भारी उद्योग मंत्रालय
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इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 4:42PM by PIB Delhi

सरकार त्रिपुरा राज्य सहित पूरे देश में, इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके चार्जिंग स्टेशन  को बढ़ावा देने के लिए इन योजनाओं को लागू कर रही है:

  1. भारत में इलेक्ट्रिक (और हाइब्रिड) वाहनों का तेजी से अपनाना और विनिर्माण' (फेम इंडिया) योजना: फेम इंडिया योजना का दूसरा चरण 5 वर्ष की अवधि के लिए लागू किया गया था, यानी 01.04.2019 से 31.03.2024 तक, जिसका कुल परिव्यय  11,500 करोड़ रुपये था।
  2. भारत में ऑटोमोबाइल और ऑटो उद्योग के लिए उत्पादन आधारित  प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना(पीएलआई-ऑटो): सरकार ने 23.09.2021 को भारत में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य 25,938 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ 'उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी' उत्पादों के लिए भारत की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाना है। इस  योजना में ईवी सहित उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें न्यूनतम 50% घरेलू मूल्य संवर्धन अनिवार्य है। इसका उद्देश्य ऑटोमोटिव विनिर्माण मूल्य श्रृंखला  में निवेश को आकर्षित करना भी है।
  3. नेशनल प्रोग्राम ऑन एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी स्टोरेज पर उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना: सरकार ने 12.05.2021 को 18,100 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ देश में एसीसी के विनिर्माण के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दी। इस योजना का लक्ष्य 50 गीगावाट ऑवर की एसीसी  बैटरी के लिए एक प्रतिस्पर्धी घरेलू विनिर्माण इकोसिस्टम स्थापित करना है।
  4. पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना: 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली यह योजना 01.04.2024 से 31.03.2028 तक लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य ई-दोपहिया, ई-तिपहिया, ई-ट्रक, ई-बस और ई-एम्बुलेंस सहित इलेक्ट्रिक वाहनों को सहायता प्रदान करना है। इस योजना में ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए सहायता और परीक्षण एजेंसियों  का अपग्रेडेशन  भी शामिल है। इस योजना के तहत, ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू (ई-रिक्शा और ई-कार्ट), ई-3डब्ल्यू (एल5), ई-ट्रक और ई-एम्बुलेंस के खरीदारों (उपभोक्ताओं/अंतिम उपयोगकर्ताओं) को इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद के समय अग्रिम मूल्य कटौती के रूप में मांग प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
  5. पीएम ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (पीएसएम) योजना: 28.10.2024 को अधिसूचित इस योजना का परिव्यय 3,435.33 करोड़ रुपये है और इसका लक्ष्य 38,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए सहायता देना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (पीटीए) द्वारा भुगतान में चूक होने की स्थिति में ई-बस ऑपरेटरों को भुगतान सुरक्षा प्रदान करना है।
  6. भारत में इलेक्ट्रिक यात्री कारों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना (एसपीएमईपीसीआई): भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना को 15.03.2024 को अधिसूचित किया गया था।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर:

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना एक लाइसेंस-मुक्त गतिविधि है और निजी उद्यमी भी इस गतिविधि में भाग ले सकते हैं। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों सहित ईवी चार्जिंग को बेहतर  करने के लिए 17.09.2024 को "इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना और संचालन के लिए दिशानिर्देश–2024" जारी किए। ये दिशानिर्देश बैटरी-स्वैपिंग (बैटरी बदलने वाले) स्टेशनों को शामिल करके एक जुड़े हुए और परस्पर संचालित होने वाले चार्जिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देते हैं।

त्रिपुरा सहित अखिल भारतीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन(ईवी पीसीएस) स्थापित करने के लिए फेम-II  योजना के तहत 912.50 करोड़ रुपये और पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

