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भारत के नवोन्‍मेषी निष्‍पादन में लगातार मजबूती, वैश्विक नवोन्‍मेषी सूचकांक में 2019 के 66वां स्‍थान 2025 में सुधार के साथ 38वें स्‍थान पर पहुंचा


पीएलआई योजना बड़ी स्‍मार्ट फोन कंपनियों को भारत में दूसरे अन्‍य स्‍थानों पर उत्‍पादन के लिए प्रोत्‍साहित कर रही है

पीएलआई योजना के अंतर्गत निवेश के लिए 2.0 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी, परिणामस्‍वरूप उत्‍पादन और बिक्री में 18.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि और 12.7 लाख रोजगार सृजित हुए

भारत का स्‍थान वैश्विक नवोन्‍मेषी सूचकांक में 2019 के 66वें स्‍थान से 2025 में सुधार के साथ 38वें स्‍थान पर पहुंचा

बेंगलुरु, दिल्‍ली और मुंबई दुनिया भर में नवाचार की दृष्टि से समृद्ध प्रमुख 50 शहरों में शामिल  

छह राज्‍यों में 1.60 लाख करोड़ रुपये के साझा निवेश के साथ दस सेमीकंडटर उत्‍पादन पैकेजिंग परियोजनाओं को मंजूरी

स्‍टार्टअप इंडिया पहल के तहत डीपीआईआईटी मान्‍यता प्राप्‍त स्‍टार्टअप की संख्‍या 500 से बढ़कर 2025 में 2 लाख से अधिक हुई

प्रविष्टि तिथि: 29 JAN 2026 2:16PM by PIB Delhi

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में आर्थिक समीक्षा 2025-26  पेश करते हुए कहा कि पीएलआई योजना प्रमुख स्‍मार्टफोन कंपनियों को भारत में दूसरे अन्‍य स्‍थानों पर उत्‍पादन के लिए प्रोत्‍साहित कर रही है। परिणामस्‍वरूप भारत, मोबाइल फोन का उत्‍पादन करने वाला प्रमुख केन्‍द्र बन गया है।

आर्थिक सर्वे के अनुसार, आत्‍मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप 2020 में शुरू की गई उत्‍पादन संबद्ध प्रोत्‍साहन (पीएलआई) योजना 1.97 लाख करोड़ रुपये की राशि के साथ वर्तमान में 14 प्रमुख क्षेत्रों में प्रभावी रूप से चलाई जा रही है।

आर्थिक सर्वे के अनुसार, बारह क्षेत्रों में समान रूप से 23, 9‍46 करोड़ रुपये का साझा प्रोत्‍साहन दिया जा रहा है, इसके साथ ही सभी 14 क्षेत्रों में 806 आवेदन पत्रों को स्‍वीकृति दी गई है। सर्वे  में यह भी पता चला है कि उत्‍पाद संबद्ध प्रोत्‍साहन (पीएलआई) महत्‍वपूर्ण रूप से लागू किए जाने के बाद, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, दवा उद्योग और टेलिकॉम तथा नेटवर्किंग उत्‍पादों जैसे क्षेत्रों में निर्यात 8.20 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। केन्‍द्रीय बजट 2025-26 में पीएलआई की सराहना करते हुए राष्‍ट्रीय विनिर्माण मिशन एनएमएम की घोषणा की गई है।

आर्थिक सर्वे के अनुसार, केन्‍द्रीय बजट 2025-26 में घोषित राष्‍ट्रीय विनिर्माण मिशन (एनएमएम) अगले दशक में भारत के औद्योगिक वृद्धि और वैश्विक प्रतिस्‍पर्धा को गति देने वाली आधार नीति का खाका पेश करता है।

नवाचार को वित्‍त मुहैया कराने के लिए सरकार ने नए अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (आरडीआई)  के लिए अगले छह साल के लिए कुल एक लाख  करोड़ रुपये से अधिक की राशि की घोषणा की है। साथ ही, 20,000 करोड़ रुपये की राशि वित्‍त वर्ष 2026 के लिए जारी की है। प्रमुख संस्‍थागत सुधार भारत के अनुसंधान और विकास को दिशा दे रहे हैं  और इसका उद्देश्‍य एएनआरएफ अधिनियम 2023 के तहत अनुसंधान, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) की स्‍थापना जैसी ऊपर उल्‍लेख की गई चुनौतियों से निपटना है। अनुसंधान, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन उद्योगों में आपसी सहयोग से साझा हित के विकल्‍प, अकादमी और सरकार के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देश, प्रतिस्‍पर्धात्‍मक वित्‍त सहायता के अवसर उपलब्‍ध कराएगा।  

