विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
नवीन पर्यावरण-अनुकूल, स्वयं-संचालित फोटोडिटेक्टर उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए उपयोगी हो सकता है
प्रविष्टि तिथि:
03 FEB 2026 5:11PM by PIB Delhi
एक नवीन सीसा-रहित, पर्यावरण-अनुकूल फोटोडिटेक्टर, जो स्वयं-संचालित परिचालन के साथ मजबूत और स्थिर प्रदर्शन प्रदान करता है, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक निगरानी, सुरक्षा प्रणाली और जैव-चिकित्सा इमेजिंग के लिए उपयोगी हो सकता है।
आधुनिक कैमरे, पर्यावरण सेंसर और स्मार्ट वियरेबल्स (पहने जाने योग्य स्मार्ट उपकरण) फोटोडिटेक्टर - प्रकाश को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करने वाले उपकरण - पर निर्भर करते हैं। इनके कई उच्च-प्रदर्शन वाले संस्करण वर्तमान में सीसा-आधारित पेरोव्स्काइट्स का उपयोग करते हैं, जो विषाक्तता संबंधी चिंता पैदा करते हैं और वास्तविक परिस्थितियों में आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं
इस चुनौती को देखते हुए, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान, इंटरनेशनल एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मैटॅलर्जी एंड न्यू मैटीरियल्स (एआरसीआई, हैदराबाद) के शोधकर्ताओं ने आईआईटी हैदराबाद के सहयोग से एक सीसा-रहित, पर्यावरण-अनुकूल फोटोडिटेक्टर विकसित किया है, जो डबल पेरोव्स्काइट Cs₂AgBiBr₆ पर आधारित है और मजबूत तथा स्थिर प्रदर्शन प्रदान करता है
पारंपरिक डिज़ाइनों के विपरीत, जो महंगे धातु संपर्कों और अतिरिक्त होल-ट्रांसपोर्ट परतों पर निर्भर करते हैं और अक्सर ग्लवबॉक्स या वैक्यूम निर्माण उपकरण के उपयोग को अनिवार्य कर देते हैं, यह उपकरण होल ट्रांसपोर्ट सामग्री (एचटीएम)–रहित है, कम लागत वाले कार्बन इलेक्ट्रोड का उपयोग करता है, और पूरी तरह से कमरे के तापमान पर सरल एक-चरणीय कोटिंग विधि से निर्मित किया गया है। उपकरण का आर्किटैक्ट स्वाभाविक रूप से प्रभावी चार्ज पृथक्करण का समर्थन करता है, जिससे किसी भी बाहरी वोल्टेज के बिना स्वयं-संचालित परिचालन सक्षम होता है।
Cs₂AgBiBr₆ फोटोडिटेक्टर दृश्य प्रकाश पर मजबूत प्रतिक्रिया प्रदर्शित करता है और व्यावहारिक संचालन परिस्थितियों में उत्कृष्ट विश्वसनीयता दिखाता है। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, उपकरण लगातार ऑन और ऑफ़ स्विचिंग व्यवहार प्रदर्शित करता है और 60 दिनों के भंडारण के बाद भी अपने प्रदर्शन का 90% से अधिक बनाए रखता है। यह मापन सामान्य कमरे की परिस्थितियों (25-35 °C और 35-50% सापेक्ष आर्द्रता) में किए गए थे। 60 दिनों से पहले और बाद के प्रदर्शन वक्रों का निकट ओवरलैप इसकी दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता की पुष्टि करता है।
सीसा-रहित सामग्री प्रणाली, सरल सामान्य-परिस्थिति में प्रोसैस हुई फैब्रिकेशन, कम लागत वाले घटक और मजबूत संचालन स्थिरता का संयोजन इस प्रौद्योगिकी को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक निगरानी, सुरक्षा प्रणाली और जैव-चिकित्सा इमेजिंग के लिए अत्यंत आकर्षक बनाता है। यह भारत के स्थायी सामग्री, हरित निर्माण और अगली-पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लक्ष्यों के भी अनुरूप है।

पर्यावरण-अनुकूल फोटोडिटेक्टर उपकरणों की रूपरेखा, जिन्हें विभिन्न त्वरित परीक्षणों में परखा गया और उनकी स्थिरता प्रमाणित हुई (बायाँ पैनल)। नव-निर्मित फोटोडिटेक्टर उपकरण और 60 दिन पुराने फोटोडिटेक्टर उपकरण की फोटो-प्रतिक्रिया की तुलना (दायाँ पैनल)।
इस कार्य को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा समर्थन प्राप्त था, और इसे सोलर एनर्जी (एल्सेवियर) में, “एंबियंट-प्रोसेस्ड लीड-फ्री Cs₂AgBiBr₆ फोटोडिटेक्टर विद लॉन्ग-टर्म एनवायर्नमेंटल स्टेबिलिटी एंड सेल्फ-पॉवर्ड ऑपरेशन” शीर्षक के साथ प्रकाशित किया गया है।
पब्लिकेशन लिंक: https://doi.org/10.1016/j.solener.2024.112989
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पीके/केसी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2222756)
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