सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी तथा एमएसएमई राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड 2026 के साक्षी बनने के लिए 'विशेष अतिथि' के रूप में आमंत्रित एमएसएमई लाभार्थियों से बातचीत की
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, खादी विकास योजना, एसआरआई फंड और महिला कॉयर योजना के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। ये देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं
एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा की "यदि भारत को समृद्ध बनाना है, तो एमएसएमई से अधिक प्रभावी कुछ भी नहीं है"
प्रविष्टि तिथि:
25 JAN 2026 10:50PM by PIB Delhi
एमएसएमई के माननीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी और एमएसएमई राज्य मंत्री माननीय सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज एमएसएमई लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इन्हें गणतंत्र दिवस परेड 2026 को कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में देखने के लिए 'विशेष अतिथि' के रूप में आमंत्रित किया गया है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के 100 लाभार्थियों, खादी विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित 199 कारीगरों, एसआरआई फंड के 50 लाभार्थियों और महिला कॉयर योजना के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 50 महिला कारीगरों को उनके जीवनसाथियों सहित रक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड 2026 के साक्षी बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। ये लाभार्थी देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस संवाद के बाद लाभार्थियों के सम्मान में नई दिल्ली के ओखला स्थित राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) में रात्रिभोज का आयोजन किया गया। लाभार्थियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। एमएसएमई मंत्रालय, एनएसआईसी, खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) और कॉयर बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

एमएसएमई मंत्रालय के सचिव श्री एस.सी.एल. दास ने अपने स्वागत भाषण में कहा, “आपके प्रयासों के कारण ही देश प्रगति कर रहा है। हम विविधता में एकजुट हैं और एमएसएमई मंत्रालय आपके साथ निरंतर संपर्क में रहेगा ताकि अन्य लाभार्थी भी आगे बढ़ सकें। हम आपको हार्दिक बधाई देते हैं।”

एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और कास आयुक्त डॉ. रजनीश ने लाभार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा की “आप सभी का यहाँ आना हमारे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। आपकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि आप राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। मैं आप सभी को हार्दिक बधाई और स्वागत करता हूँ।”

लाभार्थियों से बातचीत करते हुए एमएसएमई राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा की “आज आप सभी को देखकर मुझे ऐसा लग रहा है मानो मैं एक 'मिनी इंडिया' देख रही हूँ। आप विभिन्न क्षेत्रों से आए हैं; हम सब एक हैं। आप में से कई लोग पहली बार दिल्ली आए हैं और पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे। मैं माननीय प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहती हूँ, क्योंकि उन्हीं के नेतृत्व में आपको यह अवसर मिल रहा है। विभिन्न योजनाएँ बनाई जा रही हैं ताकि आप सभी उनसे लाभान्वित हो सकें और प्रशिक्षण तथा कौशल विकास के माध्यम से आपको आगे बढ़ने में मदद करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।”

लाभार्थियों से मुलाकात करते हुए माननीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने कहा की “रोजगार सृजन के लिए एमएसएमई सबसे शक्तिशाली मंच हैं। यदि भारत को समृद्ध बनना है, तो एमएसएमई उद्यमों से अधिक प्रभावी कुछ भी नहीं है। जब आप प्रगति करते हैं, तो समाज भी आपके साथ प्रगति करता है।”

माननीय मंत्री जी ने आगे कहा, “एमएसएमई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और समृद्धि को मजबूत करते हैं और कृषि के बाद एमएसएमई ही वह क्षेत्र है जो आर्थिक विकास में सबसे अधिक योगदान देता है। वे एक महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाते हैं। हमारा विभाग देश के हर कोने में लोगों तक पहुंचता है। मैं दिल्ली में आप सभी का स्वागत करता हूं और गणतंत्र दिवस के अवसर पर आप सभी को मेरी शुभकामनाएं देता हूं।”
धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती अनुजा बापट उप महानिदेशक डीसी एमएसएमई कार्यालय द्वारा दिया गया।
राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रवास के दौरान विशेष अतिथियों ने देश की समृद्ध विरासत और लोकतांत्रिक धरोहर का अनुभव करने के लिए ऐतिहासिक स्मारकों और प्रधानमंत्री संग्रहालय का भी दौरा किया।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एक समग्र पहल है। इसका उद्देश्य 18 पारंपरिक व्यवसायों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता प्रदान करना है। आत्मनिर्भर भारत (एसआरआई) कोष भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। खादी विकास योजना, खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (केजीवीवाई) के अंतर्गत एक उप-योजना है। इसे खादी के संवर्धन और विकास के लिए केवीआईसी द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। महिला कॉयर योजना, कॉयर बोर्ड द्वारा कार्यान्वित की जा रही एक महिला-उन्मुख, स्वरोजगार योजना है जिसका उद्देश्य वजीफा सहित प्रशिक्षण प्रदान करना और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है।
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पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2218751)
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