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ग्रामीण और दूरदराज वाले क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन

प्रविष्टि तिथि: 29 JAN 2026 6:28PM by PIB Delhi

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने आज राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन, जिसमें ब्रॉडबैंड एवं मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार, अंतिम छोर तक इंटरनेट की पहुंच, सेवाओं की सुलभता और ग्रामीण एवं दूरदराज वाले क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम शामिल हैं, को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा कई कदम और परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें से कुछ परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई कार्यान्वयन के अधीन हैं। सरकार द्वारा वित्त पोषित प्रमुख परियोजनाओं और कदमों का विवरण इस प्रकार है:

i. देश के सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु भारतनेट परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, सरकार द्वारा 04.08.2023 को अनुमोदित संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) को भारतनेट के चरण-I और चरण-II के मौजूदा नेटवर्क के उन्नयन, शेष ग्राम पंचायतों में नेटवर्क निर्माण और शेष गैर-ग्राम पंचायत वाले गांवों को उनकी संबंधित ग्राम पंचायतों की मांग के आधार पर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किया जा रहा है। साथ ही, देश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित उन गांवों में मोबाइल सेवाएं प्रदान करने हेतु 4जी की संतृप्ति और अन्य मोबाइल परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं जहां अभी तक नेटवर्क नहीं पहुंचा है। भारतनेट परियोजना के अंतर्गत जुड़े ग्राम पंचायतों का राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश-वार विवरण डीबीएन वेबसाइट (https://usof.gov.in/en/home) पर उपलब्ध है।

ii. चेन्नई और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (2312 किलोमीटर) के बीच और मुख्य भूमि (कोच्चि) और लक्षद्वीप द्वीप समूह (1869 किलोमीटर) के बीच पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर केबल परियोजनाओं की शुरुआत।

iii. प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (पीएमजीदिशा) को ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के पर्यवेक्षण में विभिन्न राज्यों/ केन्द्र-शासित प्रदेशों के सक्रिय सहयोग से लागू किया गया है।

सरकार ने मार्च 2023 में भारत 6जी विजन दस्तावेज जारी किया। इसका उद्देश्य 6जी नेटवर्क प्रौद्योगिकियों को डिजाइन, विकसित और तैनात करना है जो विश्व को उच्च गुणवत्ता वाले जीवन अनुभव के लिए सर्वव्यापी बुद्धिमान एवं सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान करें, ताकि भारत को 2030 तक 6जी प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया जा सके।

सरकार ने साइबर खतरों और संबंधित अपराधों से निपटने के लिए एक राष्ट्रव्यापी एकीकृत एवं समन्वित प्रणाली को संस्थागत रूप दिया है तथा दूरसंचार अधिनियम 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी अधिनियम) 2000, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम 2023 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 में देश के नागरिकों के लिए पर्याप्त कानूनी और तकनीकी उपाय किए हैं, जिनमें डेटा उल्लंघन की रिपोर्टिंग, डेटा संरक्षण, दंड, सजा आदि अनिवार्य हैं।

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पीके/केसी/ आर


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