आर्थिक सर्वे के अनुसार, भारत का अनुसंधान और नवाचार इकोसिस्‍टम पिछले कई सालों में महत्‍वपूर्ण रूप से मजबूत हुआ है। वैश्विक नवोन्मेषी सूचकांक (जीआईआई) में देश 2019 के 66वें स्थान से, 2025 में सुधार के साथ 38वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे भारत मध्‍य और दक्षिण एशिया में पहले स्‍थान पर और निम्‍न, मध्‍यम आय वर्ग वाले देशों के समूह में शीर्ष पर पहुंच गया है। इससे भी बढ़कर, बेंगलुरु, दिल्लीं और मुंबई दुनिया भर में नवाचार की दृष्टि से समृद्ध प्रमुख 50 शहरों में शामिल हो गए हैं और संपूर्ण दृष्टि से देश के नवोन्‍मेषी उत्‍पादन उल्‍लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।        

आर्थिक सर्वे के अनुसार, वैश्विक पटल पर 2024 में भारत का स्‍थान ट्रेड मार्क में चौथा, पेटेंट में छठा और औद्योगिक विन्‍यास सातवां रहने के साथ ही हमारा देश बौद्धिक संपदा (आईपी) में वैश्विक अग्रणी के रूप में उभर रहा है। वित्‍त वर्ष 2020 से वित्‍त वर्ष 2025 पेटेंट आवेदनों की संख्‍या दोगुनी हो गई है। ट्रेड मार्क पंजीकरण संख्‍या में 1.5 यानी डेढ़ गुणा वृद्धि हुई है। डिजाइन पंजीकरण में ढाई गुणा वृद्धि हुई है। वैश्विक, बौद्धिक संपत्त‍ि संस्‍थान (डब्‍ल्‍यूआईपीओ) ने उद्यमिता नीतियों और उद्यमी संस्‍कृति के दृष्टिकोण से भारत को विश्‍व में 12वां स्‍थान दिया है। 2016 में स्‍टार्टअप इंडिया पहल शुरू किए जाने के बाद से डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्‍त स्टार्टअप की संख्या 500 से बढ़कर 2025 में लगभग 2 लाख से अधिक हो गई है।

आर्थिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, अगस्‍त 2025 तक छह राज्यों में 1.60 लाख करोड़ रुपये के साझा निवेश के साथ दस सेमीकंडटर उत्पादन पैकेजिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, ओडिशा की सेमीकंडक्‍टर उत्‍पादन इकाई और फेबलैस नीति अतिरिक्‍त प्रोत्‍साहन और संस्‍थागत सहायता पहलों के साथ राज्‍य सरकारों ने राष्‍ट्रीय ढांचागत परियोजनाओं को पूरा करने का काम शुरू कर  दिया है।  

सरकार, इंडिया सेमीकंडक्‍टर अभियान के अंतर्गत देश को मजबूत बनाने के लिए ढांचागत सुधार की कमियों को दूर करने के लिए और कामकाज में लचीलापन लाने के लिएघरेलू सेमीकंडक्‍टर तंत्र में उत्‍पादन इकाई से उपभोक्‍ता तक समन्‍वय उपायों की श्रृंखला लागू कर रही है।  

इंडिया सेमीकंडक्‍टर अभियान और सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम एक साथ मुख्‍य रणनीति का  निर्माण कर रहे हैं। इसके साथ हीनिर्माण, जोड़ने की प्रक्रिया, जांच, चिन्‍ह, पैकेजिंग सुविधाओं को गति देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये के निवेश की सहायता दी गई है। इन कार्यक्रमों के तहत चार निर्धारित योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रत्‍येक योजना में घरेलू चिप डिजाइन को प्रोत्‍साहन देने के लिए सेमीकंडक्‍टर और डिस्‍प्‍ले फैब्‍स, काम्‍पाउंड सेमीकंडक्‍टर संयंत्र और बाहर से मंगाए सेमीकंडक्‍टरों को जोड़ कर तैयार करना, जांच इकाई, इसके साथ ही समर्पित डिजाइन संबद्ध प्रोत्‍साहन योजना के लिए परियोजना लागत की 50 प्रतिशत धनराशि बढ़ाई गई है।    

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एनबी/एमजी/केसी/हिन्दी इकाई - 09


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