औषधि विभाग
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कुशीनगर में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र खोले गए

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 2:47PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत 31 दिसम्‍बर, 2025 तक कुशीनगर जिले में 86 जनऔषधि केंद्र (जेएके) खोले जा चुके हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कुशीनगर में स्थित इन केंद्रों ने 5.12 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की है, जिससे नागरिकों को लगभग 20 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत हुई है।

वर्तमान में जिले की प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पीएसीएस) श्रेणी के अंतर्गत कोई भी जेएके नहीं खोला गया है।

आपूर्ति में किसी भी कमी को दूर करने और इन केंद्रों पर उत्पादों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस योजना की कार्यान्‍वयन एजेंसी भारतीय फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस ब्यूरो (पीएमबीआई) द्वारा निम्नलिखित उपाय किए हैं:

  1. एक संपूर्ण सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें वर्तमान में देश भर में पांच गोदाम और 41 वितरक शामिल हैं।
  2. सितंबर 2024 से जेएके द्वारा 200 आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं का स्टॉक रखने पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिसमें उत्पाद बास्केट में सबसे अधिक बिकने वाली 100 दवाएं और बाजार में सबसे तेजी से बिकने वाली 100 दवाएं शामिल हैं, जिसके तहत जेएके के मालिक इन दवाओं के अपने द्वारा रखे गए स्टॉक के आधार पर मासिक प्रोत्साहन के पात्र हैं।
  3. इसके अलावा, सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पीएमबीआई द्वारा 400 तेजी से बिकने वाले उत्पादों की नियमित निगरानी की जाती है और इनकी मांग का निरंतर पूर्वानुमान लगाया जाता है। साथ ही, खरीद प्रक्रिया को स्वचालन के माध्यम से बेहतर बनाने के लिए पूर्वानुमान पद्धति को डिजिटाइज़ करने के कदम उठाए गए हैं।

जनऔषधि केंद्र व्यक्तिगत उद्यमियों, गैर-सरकारी संगठनों, समितियों, ट्रस्टों, फर्मों, निजी कंपनियों आदि से आवेदन आमंत्रित करके खोले जाते हैं। इसके लिए योजना की वेबसाइट (www.janaushadhi.gov.in) के माध्यम से देश भर में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जनऔषधि योजना की पहुंच नागरिकों तक बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने मार्च 2027 तक देश भर में इन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25,000 करने का लक्ष्य रखा है।

इसके अलावा, औषधि विभाग समय-समय पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों और जिला प्रशासन से इस योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने और ब्लॉक मुख्यालयों सहित सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जन औषधि केंद्र (जेएके) खोलने के लिए किराया-मुक्त स्थान प्रदान कराने का अनुरोध करता है।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक लिखित उत्‍तर में दी।

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पीके/केसी/आईएम/केके


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