इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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'सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम' 10 परियोजनाओं की मंजूरी के साथ आगे बढ़ रहा है; आईटी क्षेत्र की आय 283 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ी

प्रविष्टि तिथि: 04 FEB 2026 2:37PM by PIB Delhi

सेमीकंडक्टर विकास रणनीति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के दृष्टिकोण से प्रेरित है। इस रणनीति के भाग के रूप में, भारत डिज़ाइन, निर्माण, असेंबली, परीक्षण, पैकेजिंग और मॉड्यूल निर्माण तक एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का लक्ष्य रखता है।

अर्थव्यवस्था के लिए सेमीकंडक्टर उद्योग की मौलिक प्रकृति के मद्देनजर, सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर एवं डिस्प्ले निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए कुल 76,000 करोड़ रुपये की राशि के साथ 'सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम' शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

  • सरकार ने लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये की निवेश वाली 10 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है, जिनमें 2 फैब और 8 पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं। इन इकाइयों में सीएमओएस (सिलिकॉन) फैब, सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, मेमोरी पैकेजिंग आदि शामिल हैं। ये परियोजनाएं कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं और 4 इकाइयों में प्रायोगिक उत्पादन शुरू हो चुका है।
  • स्टार्टअप्स के माध्यम से 24 चिप डिजाइन परियोजनाओं का समर्थन किया गया है। इनमें से 16 ने टेपआउट पूरा कर लिया है और 13 को वेंचर कैपिटल फंडिंग प्राप्त हुई है।
  • 350 विश्वविद्यालयों को ईडीए टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है, जिनका उपयोग 65 हजार इंजीनियर करते हैं।

अनुमोदित सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधाओं का विवरण अनुलग्नक में है।

सरकार ने ऐसा सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का मूल्यांकन एवं सिफारिश करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) को नोडल एजेंसी के रूप में स्थापित किया है। सेमीकंडक्टर विशेषज्ञों के अलावा, विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधि भी आईएसएम को सलाह देने के अधिकृत हैं।

आईटी क्षेत्र के लिए, भारत सरकार इसके विकास को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है, विशेषकर छोटे शहरों एवं कस्बों में। पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र के प्रदर्शन और 2024-25 के लिए अनुमान, जैसा कि नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ़्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनियों (नैसकॉम) द्वारा प्रकाशित किया गया है, नीचे उल्लेखित है:

(अरब अमेरिकी डॉलर में)

 

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25 ()

निर्यात

152

178

194

214.4

224.4

घरेलू

45

49

51

54.4

58.2

कुल राजस्व

196

227

245

269

283

() = अनुमान

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर क्षेत्र तथा आईटी क्षेत्र में सेवाओं से संबंधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की जानकारी उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा त्रैमासिक एवं वार्षिक आधार पर वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकाशित की जाती है। इसी प्रकार, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के निवेश विवरण भी प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा सार्वजनिक रूप से जारी किए जाते हैं।

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अनुलग्नक

स्वीकृत सेमीकंडक्टर विनिर्माण परियोजनाओं का विवरण:

