सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

हाशिए पर पड़े समुदायों की सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 6:07PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय देश भर में हाशिए पर पड़े और वंचित समुदायों की सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता, स्थायी आजीविका एवं दीर्घकालिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कौशल विकास, शिक्षा तथा पुनर्वास की कई योजनाएं लागू कर रहा है।

प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही योजना (पीएम-दक्ष) केन्द्रीय क्षेत्र की एक योजना है, जो सूचीबद्ध प्रशिक्षण संस्थानों के जरिए अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), विमुक्त जनजातियों (डीएनटी) और सफाई कर्मचारियों, जिसमें कचरा बीनने वाले भी शामिल हैं, को कौशल विकास संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस योजना के तहत, एससी लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) द्वारा, ओबीसी/ईडब्ल्यूएस/डीएनटी लाभार्थियों के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) द्वारा और सफाई कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) द्वारा लागू किया जाता है। वर्ष 2021-22 से 2023-24 के दौरान, पीएम-दक्ष के तहत प्रशिक्षित और नियोजित उम्मीदवारों का राज्य-वार विवरण परिशिष्ट-1 में दिया गया है। वर्ष 2024-25 से, पीएम-दक्ष को कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) में मिला दिया गया है।

मंत्रालय ने लक्षित क्षेत्रों में हाई स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए आवासीय शिक्षा योजना (श्रेष्ठ) और प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के हाशिए पर पड़े समुदायों के शैक्षिक परिणामों पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन किया है। श्रेष्ठ के मूल्यांकन के निष्कर्षों से पता चलता है कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों में बेहतर रिटेंशन, ड्रॉपआउट दरों में कमी, उत्तीर्ण होने की उच्च प्रतिशत, बढ़ी हुई शैक्षिक आकांक्षाएं और जाति एवं लैंगिक आधार पर अंतर में कमी आई है। ओडिशा में, ढेंकनाल और खोरधा जैसे जिलों में उच्च नामांकन, बेहतर रिटेंशन और लगातार उत्तीर्ण होने का उच्च प्रतिशत देखा गया है, खासकर श्रेष्ठ के मोड-II के तहत।

पीएम-अजय की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, छात्रावास घटक [पूर्ववर्ती बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना (बीजेआरसीवाई)] तक पहुंच से उच्च माध्यमिक और कॉलेज शिक्षा में जारी रहने की दरों में वृद्धि हुई है। खासकर लड़कियों में, लंबी और असुरक्षित यात्रा से संबंधित समस्याओं को दूर करके।

श्रेष्ठ के तीसरे पक्ष के मूल्यांकन में देश के छह भौगोलिक क्षेत्रों के 41 जिलों को शामिल किया गया था। दिसंबर 2025 तक, 2023-24 के दौरान देश भर में कुल 15,816 लाभार्थियों को कवर किया गया था, जिनमें से 4,135 विद्यार्थी (26 प्रतिशत) मोड-I के तहत और 11,681 विद्यार्थी (74 प्रतिशत) मोड-II के तहत कवर किए गए थे। नमूना लाभार्थियों का जिला-वार विवरण परिशिष्ट-2 में दिया गया है।

वर्ष 2007-08 से, पीएम-अजय के छात्रावास घटक के तहत, देश भर में 74,749 लाभार्थियों के लिए कुल 911 छात्रावास मंज़ूर किए गए हैं। इनमें से, ओडिशा में 14,634 लाभार्थियों के लिए 177 छात्रावास मंज़ूर किए गए हैं। राज्य-वार मंज़ूर किए गए, पूरे हुए छात्रावास और कवर किए गए लाभार्थियों का विवरण परिशिष्ट-III में दिया गया है।

पीएम-दक्ष के तहत, प्रशिक्षण संस्थानों को कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को वेतन या स्वरोजगार देना अनिवार्य है, ऐसा न करने पर प्रशिक्षण लागत की तीसरी किस्त जारी नहीं की जाएगी। लागू करने वाले निगम योग्य लाभार्थियों को उद्यमिता, परियोजना तैयार करने और रोजगार के लिए लोन सुविधाएं और सहायता भी प्रदान करते हैं। पीएम-दक्ष के मूल्यांकन संबंधी अध्ययन प्रशिक्षण की मजबूत प्रासंगिकता, सीखने की उच्च प्रभावशीलता और सकारात्मक दीर्घकालिक आजीविका संबंधी परिणामों का संकेत देते हैं।

इसके अलावा, मूल्यांकन के निष्कर्षों से पता चलता है कि 90 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने करियर संबंधी लक्ष्यों और स्थानीय श्रम बाजार की जरूरतों के साथ प्रशिक्षण के तालमेल की सूचना दी, साथ ही आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान और सामाजिक पहचान जैसे महत्वपूर्ण गैर-भौतिक लाभ भी हुए। खासकर, महिलाओं और हाशिए पर पड़े समूहों के बीच। स्थिरता के परिणाम काफी हद तक सकारात्मक हैं, अधिकांश लाभार्थी हासिल किए गए कौशल का उपयोग करना जारी रखे हुए हैं और दीर्घकालिक आय में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।

यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री बी. एल. वर्मा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

राज्यवार विवरण- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम

 

वर्ष

2021-22

2022-23

2023-24

 

 राज्य/ केन्द्र-शासित प्रदेश

प्रशिक्षित

नियोजित

प्रशिक्षित

नियोजित

प्रशिक्षित

नियोजित

 

 

 

आंध्र प्रदेश

675

555

429

337

190

40

 

असम

250

171

633

437

1198

637

 

बिहार

1187

897

424

204

841

57

 

चंडीगढ़

0

0

110

78

0

0

 

छत्तीसगढ़

243

181

75

57

153

0

 

दिल्ली

111

60

191

148

143

42

 

गोवा

0

0

100

70

0

0

 

गुजरात

514

404

170

149

266

76

 

हरियाणा

545

409

315

235

669

232

 

हिमाचल प्रदेश

210

142

359

235

300

189

 

जम्मू एवं कश्मीर

270

211

527

352

180

42

 

झारखंड

300

161

230

169

373

30

 

कर्नाटक

843

639

350

272

925

49

 

केरल

313

247

90

66

25

25

 

लद्दाख

0

0

0

0

30

0

 

मध्य प्रदेश

1247

1009

1605

1158

6231

2210

 

महाराष्ट्र

753

531

417

311

3773

1807

 

मणिपुर

109

73

143

92

0

0

 

ओडिशा

555

410

90

70

385

0

 

पुडुचेरी

17

13

0

0

30

0

 

पंजाब

1124

885

1189

907

1038

327

 

राजस्थान

798

597

495

380

2989

438

 

तमिलनाडु

505

398

235

177

1415

469

 

तेलंगाना

279

145

60

51

510

303

 

त्रिपुरा

90

63

80

64

202

16

 

उत्तर प्रदेश

3749

2655

947

667

8144

1897

 

उत्तराखंड

309

206

187

113

570

164

 

पश्चिम बंगाल

1399

1021

923

640

80

60

 

कुल योग

16,395

12,083

10,374

7,439

30,660

9,110

 

परिशिष्ट  1*

राज्यवार विवरण- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम

 

राज्य/ केन्द्र-शासित प्रदेश

2021-22

2022-23

2023-24

 

प्रशिक्षित

नियोजित

प्रशिक्षित

नियोजित

प्रशिक्षित

नियोजित

 

 

आंध्र प्रदेश

653

422

690

85

120

22

 

असम

1332

1013

724

490

1896

232

 

बिहार

1399

848

1400

543

882

536

 

छत्तीसगढ़

390

279

324

237

440

23

 

दिल्ली

179

132

136

100

55

30

 

गोवा

0

 

25

16

0

0

 

गुजरात

854

618

450

297

295

58

 

हरियाणा

419

267

427

257

740

434

 

हिमाचल प्रदेश

120

93

380

241

360

268

 

जम्मू एवं कश्मीर

495

366

446

260

770

445

 

झारखंड

515

362

531

340

415

285

 

लद्दाख

50

21

0

0

30

27

 

कर्नाटक

508

361

260

219

959

123

 

केरल

546

269

263

165

85

77

 

मध्य प्रदेश

1115

854

1289

953

7815

2547

 

महाराष्ट्र

1117

736

364

247

5029

3009

 

मणिपुर

407

309

200

122

0

0

 

मेघालय

30

23

140

100

0

0

 

ओडिशा

413

262

610

507

549

150

 

पुडुचेरी

34

19

0

0

0

0

 

पंजाब

471

326

480

251

839

369

 

राजस्थान

1129

814

799

483

3456

772

 

सिक्किम

155

132

25

18

25

25

 

तमिलनाडु

632

474

347

276

615

515

 

तेलंगाना

441

264

130

46

410

244

 

त्रिपुरा

419

310

210

157

285

22

 

उत्तर प्रदेश

3109

2325

2177

1383

10730

2589

 

उत्तराखंड

180

132

325

198

497

172

 

पश्चिम बंगाल

1044

482

223

166

110

107

 

कुल

18,156

12,513

13,375

8,157

37,407

13,081

 

परिशिष्ट  2*

 

राज्य/ केन्द्र-शासित प्रदेश

2021-22

2022-23

2023-24

प्रशिक्षित

नियोजित

प्रशिक्षित

नियोजित

प्रशिक्षित

नियोजित

आंध्र प्रदेश

839

 

850

 

15

0

असम

488

101

 

0

539

114

बिहार

446

97

216

 

390

0

छत्तीसगढ़

377

115

242

 

 

