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भविष्य के प्रति तैयार करने के लिए भारत में सही दिशा में कौशल का विकास: आर्थिक समीक्षा 2025-26


एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), नवीकरणीय ऊर्जा और 3डी प्रिंटिंग में भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम भारत की कौशल क्रांति में सबसे आगे चल रहे हैं

आईटीआई को अपग्रेड करने के लिए राष्ट्रव्यापी योजना के अंतर्गत 100 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा

43.47 लाख से अधिक अप्रेंटिस 36 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना (पीएम-एनएपीएस) से जुड़े हुए हैं

प्रविष्टि तिथि: 29 JAN 2026 1:54PM by PIB Delhi

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक समीक्षा 2025-26 प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत उभरते श्रमिक बाजार की जरूरतों पर प्रतिक्रिया देने और एक विशेष-एकीकृत व भविष्य के प्रति कौशल प्रणाली के लिए अपने भौगोलिक लाभांश को मजबूत करने पर कार्य कर रहा है। 

कौशल तक पहुंच बढ़ाने और गुणवत्ता में सुधार करने के लिए एक विशेष-एकीकृत कौशल इकोसिस्टम की आवश्यकता है। कौशल नीति; शिक्षा, श्रमिक बाजार, और उद्योग के साथ ही शेयरधारकों, कई संस्थानों, मंत्रालयों, सरकार की व्यापक सीमा के बीच कई स्तरों पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मियों, रोजगारदाताओं, व्यापार यूनियन और अन्य प्रासंगिक क्षेत्रों के साथ आवश्यक करीबी सहयोग और साझेदारी के केंद्र बिंदु पर खड़ी है। पीएलएफएस 2023-24 का परिणाम दर्शाता है कि व्यक्तिगत लोगों (15-59 उम्र का समूह) के किसी प्रकार के वोकेशनल और तकनीकी प्रशिक्षण लेने का हिस्सा 2017-18 में 8.1 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 34.7 प्रतिशत हो गया है, जो भारत में कौशल पहल के सकारात्मक असर को प्रतिबिंबित करता है।

भविष्योन्मुखी कौशल वाले पाठ्यक्रम

169 ट्रेड, जिसमें 31 भविष्योन्मुखी कौशल वाले पाठ्यक्रम जैसे एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), नवीकरणीय ऊर्जा और 3डी प्रिंटिंग शामिल हैं, को विकसित कर एनएसक्यूएफ-शिकायत प्रशिक्षण में विस्तार किया गया है, जो आईटीआई और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं।

आईटीआई के माध्यम से कौशल इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना

आईटीआई स्तर पर सुधार कौशल इकोसिस्टम को सुदृढ़ कर रहे हैं, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने, उद्योग की प्रासंगिकता और संस्थानों की क्षमता पर केंद्रित हैं। आईटीआई को अपग्रेड करने के लिए राष्ट्रीय योजना के प्रस्ताव में 1,000 सरकारी आईटीआई, जिसमें 200 हब आईटीआई और स्पोक आईटीआई शामिल हैं, को स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक लैब, डिजिटल कॉन्टेंट, और उद्योग-संरेखित दीर्घकालिक और अल्पकालिक पाठ्यक्रम के माध्यम से अपग्रेड करना शामिल है।

उद्योगों को कौशल से जोड़ना

पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और आकलन में उद्योगों का शामिल करने का उद्देश्य कौशल को बाजार के प्रतिक्रिया के अनुरूप बनाना है। उद्योगों की भागीदारी को संस्थानों, मानकों और कार्यक्रम पर उपरिदृष्टि में जोड़ने से प्रशिक्षण की प्रासंगिकता और विश्वसनीयता बेहतर हो सकती है। इसे मान्यता देने के लिए, पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत, उद्योग-नीत सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) की ओर से तैयार किए गए एनएसक्यूएफ-संरेखित नौकरियों में प्रशिक्षण दिया गया है, और रोजगारदाता इकोसिस्टम की ओर से आए ट्रेनर्स की ओर से औद्योगिक क्षेत्रों में कई पाठ्यक्रम सीधे सिखाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, सामान्य रोजगार मेला और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला रोजगारदाता और रोजगार खोज रहे लोगों के मध्य संपर्क को बेहतर कर रहे हैं।

रोजगारदाताओं को रोजगार खोज रहे लोगों से मिलाना

समीक्षा के अनुसार, सामान्य रोजगार मेला और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला रोजगारदाता और रोजगार खोज रहे लोगों के मध्य संपर्क को बेहतर कर रहे हैं। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत, तकनीकी, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य, उन्नत कृषि, वित्तीय सेवाएं और ई-कॉमर्स क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना, वैश्विक अर्थव्यवस्था में उभरती चुनौतियों के बीच भारत के दीर्घकालिक विकास वाहकों के प्रति संयुक्त प्रयास और तेज कौशल में निवेश को प्रतिबिंबित करता है।

एसआईडीएच, एनसीएस और ई श्रम पोर्टल के एकीकरण ने शानदार डिजिटल अवसंरचना का निर्माण किया है, जिसे कर्मचारियों के परिणाम, रोजगारदाता की मांग और व्यक्तिगत कौशल पथ को, प्रशिक्षण रिकॉर्ड से जोड़कर, त्वरित समय पर निगरानी और निरीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

भारत का अप्रेंटिसशिप ढांचा

अप्रेंटिसशिप ढांचा नीति और संरचनात्मक बदलाव से गुजर रही है। राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) और एनएटीएस विस्तृत होकर सेक्टर और उद्यम की विशाल सीमा को कवर कर रहे हैं। 43.47 लाख से अधिक अप्रेंटिस 36 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों में पीएम-एनएपीएस के अंतर्गत जुड़े हुए हैं, जिनकी भागीदारी 51,000 से अधिक प्रतिष्ठानों में है और महिलाओं का योगदान 20 प्रतिशत तक पहुंच रहा है। एनएटीएस कार्यक्रम ने भी वित्त वर्ष 2025 में 5.23 लाख अप्रेंटिस की भागीदारी दर्ज की है, जो भारत के अप्रेंटिसशिप ढांचे के बढ़ते स्तर और सांस्थानिक परिपक्वता को दर्शाता है।

आगे की दिशा

जैसे-जैसे भारत अपने विकास की यात्रा पर आगे बढ़ रहा है, उन्नत सांस्थानिक संयोजन और पूरी-सरकार की ओर से मिला प्रोत्साहन, कौशल और रोजगार पहलों को समन्वित तरीके से कार्यान्वित करने योग्य बनाएगी। यह उद्योग-आधारित कौशल पर तेज दबाव के लिए एक मंच का निर्माण कर सकता है, जो रोजगार के लिए तैयार हुनर और सुदृढ़ कौशल-उद्योग से मिलाने का केंद्र बन सकता है।

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