जनजातीय कार्य मंत्रालय
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गुजरात एवं तेलंगाना में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 2:13PM by PIB Delhi

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा को बताया कि तेलंगाना और गुजरात में स्वीकृत/कार्यरत एवं निर्माणाधीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का जिलेवार विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों के दौरान तेलंगाना और गुजरात की राज्य सरकारों को क्रमशः 73097.22 लाख रुपये और 59016.51 लाख रुपये की राशि जारी की गई है और उसका उपयोग किया गया है।

कक्षा 6ठी से 12 वीं तक 480 छात्रों की क्षमता वाले 15 एकड़ क्षेत्र में फैले सभी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाओं और खेल सुविधाओं का प्रावधान है। विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्मार्ट बोर्ड और विभिन्न विषयों के लिए लैब उपकरण के अलावा इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।

एन ई एस टी एस ने ई एस एस ई -2023 के माध्यम से 10391 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अपना पहला अभियान चलाया और चुने गए कर्मचारियों को तेलंगाना और गुजरात सहित विभिन्न एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में तैनात किया गया। सीधी भर्ती के अलावा, एन ई एस टी एस ने राज्य सरकारों को डेपुटेशन पर कर्मचारियों को तैनात करने की भी सलाह दी है। इसके अलावा रिक्त पदों को भरने के लिए राज्यों की ई एम आर एस सोसाइटियों को गेस्ट टीचर और नॉन-टीचिंग स्टाफ को आउटसोर्सिंग के आधार पर/स्थानीय स्तर पर नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में कोई रुकावट न आए।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के मौजूदा योजना दिशानिर्देशों के अनुसार, ये विद्यालय उन विकास खंडों में स्थापित किए जाते हैं जहां 2011 की जनगणना के अनुसार 50% से अधिक आबादी अनुसूचित जाति की है और कम से कम 20,000 आदिवासी लोग रहते हैं। इसका उद्देश्य आदिवासी छात्रों को उनके अपने वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के निर्माण में लगने वाला कुल समय संबंधित राज्य सरकार द्वारा बिना किसी व्यवधान वाली ज़मीन उपलब्ध कराए जाने के बाद मैदानी इलाकों के लिए 24 महीने और एल डब्ल्यू ई /पहाड़ी/पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए 30 महीने है। हालांकि बिना किसी व्यवधान वाली ज़मीन की उपलब्धता और वन विभाग से मंजूरी के मुद्दे, साथ ही टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के खाली पद, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के पूरा होने और उनमें शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने में कुछ बाधाएँ हैं। ज़मीन और वन संबंधी मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकों के माध्यम से हल किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में एन ई एस टी एस द्वारा सीधी भर्ती के साथ-साथ राज्य सरकारों को डेपुटेशन या आउटसोर्सिंग पर उन्हें नियुक्त करने का अधिकार देकर टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के खाली पदों के मुद्दे को हल करने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए गए हैं। इन प्रयासों से ई एम आर एस को समय पर चालू करने में मदद मिलेगी।

श्री अरविंद धर्मपुरी और श्री धवल लक्ष्मणभाई पटेल द्वारा लोक सभा में 05.02.2026 को पूछे गए बिना तारांकित प्रश्न संख्या 945 के उत्तर के भाग (A) में उल्लिखित अनुलग्नक, “गुजरात और तेलंगाना में EMRS” के संबंध में।

तेलंगाना और गुजरात में स्वीकृत / कार्यान्वयित /निर्माणाधीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का जिलावार विवरण:

राज्य

जिले का नाम

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्वीकृत  / जमीन उपलब्ध करायी गई

कार्यरत

निर्माण पूरा

निर्माणाधीन

तेलंगाना

अदीलाबाद

3

3

3

 

भद्राद्रीकोठगुडम  

7

7

7

 

कामारेड्डी

1

1

1

 

खम्मम

1

1

1

 

कोमाराम भीम आसिफाबाद

1

1

1

 

महबूबाबाद

5

5

4

1

महबूबनगर

1

1

1

 

नागरकुरनूल

1

1

1

 

निजामाबाद

1

1

1

 

राजन्ना सिरसिला

2

2

2

 

 

कुल

23

23

22

1

    गुजरात

अरवल्ली 

2

2

2

 

बनास काँठा

3

3

2

1

भरूच

2

2

1

1

छोटा उदयपुर

4

4

2

2

दाहोद

7

7

3

4

महिसागर

2

2

1

1

नर्मदा

5

4

2

2

नवसारी

2

2

1

1

पंच महल

1

1

1

 

साबर काँठा

3

3

1

2

सूरत

4

4

2

2

तापी

5

3

3

 

द डँगस

3

3

2

1

वडोदरा

1

1

1

 

वलसाड

3

3

2

1

 

कुल

47

44

26

18

 

 

*****

पीके/केसी/डीटी


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