0

दिल्ली

47

 

 

0

 

0

गुजरात

415

 

290

 

62

24

हरियाणा

 

0

728

 

479

317

हिमाचल प्रदेश

568

 

 

0

225

168

जम्मू एवं कश्मीर

0

0

319

 

90

77

झारखंड

426

297

29

 

320

22

कर्नाटक

 

0

180

134

210

0

केरल

 

0

 

0

88

72

मध्य प्रदेश

898

167

1328

155

3146

889

महाराष्ट्र

93

26

480

71

1244

125

ओडिशा

49

42

604

275

298

55

पंजाब

782

295

1215

123

245

133

राजस्थान

 

0

89

56

1489

392

तमिलनाडु

 

0

429

 

110

27

तेलंगाना

 

0

676

145

135

0

त्रिपुरा

 

0

180

111

 

0

उत्तर प्रदेश

929

647

1043

762

2430

236

उत्तराखंड

190

93

 

0

180

0

पश्चिम बंगाल

904

94

374

163

423

51

कुल

7,451

1,974

9,272

1,995

12,118

2,702

 

राज्यवार विवरण-राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम

परिशिष्ट  3*


श्रेष्ठ योजना के तहत नमूना लाभार्थियों का जिला-वार विवरण:

क्र. सं.

राज्य/ केन्द्र-शासित प्रदेश

मंजूर किए गए छात्रावासों की कुल संख्या

पूरे हुए छात्रावासों की संख्या

लाभार्थियों की संख्या

1

आंध्र प्रदेश *

33

5

3265

2

असम

44

36

2924

3

बिहार *

19

16

1890

4

छत्तीसगढ़

48

46

2420

5

गुजरात

17

17

3270

6

हरियाणा

17

14

1860

7

हिमाचल प्रदेश *

9

7

1125

8

जम्मू एवं कश्मीर

5

4

400

9

झारखंड

21

16

1450

10

कर्नाटक

45

35

3136

11

केरल

9

9

730

12

मध्य प्रदेश

87

77

6650

13

महाराष्ट्र *

59

55

5273

14

मणिपुर

24

16

2155

15

मिजोरम

3

0

450

16

नागालैंड

9

0

1350

17

ओडिशा *

177

169

14834

18

पुडुचेरी

4

2

500

19

पंजाब

15

15

1226

20

राजस्थान

105

101

4475

21

सिक्किम

6

4

600

22

तमिलनाडु

50

47

4641

23

तेलंगाना

11

4

1500

24

त्रिपुरा

8

5

520

25

उत्तर प्रदेश

32

24

2734

26

उत्तराखंड *

6

2

350

27

पश्चिम बंगाल

48

48

5021

 

कुल

911

774

74749

परिशिष्ट4*

पीएम-अजय योजना के तहत राज्य-वार स्वीकृत छात्रावास का विवरण और पूरा होने की स्थिति (2007-08 से 2024-25 तक)

क्र. सं.

राज्य/ केन्द्र-शासित प्रदेश

मंजूर किए गए छात्रावासों की कुल संख्या

पूरे हुए छात्रावासों की संख्या

लाभार्थियों की संख्या

1

आंध्र प्रदेश *

33

5

3265

2

असम

44

36

2924

3

बिहार *

19

16

1890

4

छत्तीसगढ़

48

46

2420

5

गुजरात

17

17

3270

6

हरियाणा

17

14

1860

7

हिमाचल प्रदेश *

9

7

1125

8

जम्मू एवं कश्मीर

5

4

400

9

झारखंड

21

16

1450

10

कर्नाटक

45

35

3136

11

केरल

9

9

730

12

मध्य प्रदेश

87

77

6650

13

महाराष्ट्र *

59

55

5273

14

मणिपुर

24

16

2155

15

मिजोरम

3

0

450

16

नागालैंड

9

0

1350

17

ओडिशा*

177

169

14834

18

पुडुचेरी

4

2

500

19

पंजाब

15

15

1226

20

राजस्थान

105

101

4475

21

सिक्किम

6

4

600

22

तमिलनाडु

50

47

4641

23

तेलंगाना

11

4

1500

24

त्रिपुरा

8

5

520

25

उत्तर प्रदेश

32

24

2734

26

उत्तराखंड*

6

2

350

27

पश्चिम बंगाल

48

48

5021

 

कुल

911

774

74749

*आंध्र प्रदेश में 3 छात्रावास, बिहार में 3 छात्रावास, हिमाचल प्रदेश में 2 छात्रावास, ओडिशा में 2 छात्रावास, उत्तराखंड में 1 छात्रावास और महाराष्ट्र में 4 छात्रावास रद्द कर दिए गए हैं और संबंधित राज्य सरकारों ने डीडी के जरिए उनका पैसा वापस कर दिया है।

परिशिष्ट 5*

***

पीके/केसी/आर


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