सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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पीएम दक्ष योजना के अंतर्गत कौशल विकास

प्रविष्टि तिथि: 04 FEB 2026 4:42PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विमुक्‍त जनजातियों और कचरा बीनने वालों सहित सफाई कर्मचारियों को कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही योजना (पीएम दक्ष) को केंद्रीय क्षेत्र की एक योजना के रूप में लागू कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत रोजगार हासिल करने की योग्यता, उद्यमिता और निरंतर आजीविका सुनिश्चित करने पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है।

पीएम दक्ष योजना के अंतर्गत, कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण - राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप पाठ्यक्रमों के तहत संचालित किए जाते हैं, जो नामांकित प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर तय किए जाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का चयन करते समय बाज़ार की मांग, उपयुक्त बैच आकार, भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्र-विशेष से संबंधित कौशल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाता है, ताकि वे कार्यक्रम स्थानीय श्रम बाजार की जरूरतों के अनुरूप और उपयुक्‍त हों।

मंत्रालय ने पीएम दक्ष योजना के अंतर्गत रोजगार-संबंधी परिणामों अनिवार्य बनाया है। इसके तहत प्रशिक्षण संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होता है कि अल्‍पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को वेतनभोगी रोजगार और/या स्वरोजगार मिले। यदि यह शर्त पूरी नहीं होती है, तो प्रशिक्षण लागत की तीसरी किश्त, जो 30 प्रतिशत होती है, रद्द कर दी जाती है। प्रशिक्षण संस्थानों के लिए प्रशिक्षित उम्मीदवारों हेतु रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में संबंधित उद्योगों के साथ सहयोग बनाए रखना भी अनिवार्य है।

विभाग के अधीन तीन निगम – राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) – लक्षित समूहों के पात्र युवाओं को ऋण सुविधाएँ और सहायता प्रदान करते हैं। यह समर्थन व्यवसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करने के बाद रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए परियोजना तैयारी, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के माध्यम से प्रदान किया जाता है।

पीएम दक्ष योजना के एक मूल्यांकन अध्ययन से पता चला है कि यह योजना अत्यंत प्रासंगिक और सीखने की दृष्टि से प्रभावी है, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने प्रशिक्षण को अपने करियर लक्ष्यों, स्थानीय श्रम बाजार की जरूरतों और अपेक्षित सीखने के परिणामों के अनुरूप बताया। प्रभाव मूल्यांकन में विशेष रूप से महिलाओं और वंचित समूहों में आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान और सामाजिक मान्यता में सुधार जैसे महत्वपूर्ण अप्रत्‍यक्ष लाभ भी सामने आए। स्थिरता के परिणाम काफी सकारात्मक रहे, क्योंकि अधिकांश लाभार्थी अर्जित कौशलों का उपयोग करना जारी रखे हुए हैं, आय में दीर्घकालिक वृद्धि की उम्मीद रखते हैं, विकास में पुनर्निवेश कर रहे हैं और सुधारों को स्वतंत्र रूप से बनाए रखने की क्षमता प्रदर्शित कर रहे हैं।

यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी. एल. वर्मा द्वारा आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

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पीके/केसी/आरके


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