पर्यटन मंत्रालय
भारत में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों का आगमन (आईटीए) 2024 में 20.57 मिलियन तक पहुंच गया, जो बीते वर्ष की तुलना में 8.9% की बढ़ोतरी के साथ आगामी पर्यटन में मजबूत सुधार दर्शाता है
प्रविष्टि तिथि:
05 FEB 2026 3:37PM by PIB Delhi
देश में पर्यटकों का आगमन वीजा सुविधा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मानकों, गुणवत्तापूर्ण पर्यटन अवसंरचना और सेवाओं की उपलब्धता, निर्बाध कनेक्टिविटी आदि जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। भारत में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक आगमन (आईटीए) ने बीते पांच (5) वर्ष में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है और कोविड के पहले वाले स्तरों को पार कर लिया है। 2019 से 2024 तक भारत में आईटीए का विवरण नीचे दिया गया है:
|
वर्ष
|
2019
|
2020
|
2021
|
2022
|
2023
|
2024
|
|
भारत में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आगमन (आईटीए) (मिलियन में)
|
17.91
|
6.33
|
7
|
14.33
|
18.89
|
20.57
|
स्रोत: आव्रजन ब्यूरो
सरकार की ओर से सुरक्षा सुदृढ़ करने, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने और समन्वित पर्यटन प्रचार को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों के चलते विदेशों में भारत की पर्यटन छवि सकारात्मक बनी हुई है। ये तरीके भारत को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में अंतरराष्ट्रीय भरोसे को और मजबूत कर रहे हैं।
विदेशियों के बीच ई-वीजा की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है, जिसका प्रमाण बीते कुछ वर्ष में जारी किए गए ई-वीजा की संख्या में हुई तेज बढ़ोतरी से मिलता है। अभी ई-वीजा की चौदह उपश्रेणियां हैं और यह अब 175 देशों के नागरिकों के लिए 38 निर्देशित हवाई अड्डों, 16 निर्देशित समुद्री बंदरगाहों और 2 भूमि बंदरगाहों के माध्यम से प्रवेश के लिए उपलब्ध है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली (एनएसडब्ल्यूएस) के पोर्टल स्थापित कर सरकार आवेदन प्रक्रिया को सरल बना रही है। पर्यटन मंत्रालय की ओर से आवास इकाइयों, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटन परिवहन ऑपरेटरों, खाद्य एवं पेय इकाइयों, ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटरों, सम्मेलन केंद्रों और पर्यटन सुविधा प्रदाताओं के पंजीकरण/ अनुमोदन/ वर्गीकरण के लिए संचालित पोर्टल राष्ट्रीय एकीकृत आतिथ्य उद्योग डेटाबेस (एनआईडीएचआई+) में पंजीकरण प्रक्रिया को भी एनएसडब्ल्यूएस के साथ एकीकृत कर दिया गया है।
प्रचार गतिविधियां आधिकारिक पर्यटन वेबसाइटों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी सहित डिजिटल और पारंपरिक मीडिया के मिक्स के जरिए की जाती हैं। ‘अतुल्य ! भारत’ अभियान ने भारत की वैश्विक ब्रांड में मौजूदगी को मजबूत किया और विदेशी पर्यटकों के आगमन में शानदार बढ़ोतरी में योगदान दिया।
पर्यटन स्थल के विकास के लिए प्रभावी और पर्याप्त संपर्क व्यवस्था एक महत्वपूर्ण पहलू है। पर्यटन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों और कम प्रसिद्ध/ नए पर्यटन स्थलों, जिनमें उच्च क्षमता है, के लिए हवाई संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है।
पर्यटकों की सुरक्षा मूलतः राज्य का विषय है। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए समर्पित पर्यटन पुलिस की स्थापना हेतु सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के साथ लगातार संपर्क में है। पर्यटकों की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के अंतर्गत, पर्यटन मंत्रालय ने घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए 12 भाषाओं (जिनमें 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं भी शामिल हैं) में 24x7 बहुभाषी पर्यटक हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 1800111363 या शॉर्ट कोड 1363) शुरू की है। यह हेल्पलाइन भारत में यात्रा से संबंधित जानकारी प्रदान करने और भारत में यात्रा के दौरान संकट में फंसे पर्यटकों को उचित मार्गदर्शन देने के लिए मौजूद है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
***
पीके/केसी/एमएम/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2224103)
आगंतुक पटल : 44