सरकार उपरोक्त योजनाओं—अर्थात फेम-II, पीएलआई ऑटो, पीएलआई एसीसी, पीएम ई-ड्राइव योजना और एसपीएमईपीसीआई के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सब्सिडी/प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। फेम-II योजना, पीएम ई-ड्राइव और पीएलआई ऑटो योजना के तहत 26.01.2026 तक प्रदान की गई सब्सिडी/प्रोत्साहन का विवरण इस प्रकार है:-

फेम।।

श्रेणी

 

प्रोत्साहन दिए गए वाहनों की संख्या

प्रोत्साहन वितरित (करोड़ रुपए)

2पहिया

14,28,882

4911.81

3हिया

 

1,64,718

1109.86

4पहिया

22,615

536.52

कुल

16,16,215

6558.19

 

इसके अतिरिक्त, फेम-II योजना में राज्य परिवहन उपक्रमों (एसटीयू)/सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (पीटीए) की 6,862 ई-बसों और 912.50 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 9,159 ईवी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों (ईवी पीसीएस) के लिए अनुदान भी शामिल है।

भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किसी भी योजना में अलग से कोई राज्य-वार आवंटन  नहीं किया गया है।

फेम।। योजना के अंतर्गत श्रेणियां

2पहिया

3हिया

4पहिया

कुल

त्रिपुरा में समर्थित वाहनों की संख्या

234

7522

7

7763

 

फेम-II योजना के तहत त्रिपुरा राज्य में 4 इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन  स्थापित किए गए हैं।

पीएम ड्राइव

तालिका: पीएम ड्राइव योजना के अंतर्गत प्रदान की गई कुल सबसिडी का विस्तृत विवरण

01.04.2024 से 27.01.2026 तक

श्रेणियां

योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन के लिए वाहनों की लक्षित संख्या

प्रोत्साहन दिए गए वाहनों की संख्या

निर्धारित रकम (करोड़ रुपए)

प्रोत्साहन वितरित (करोड़ रुपए)

2पहिया

24,79,120

14,31,067

1,772

1,177.24

3हिया (ईरिक्शा और कार्ट)

39,034

3,602

50

5.80

3हिया (एल5)

1,88,809

2,21,600

857

668.92

कुल

28,06, 963

16,56,269

2,679

1,851.97

 

पीएम ई-ड्राइव योजना में निम्नलिखित के लिए भी सहायता शामिल है:

                                   

घटक

लक्ष्य संख्या

परिव्यय

(करोड़ रुपये)

ई-ट्रक

5,643

500

ई-एम्बुलेंस

-

500

ई-बसें

14,028

4,391

ईवीपीसीएस

-

2,000

टेस्टिंग सुविधाओं का अपग्रेडेशन

-

780

कुल

 

8,171

 

पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत दो चरणों में कुल 13,800 ई-बसों का आवंटन किया गया है, जिन्हें 40 लाख से अधिक आबादी वाले 7 शहरों—बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत—में तैनात किया जाएगा। ई-बस तैनाती के पहले चरण  के तहत 10,900 ई-बसों के लिए निविदा की प्रक्रिया सीईएसएल द्वारा पहले ही पूरी की जा चुकी है। दूसरे चरण के तहत 2,900 ई-बसों के लिए सीईएसएल द्वारा 09.01.2026 को निविदा जारी की गई है।

Table

पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत घटक 

ई-2डब्ल्यू

 

ई-3डब्ल्यू, (ई-रिक्शा और ई-कार्ट) ई-3डब्ल्यू (एल 5)

कुल

त्रिपुरा में सहायता प्राप्त वाहनों की संख्या

526

11,261

11,787

 

पीएलआई ऑटो योजना के तहत, 26.01.2026 तक स्वीकृत आवेदकों को कुल 2,377.56 करोड़ रुपये का संचयी प्रोत्साहन वितरित किया गया है, जिसमें से 2,319.88 करोड़ रुपये ईवी निर्माताओं (ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-4डब्ल्यू और ई-बस) को वितरित किए गए हैं। इस योजना के तहत प्रोत्साहन का कोई राज्य-वार आवंटन नहीं है।

यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर  में दी।

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पीके/केसी/एसके/डीए

 


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