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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
150 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं पर फ्लैश रिपोर्ट
पीएआईएमएएनए के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं की बेहतर निगरानी के साथ अवसंरचना उत्कृष्टता
प्रविष्टि तिथि:
29 JAN 2026 4:00PM by PIB Delhi
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र अवसंरचना परियोजनाओं की अनिवार्य निगरानी के लिए ऑनलाइन कम्प्यूटरीकृत निगरानी प्रणाली ओसीएमएस-2006 के स्थान पर राष्ट्र निर्माण के लिए परियोजना मूल्यांकन, अवसंरचना निगरानी एवं विश्लेषण (पीएआईएमएएनए) पोर्टल शुरू किया है। “एक डेटा, एक प्रविष्टि” के सिद्धांत के अनुरूप, पीएआईएमएएनए को डीपीआईआईटी के एकीकृत परियोजना निगरानी पोर्टल (आईपीएम/आईआईजी-पीएमजी) के साथ एपीआई के माध्यम से एकीकृत किया गया है, जिससे केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा आईपीएमपी पर रिपोर्ट की गई जानकारी का स्वचालित प्रवाह सुनिश्चित होता है। इस एकीकरण से मैन्युअल डेटा प्रविष्टि में काफी कमी आई है, पीएआईएमएएनए पर लगभग 60 प्रतिशत परियोजनाएं अपडेट हो रही हैं, जिससे सरकार को अवसंरचना परियोजना निगरानी को मानकीकृत और कुशल बनाने में मदद मिल रही है।
पीएआईएमएएनए पोर्टल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय भंडार के रूप में कार्य करता है, जिससे वेब-आधारित विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार की जा सकती हैं और डेटा की सटीकता तथा परिचालन दक्षता में सुधार होता है। पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं में उन्नत डेटा विश्लेषण, भूमिका-आधारित उपयोगकर्ता पहुंच, इंटरैक्टिव डैशबोर्ड, रिपोर्टिंग और क्वेरी मॉड्यूल, और डेटा कमियों की पहचान के लिए समीक्षा मामले शामिल हैं, जिससे डेटा की गुणवत्ता में सुधार और सूचित निर्णय लेने में सहायता मिलती है। पीएआईएमएएनए का संचालन 20 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, डीईए और डीपीआईआईटी के साथ व्यापक समन्वय से किया गया है, जिसमें परियोजना मैपिंग, डेटा माइग्रेशन, विश्लेषण और सत्यापन शामिल हैं।
पोर्टल को अपनाने के बाद, आईपीएमपी डेटाबेस के व्यापक डेटा शुद्धिकरण का कार्य चल रहा है साथ ही अधिक हितधारकों को जोड़ने और पुराने एवं नए स्वीकृत परियोजनाओं को शामिल करने के निरंतर प्रयास जारी हैं। वर्तमान में, 1,392 चालू अवसंरचना परियोजनाएं पीएआईएमएएनए पोर्टल पर जोड़ी जा चुकी हैं और हितधारकों तथा परियोजनाओं को जोड़ने का कार्य जारी है।
2. मुख्य विशेषताएं
- दिसंबर 2025 तक, 17 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में चल रही 35.10 लाख करोड़ की संशोधित लागत की 1392 अवसंरचना परियोजनाओं की जानकारी पीएआईएमएएनए पोर्टल पर उपलब्ध है।
- दिसंबर 2025 तक इन परियोजनाओं पर कुल व्यय 19.01 लाख करोड़ रुपये है।
- चल रही 1,392 अवसंरचना परियोजनाओं में से 469 (~33प्रतिशत ) ने 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर ली है, जबकि 221 (~16 प्रतिशत) ने 80 प्रतिशत वित्तीय पूर्णता को पार कर लिया है, परियोजनाओं का एक बड़ा हिस्सा कार्यान्वयन के उन्नत चरण में है।
- आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) की अद्यतन सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सबसे अधिक जारी परियोजनाएं (896) हैं , जिनका संशोधित अनुमान 17.70 लाख करोड़ रुपये है, जो संपर्क संचालित बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता पर जोर देता है ।
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- वर्तमान में जारी 1392 अवसंरचना परियोजनाओं में 585 मेगा परियोजनाएं (परियोजना लागत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक) शामिल हैं , जिनकी संशोधित लागत 31.44 लाख करोड़ रुपये है और 807 प्रमुख परियोजनाएं (परियोजना लागत 1,000 करोड़ रुपये से कम और 150 करोड़ रुपये तक) शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 3.66 लाख करोड़ रुपये है।
- दिसंबर 2025 तक 1392 परियोजनाओं पर किया गया संचयी व्यय 19.01 लाख करोड़ रुपये है, जो संशोधित परियोजना लागत का लगभग 54.1 प्रतिशत है।
