कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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2024-25 में कृषि जी वी ए में 10.4% की वृद्धि: आरंभिक अनुमान

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 8:16PM by PIB Delhi

कृषि क्षेत्र में सकल मूल्य संवर्धन (जी वी ए) में वर्ष 2024-25 के दौरान शुरुआती अनुमानों के अनुसार 10.4% की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले पाँच वर्षों में फसलों, पशुधन, मत्स्य पालन और बागवानी सहित कृषि और संबंधित क्षेत्रों में सकल मूल्य संवर्धन (जी वी ए) में वर्तमान कीमतों पर दर्ज की गई वृद्धि का प्रतिशत इस प्रकार है:

वर्ष

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25 (आरंभिक अनुमान)

वर्तमान मूल्य पर

10.0

10.6

8.5

9.6

10.4

                                               

स्रोत: राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2025 (वर्ष 2020-21 से 2023-24 के लिए),

PE: अनंतिम अनुमान

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 3577.32 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जो 2023-24 के दौरान हासिल किए गए 3322.98 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन की तुलना में 254.34 लाख मीट्रिक टन अधिक है, जो 7.65% है।

कृषि क्षेत्र के विकास को प्रभावित करने वाले जिन मुख्य घटकों को जांचा और परखा जाता है उसमें शामिल हैं - किसानों की आय, कृषि लागत, जलवायु परिवर्तन, सिंचाई कवरेज, ऋण तक पहुंच और बाजार संपर्क। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो समय-समय पर किए जाने वाले विभिन्न अध्ययनों, अधिकारियों द्वारा क्षेत्र स्तर के दौरों और समय-समय पर होने वाली उच्च-स्तरीय बैठकों और समीक्षाओं के माध्यम से पूरी की जाती है।

सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र की व्यापक वृद्धि के लिए निम्नलिखित एकीकृत रणनीति की पहचान की है:-

(i) फसल उत्पादन/उत्पादकता बढ़ाना

(ii) उत्पादन लागत कम करना

(iii) किसानों की आय बढ़ाने के लिए उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना

(iv) कृषि विविधीकरण

(v) फसल कटाई के बाद मूल्य संवर्धन विकसित करना

(vi) सतत कृषि विकास और फसल नुकसान को कम करने हेतु जलवायु परिवर्तन से अनुकूलन

सरकार ने कृषि और किसान कल्याण विभाग (डी ए एवं एफ डब्ल्यू) के बजट आवंटन को 2013-14 के 21933.50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 1,27,290.16 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके अलावा, सरकार ने 2018-19 से सभी महत्वपूर्ण खरीफ, रबी और अन्य व्यावसायिक फसलों के लिए एम एस पी बढ़ा दी है, जिसमें पूरे भारत में उत्पादन की औसत लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत रिटर्न मिलता है।

सरकार समय-समय पर कृषि और इससे संबंधित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए कई नीतियां, सुधार, विकास कार्यक्रम और योजनाएं लागू की हैं, ताकि उत्पादन बढ़ाकर, लाभकारी रिटर्न देकर और आय सहायता प्रदान करके देश में किसानों का कल्याण सुनिश्चित किया जा सके और उनकी आय बढ़ाई जा सके। इन योजनाओं में समग्र कृषि क्षेत्र को सम्मिलित किया गया है, जिसमें खेती से होने वाली आय, कृषि लागत, जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, सिंचाई कवरेज, ऋण तक किसानों की पहुंच और बाजार संपर्क, बीमा, आय सहायता, बुनियादी ढांचा विकास, बागवानी सहित फसलें, बीज, कृषि यंत्रों के उपयोग में वृद्धि, जैविक और प्राकृतिक खेती, किसानों का एकत्रीकरण, सिंचाई, विस्तार, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से फसलों की खरीद, डिजिटल कृषि आदि शामिल हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डी ए एवं एफ डब्ल्यू) द्वारा लागू की जा रही केंद्रीय क्षेत्र और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की सूची परिशिष्ट में दी गई है।

अनुलग्नक

किसानों के कल्याण हेतु उत्पादन बढ़ाने, लाभकारी रिटर्न और आय सहायता के लिए प्रमुख योजनाएं एवं कार्यक्रम:

1. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन (एन एफ एस एन एम)

2. राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एन एम ई ओ)- पाम ऑयल

3. राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एन एम ई ओ)- तिलहन

4. राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एन एम एन एफ)

5. परंपरागत कृषि विकास योजना (पी के वी वाई)

6. मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता (एस एच एण्ड एफ)

7. वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (आर ए डी)

8. कृषि वनीकरण

9. फसल विविधीकरण कार्यक्रम (सी डी पी)

10. कृषि विस्तार पर उप-मिशन (एस एम ए ई)

11. बीज और रोपण सामग्री पर सब-मिशन (एस एम एस पी)

12. बागवानी के एकीकृत विकास के लिए मिशन (एम आई डी एच)

13. राष्ट्रीय बांस मिशन

14. राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एन बी एच एम)

15. पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य संवर्धन विकास मिशन

16. पर ड्रॉप मोर क्रॉप (पी डी एम सी)

17. कृषि विपणन हेतु एकीकृत योजना (आई एस ए एम)

18. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी एम किसान)

19. प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (पी एम के एम वाई)

20. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पी एम एफ बी वाई) / मौसम आधारित पुनर्गठित फसल

बीमा योजना (आर डब्ल्यू बी सी आई एस)

21. प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पी एम आशा)

22. संशोधित ब्याज छूट योजना (एम आई एस एस)

23. कृषि अवसंरचना कोष (ए आई एफ)

24. 10,000 नए किसान उत्पादक संगठनों (एफ पी ओ) का गठन और प्रचार

25. नमो ड्रोन दीदी

26. स्टार्ट-अप और ग्रामीण उद्यमों के लिए कृषि कोष (एग्री श्योर)

27. कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (एस एम ए एम)

28. डिजिटल कृषि मिशन

यह जानकारी कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।

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पीके/केसी/डीटी


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