायता समूह भवन, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण एवं कौशल केंद्र, खाद और केंचुआ खाद इकाइयां, नर्सरी, पशु आश्रय स्थल, मत्स्य पालन अवसंरचना, भंडारण सुविधाएं, ग्रामीण हाट आदि। ये उत्पादक परिसंपत्तियां महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को प्रत्यक्ष रूप से सशक्त बनाती हैं।
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महिलाओं की रचनात्मक भागीदारी को सुगम बनाने के लिए एक अलग दर अनुसूची।
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उन कार्यस्थलों पर शिशुगृह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जहां पांच वर्ष से कम आयु के पांच या अधिक बच्चे कामकाजी महिलाओं के साथ होते हैं।
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महिलाओं को सहायक की भूमिका निभाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें कार्यों की देखरेख करना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और पारदर्शिता बनाए रखना शामिल है।
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सामाजिक लेखापरीक्षाओं में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से उनकी भूमिका और भी मजबूत होती है, जहां महिलाएं यह सुनिश्चित करने में सहायता करती हैं कि काम ठीक से किया जाए और भुगतान समय पर हो।
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उपरोक्त के अतिरिक्त, अधिनियम के अंतर्गत गठित होने वाली केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद और राज्य रोजगार गारंटी परिषदों में महिलाओं का एक तिहाई प्रतिनिधित्व अनिवार्य है।
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शिकायत निवारण व्यवस्था आवेदकों से संबंधित शिकायतों का समाधान करेगा, जिनमें भेदभाव, उत्पीड़न या श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन शामिल है, जिनमें महिलाएं और कमजोर समूह शामिल हैं।
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एमकेएस/
(रिलीज़ आईडी: 2226058)
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