- भौतिक और वित्तीय प्रगति मोटे तौर पर साथ-साथ चलती है, जिसमें बड़ी संख्या में परियोजनाएं प्रारंभिक (0-20 प्रतिशत) और उन्नत (81-100 प्रतिशत) चरणों में केंद्रित हैं, जो कई पूर्ण होने के करीब पहुंच चुकी परियोजनाओं के साथ-साथ नई शुरू हुई परियोजनाओं की एक श्रृंखला को दर्शाती हैं। जबकि 81-100 प्रतिशत के दायरे में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से अधिक है, प्रारंभिक चरणों में वित्तीय प्रगति अपेक्षाकृत अधिक है, जो परियोजना कार्यान्वयन में अग्रिम व्यय पैटर्न को दर्शाती है।

3. मंत्रालय/विभागवार अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे अधिक परियोजनाएं हैं, जिनमें 584 परियोजनाएं (42 प्रतिशत) और कुल परियोजना लागत के 5.38 लाख करोड़ रुपये (15 प्रतिशत) का हिस्सा राष्ट्रीय अवसंरचना विकास में इसकी केंद्रीय भूमिका को उजागर करता है।
- रेल मंत्रालय 249 परियोजनाओं (18 प्रतिशत) को कार्यान्वित कर रहा है, और कुल परियोजना लागत में सबसे बड़ा हिस्सा यानी 8.53 लाख करोड़ रुपये (24 प्रतिशत) का भी मंत्रालय ही वहन करता है।
- कोयला मंत्रालय 123 परियोजनाओं (9 प्रतिशत) के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है, जिनकी कुल परियोजना लागत 2.14 लाख करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) है।
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग क्रमशः 111, 94, 53 और 47 परियोजनाओं को कार्यान्वित कर रहे हैं, जिनकी संबद्ध लागत क्रमशः 5.03 लाख करोड़ रुपये, 4.44 लाख करोड़ रुपये, 3.73 लाख करोड़ रुपये और 1.98 लाख करोड़ रुपये है।
- शेष 131 परियोजनाएं (9 प्रतिशत), जिनकी कुल लागत 3.90 लाख करोड़ रुपये (11 प्रतिशत) है, उच्च शिक्षा, नागर विमानन, इस्पात, दूरसंचार, श्रम एवं रोजगार, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खान, डीपीआईआईटी और खेल सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों को आवंटित हैं। (परिशिष्ट I देखें)

4. क्षेत्रवार (डीईए की आधारभूत संरचनाओं की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार) आधारभूत संरचनाओं की परियोजनाओं की प्रगति
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्रमुख क्षेत्र बना हुआ है, जो 896 परियोजनाओं (कुल परियोजनाओं का 65 प्रतिशत) में कुल संशोधित परियोजना लागत (17.70 लाख करोड़ रुपये) का 50 प्रतिशत हिस्सा है, जो आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सड़कों तथा राजमार्गों, रेलवे, विमानन, शहरी सार्वजनिक परिवहन, जहाजरानी और अंतर्देशीय जलमार्गों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
- ऊर्जा क्षेत्र 211 परियोजनाओं में कुल संशोधित लागत (10.00 लाख करोड़ रुपये) का 29 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसमें तेल और गैस अवसंरचना, बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण नेटवर्क तथा ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर निरंतर जोर दिया गया है।
- संचार अवसंरचना में शामिल 2.74 लाख करोड़ रुपये (8 प्रतिशत) लागत की 14 परियोजनाएं, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य का प्रतिनिधित्व करती है।
- जल एवं स्वच्छता की 70 परियोजनाओं में 2.03 लाख करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) का निवेश किया गया है, जो आवश्यक शहरी सेवाओं पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।
- सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना में 0.72 लाख करोड़ रुपये (2 प्रतिशत) की संशोधित लागत की 58 परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट और पर्यटन, आतिथ्य और कल्याण में चुनिंदा निवेश को दर्शाती है।
- 'अन्य' श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत 143 परियोजनाओं में कुल 1.91 लाख करोड़ रुपये (5 प्रतिशत) की परियोजनाएं कोयला, इस्पात, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में विविधीकरण को दर्शाती हैं। (परिशिष्ट II देखें)

5. पूर्ण और जोड़ी गई नई परियोजनाएं