  1. माइक्रोन टेक्नोलॉजी इंक. गुजरात में 22,516 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। भारत में माइक्रोन का यह संयंत्र डीआरएएम और एनएएनडी दोनों उत्पादों के लिए असेंबली एवं परीक्षण विनिर्माण को सक्षम बनाएगा और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग को पूरा करेगा। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 14 मिलियन यूनिट प्रति सप्ताह है।
  2.  टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) गुजरात में 91,526 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। यह संयंत्र ताइवान की पीएसएमसी के साथ तकनीकी साझेदारी में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना की उत्पादन क्षमता लगभग 50,000 वेफर स्टार्ट प्रति माह (डब्ल्यूएसपीएम) होगी।
  3. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) असम में 27,120 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। यह संयंत्र स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग तकनीकों का उपयोग करेगा और इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 48 मिलियन यूनिट होगी।
  4. सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड गुजरात में 7,584 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। यह संयंत्र अमेरिका की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका इंक. और थाईलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक के साथ संयुक्त उद्यम साझेदारी के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस संयंत्र के लिए प्रौद्योगिकी जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन और थाईलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक द्वारा प्रदान की जाएगी। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 15.07 मिलियन यूनिट प्रतिदिन होगी।
  5. केयन्स टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड (केटीआईएल) गुजरात में 3,307 करोड़ रुपये के निवेश से वायर बॉन्ड इंटरकनेक्ट और सबस्ट्रेट आधारित पैकेज के लिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। इस संयंत्र के लिए प्रौद्योगिकी आईएसओ टेक्नोलॉजी एसडीएन बीएचडी और एओआई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लिमिटेड (एओआई) द्वारा प्रदान की जाएगी। इस संयंत्र की प्रतिदिन 63 लाख से अधिक चिप्स उत्पादन करने की क्षमता होगी।
  6. वामा सुंदरी इन्वेस्टमेंट्स (दिल्ली) प्राइवेट लिमिटेड (वीएसआईपीएल) उत्तर प्रदेश में 3,706 करोड़ रुपये के निवेश से एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। इस संयंत्र में गोल्ड (एयू) बम्प तकनीक का उपयोग करके डिस्प्ले ड्राइवर आईसी (डीडीआईसी) बनाए जाएंगे, साथ ही चिप प्रोबिंग और डाई प्रोसेसिंग सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। यह तकनीक ताइवान की कंपनी होन आई द्वारा प्रदान की जाएगी। यह संयंत्र वीएसआईपीएल और भारत की फॉक्सकॉन के बीच एक संयुक्त उद्यम साझेदारी के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 20,000 वेफर्स प्रति माह/36 मिलियन चिप्स प्रति माह होगी।
  7. 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक. (3डीजीएस) ओडिशा में 1,943 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। यह संयंत्र फ्लिप चिप बॉल ग्रिड ऐरे (एफसीबीजीए) असेंबली, रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम इन पैकेज (आरएफ एसआईपी), एंटीना इन पैकेज सिस्टम इन पैकेज (एआईपीएसआईपी), पैसिव कंपोनेंट्स और सिलिकॉन ब्रिज वाले ग्लास इंटरपोजर और 3डी हेटरोजेनियस इंटीग्रेशन (3डीएचआई) मॉड्यूल जैसे पैकेजित उत्पादों की असेंबली का कार्य करेगा। ग्लास पैनल सबस्ट्रेट उत्पादन, असेंबली और 3डीएचआईI के लिए प्रस्तावित स्थापित क्षमता क्रमशः लगभग 5800 पैनल प्रति माह, 4.20 मिलियन यूनिट प्रति माह और 1100 यूनिट प्रति माह होगी।
  8. सिसेम प्राइवेट लिमिटेड ओडिशा में 2,066 करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। यह संयंत्र एसआईसी फैब्रिकेशन के लिए क्लास-एसआईसी वेफर फैब लिमिटेड और पैकेजिंग के लिए कॉन्टिनेंटल डिवाइस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ तकनीकी साझेदारी में स्थापित किया जाएगा। इसकी उत्पादन क्षमता 5,000 वेफर प्रति माह और पैकेजिंग क्षमता 80 लाख यूनिट प्रति माह होगी।
  9. कॉन्टिनेंटल डिवाइस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (सीडीआईएल) पंजाब में अपने सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र का विस्तार कर रही है, जिसमें 117 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह संयंत्र सिलिकॉन और सिलिकॉन कार्बाइड दोनों में एमओएसएफईटी, आईजीबीटी, शॉटकी बाईपास डायोड और ट्रांजिस्टर जैसे उच्च-शक्ति वाले असतत सेमीकंडक्टर उपकरणों का निर्माण करेगा। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 158.38 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष होगी।
  10. एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (एएसआईपी) आंध्र प्रदेश में 480करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। यह संयंत्र दक्षिण कोरिया की एपीएसीटी कंपनी लिमिटेड के साथ तकनीकी साझेदारी में स्थापित किया जाएगा। इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता लगभग 96 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष होगी।

यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में दी।

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पीके/केसी/एके


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