औषधि विभाग
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय: औषधि विभाग
प्रविष्टि तिथि:
06 FEB 2026 1:41PM by PIB Delhi
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित दवाओं की संख्या वर्षवार इस प्रकार है:
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वर्ष
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प्रतिबंधित दवाओं की संख्या
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2021
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शून्य
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2022
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शून्य
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2023
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मानव उपयोग के लिए 14 और पशुओं के उपयोग के लिए 02 दवाएँ
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2024
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मानव उपयोग के लिए 157 और पशु उपयोग के लिए 01 दवा
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2025
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01 मानव उपयोग के लिए और 36 पशुओं के उपयोग के लिए दवाएँ
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हालांकि, देश भर के विभिन्न उच्च न्यायालयों में फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) पर प्रतिबंध को चुनौती देते हुए कई रिट याचिकाएं दायर की गईं और न्यायालय ने वितरण नेटवर्क में पहले से मौजूद दवाओं के लिए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।
देश में प्रतिबंधित दवाओं का निर्माण, बिक्री और वितरण ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत दंडनीय अपराध है और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण (एसएलए) ऐसे अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सशक्त हैं।
प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के संबंध में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) में जब भी कोई शिकायत/समस्या प्राप्त होती है, तो आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को राज्य औषधि नियंत्रक के समक्ष उठाया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सूचित किया है कि दवाओं का निर्माण, बिक्री और वितरण औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के तहत विनियमित होता है।
दवाओं के सक्रिय अवयवों की संरचना में किसी भी प्रकार के परिवर्तन के लिए एसएलए से विनिर्माण लाइसेंस प्राप्त करने से पहले सीडीएससीओ से नई दवा की अनुमति लेना आवश्यक है। ऐसे आवेदनों की समीक्षा नई दवा एवं नैदानिक परीक्षण नियम, 2019 के प्रावधानों के आधार पर की जाती है।
इसके अतिरिक्त, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 में जीएसआर संख्या 828(ई) दिनांक 06.11.2019 के माध्यम से संशोधन किया गया, जिसके अनुसार यदि कोई आवेदक किसी औषधि का विपणन किसी ब्रांड नाम या व्यापार नाम के अंतर्गत करना चाहता है, तो उसे लाइसेंसिंग प्राधिकरण को प्रपत्र-51 में एक उपक्रम प्रस्तुत करना होगा। इस उपक्रम में यह प्रमाणित किया जाएगा कि उसके सर्वोत्तम ज्ञान के अनुसार-ट्रेडमार्क रजिस्ट्री में खोज, सीडीएससीओ द्वारा संधारित औषधियों के ब्रांड/व्यापार नामों के केंद्रीय डेटाबेस, भारत में औषधि फॉर्मुलेशन के विवरण संबंधी साहित्य एवं संदर्भ पुस्तकों तथा इंटरनेट के आधार पर- ऐसा या उससे मिलता-जुलता कोई ब्रांड नाम या व्यापार नाम देश में किसी भी औषधि के लिए पहले से विद्यमान नहीं है, और प्रस्तावित ब्रांड नाम या व्यापार नाम से बाज़ार में किसी प्रकार का भ्रम या धोखा उत्पन्न नहीं होगा।
सीडीएससीओ की मंजूरी के बिना सक्रिय अवयवों की संरचना में परिवर्तन के साथ किसी भी दवा के निर्माण/विपणन के संबंध में ऐसी कोई भी शिकायत/समस्या होने पर, औषधि अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित राज्य औषधि नियंत्रक के समक्ष मामला उठाया जाता है।
यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में दी।
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पीके/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2224465)
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