- दिसंबर 2025 के दौरान, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 17 परियोजनाओं में 100 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। प्रमुख परियोजनाओं में खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट (कुल व्यय 12,888 करोड़ रुपये) और बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना (5,523 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
- दिसंबर 2025 के दौरान 20 परियोजनाएं कार्यान्वयन (यूआई) चरण में पहुंच गईं और पीएआईएमएएनए की निगरानी में आ गईं। इनमें से 11 रेल मंत्रालय की हैं; 3-3 परियोजनाएं कोयला मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की हैं तथा 3 परियोजनाएं अन्य मंत्रालयों/विभागों की हैं।
- इनमें प्रमुख रेलवे परियोजनाएं शामिल हैं, जैसे कि फुरकटिंग-न्यू तिनसुकिया लाइन (194 किमी, 3,633 करोड़ रुपये), गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी लाइन (84 किमी, 2,222 करोड़ रुपये), और देवभूमि द्वारका (ओखा)-कनालस दोहरीकरण परियोजना (1,456 करोड़ रुपये), जिसकी समयसीमा वर्ष 2030 है।
- अन्य प्रमुख परियोजनाओं में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत पुणे मेट्रो चरण-2, लाइन-4 और स्पूर लाइन 4ए (9,857 करोड़ रुपये) तथा नागर विमानन मंत्रालय के अंतर्गत राजस्थान के कोटा जिले के बूंदी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा (1,507 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
इन सभी परियोजनाओं को वर्ष 2025 में मंजूरी दी गई थी, जिससे राष्ट्रीय अवसंरचना निगरानी प्रणाली की पहुंच और व्यापकता को और अधिक मजबूती मिली।
6. प्रेस विज्ञप्ति की अगली तिथि: जनवरी 2026 माह की फ्लैश रिपोर्ट 25 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी ।
नोट: यह प्रेस विज्ञप्ति केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं (150 करोड़ रुपये और उससे अधिक) पर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की फ्लैश रिपोर्ट (दिसंबर 2025) के मुख्य बिंदुओं का सारांश प्रस्तुत करती है, जो मंत्रालय के लिंक https://www.ipm.mospi.gov.in/ और क्यूआर कोड पर उपलब्ध है।

अनुलग्नक 1
केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की मंत्रालय/विभागवार प्रगति
|
क्रमांक
|
मंत्रालय/विभाग
|
परियोजनाओं की संख्या
|
संशोधित लागत
(हजार करोड़ रुपये)
|
संचयी व्यय (हजार करोड़ रुपये)
|
|
1
|
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
|
584
|
537.8
|
186.0
|
|
2
|
रेल मंत्रालय
|
249
|
852.6
|
686.2
|
|
3
|
कोयला मंत्रालय
|
123
|
214.4
|
75.9
|
|
4
|
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
|
111
|
502.6
|
287.8
|
|
5
|
विद्युत मंत्रालय
|
94
|
443.5
|
184.3
|
|
6
|
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
|
53
|
372.6
|
207.8
|
|
7
|
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण
|
47
|
197.6
|
142.3
|
|
8
|
उच्च शिक्षा विभाग
|
28
|
14.3
|
7.7
|
|
9
|
नागर विमानन मंत्रालय
|
25
|
22.5
|
9.3
|
|
10
|
इस्पात मंत्रालय
|
20
|
23.2
|
8.8
|
|
11
|
दूरसंचार विभाग
|
14
|
274.0
|
77.2
|
|
12
|
श्रम और रोजगार मंत्रालय
|
13
|
3.5
|
1.9
|
|
13
|
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
|
13
|
22.5
|
13.8
|
|
14
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
|
8
|
14.5
|
4.1
|
|
15
|
खान मंत्रालय
|
7
|
11.0
|
6.9
|
|
16
|
उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग
|
2
|
3.8
|
0.8
|
|
17
|
खेल विभाग
|
1
|
0.6
|
0.6
|
|
|
कुल
|
1392
|
3510.9
|
1901.2
|
अनुलग्नक II
केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की क्षेत्रवार प्रगति (डीईए की अवसंरचना की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार)
|
क्रमांक
|
एचएमएल श्रेणी
|
परियोजनाओं की संख्या
|
संशोधित लागत (हजार करोड़ रुपये)
|
संचयी व्यय (हजार करोड़ रुपये)
|
|
1
|
परिवहन और लॉजिस्टिक्स
|
896
|
1,770.2
|
1,100.2
|
|
2
|
ऊर्जा
|
211
|
1,000.2
|
497.8
|
|
3
|
जल एवं स्वच्छता
|
70
|
203.3
|
146.4
|
|
4
|
संचार
|
14
|
274.0
|
77.2
|
|
5
|
सामाजिक और वाणिज्यिक
|
58
|
72.3
|
15.6
|
|
6
|
अन्य
|
143
|
190.9
|
64.0
|
***
पीके/केसी/जेके/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2220894)
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