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राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026
मेरा भारत, मेरा वोट
प्रविष्टि तिथि:
24 JAN 2026 9:43PM by PIB Delhi
प्रमुख बिंदु
- मतदाताओं का सम्मान करने, युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत में 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।
- राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 की थीम "मेरा भारत, मेरा वोट" है और इसकी टैगलाइन भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक है।
- भारत निर्वाचन आयोग लगभग 96 करोड़ मतदाताओं वाले एक विविध मतदाता वर्ग के लिए चुनाव आयोजित करने हेतु जिम्मेदार है।
भारत हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाता है। यह लोकतंत्र का वह उत्सव है जो प्रत्येक नागरिक को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है। यह दिन भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस का प्रतीक है, जिसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत की गई थी।

भारत निर्वाचन आयोग दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावों के नियंत्रण, अधीक्षण और संचालन के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण संवैधानिक अथॉरिटी है। इसने अब तक 18 आम चुनाव और 400 से अधिक राज्य विधानसभा चुनाव आयोजित किए हैं। आयोग राज्यसभा, राज्य विधान परिषदों (जहाँ वे अस्तित्व में हैं), केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के चुनावों के साथ-साथ भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के प्रतिष्ठित पदों के चुनावों की भी निगरानी करता है। यह एक बहु-सदस्यीय निकाय है जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्त शामिल होते हैं।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 की थीम "मेरा भारत, मेरा वोट" है और इसकी टैगलाइन भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक है। यह नागरिक-केंद्रित चुनावी प्रक्रियाओं को तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के प्रयासों का प्रतीक है। आयोग नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखता है और चुनावी प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया जाता है। भारत के राष्ट्रपति इस कार्यक्रम को संबोधित करते हैं। राष्ट्रपति नए नामांकित युवा मतदाताओं के एक समूह को मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) प्रदान करते हैं और चुनावी अधिकारियों को उनके अद्भुत कार्य के लिए सम्मानित करते हैं। ये पुरस्कार चुनावी प्रबंधन में उनके विशिष्ट योगदान को मान्यता देते हैं। नागरिक सेवा संगठनों को भी उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया जाता है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व
लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रियाओं में मतदाताओं की भागीदारी किसी भी लोकतंत्र के सफल संचालन के लिए अभिन्न है। यह पूर्ण लोकतांत्रिक चुनावों का आधार है।
भारत में, निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक पात्र भारतीय का नाम मतदाता सूची में हो। इसे सभी पंजीकृत मतदाताओं को स्वेच्छा से मतदान करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में भी कार्य करना चाहिए। राष्ट्रीय मतदाता दिवस इस संवैधानिक जिम्मेदारी को पूरा करने में मदद करता है। यह मतदाता पंजीकरण और भागीदारी के बारे में जागरूकता पैदा करता है। यह दिन पात्र नागरिकों को अपना नाम दर्ज कराने और मतदान के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह दिन देश के सभी मतदाताओं को समर्पित है। नए मतदाताओं का नामांकन इस उत्सव का एक मुख्य केंद्र है। पूरे भारत में, इस दिन नए मतदाताओं को सम्मानित किया जाता है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पूरे देश में लगभग 11 लाख मतदान केंद्रों पर, जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा और राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मनाया जा रहा है। बूथ स्तर के अधिकारी प्रत्येक मतदान केंद्र क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करते हैं और नए पंजीकृत मतदाताओं को सम्मानित करते हैं।
आम जनता तक पहुँचने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग ने 2011 में अपने स्थापना दिवस यानी 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने की शुरुआत की। इसे पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसके साथ संगोष्ठी, साइकिल रैली, मानव श्रृंखला, लोक कला कार्यक्रम, मिनी-मैराथन, प्रतियोगिताएं और जागरूकता सेमिनार जैसे आउटरीच कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाती है। इनमें से अधिकांश गतिविधियाँ युवाओं को लक्षित करती हैं ताकि मतदान और लोकतंत्र के बारे में जागरूकता पैदा की जा सके।
प्रमुख गतिविधियाँ और समारोह
भारत निर्वाचन आयोग राष्ट्रीय मतदाता दिवस के समारोहों के लिए कई गतिविधियों का आयोजन करता है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर राष्ट्रीय चुनावी पुरस्कार दिए गए
एक संरचित पुरस्कार कार्यक्रम राष्ट्रीय मतदाता दिवस का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो चुनावी प्रबंधन और मतदाता आउटरीच में उत्कृष्टता का उत्सव मनाता है। ये पुरस्कार राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर प्रदान किए जाते हैं। इस वर्ष, ये पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ चुनावी जिलों को मान्यता देंगे।
वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ चुनावी जिला पुरस्कार निम्नलिखित थीम्स के तहत उपलब्धियों को सम्मानित करेंगे:
- अभिनव मतदाता जागरूकता पहल: क्रिएटिव वोटर एजुकेशन प्रोग्राम, जागरूकता अभियानों और आउटरीच गतिविधियों को मान्यता देना जो नागरिकों को जोड़ते हैं और उन्हें सशक्त बनाते हैं।
- चुनावों में टेक्नोलॉजी का प्रभावी इस्तेमाल: चुनावी प्रक्रियाओं की दक्षता, पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का उत्सव मनाना।
- प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: चुनाव अधिकारियों के लिए सुव्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उनके व्यापक मूल्यांकन को सम्मानित करना।
- चुनाव प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स: मतदान केंद्रों, मतदान सामग्री और कर्मियों की तैनाती सहित चुनावी लॉजिस्टिक्स के प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं को स्वीकार करना।
- आदर्श आचार संहिता का कार्यान्वयन और प्रवर्तन: आदर्श आचार संहिता को लागू करने और बनाए रखने के लिए प्रभावी रणनीतियों को मान्यता देना, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सकें।
- मीडिया पुरस्कार: प्रिंट, टीवी, रेडियो और ऑनलाइन/सोशल मीडिया सहित विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों पर मतदाता शिक्षा में उत्कृष्ट अभियानों का उत्सव मनाना।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर होने वाले शुभारंभ
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर भारत के माननीय राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया जाएगा:
- मतदाता जागरूकता और आउटरीच पहल।
- संस्थागत प्रकाशन रिपोर्ट और नॉलेज प्रोडक्ट।
- ऑडियो-विजुअल सामग्री जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, मतदाताओं की भागीदारी और चुनावी नवाचार पर प्रकाश डालती है।
- ईसीआई की उपलब्धियों को उजागर करने वाले प्रकाशन का विमोचन।
- बिहार में आम चुनावों के सफल संचालन के बारे में प्रकाशन का विमोचन।
- चुनावी प्रबंधन और लोकतांत्रिक विकास में ईसीआई के वैश्विक नेतृत्व को दर्शाने वाले वीडियो का विमोचन।

शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित होने वाली मुख्य गतिविधियाँ
सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को विशेष गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इनमें वाद-विवाद, चर्चा और विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल हैं। स्टूडेंट्स ड्रॉइंग, स्किट (लघु नाटक), गीत, पेंटिंग और निबंध लेखन में भाग ले सकते हैं। ये गतिविधियाँ युवा मन को जिम्मेदार मतदाता बनने के लिए प्रेरित करती हैं।
ये गतिविधियाँ सूचित और समावेशी चुनावी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन कार्यक्रम के अनुरूप हैं।
सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख कार्यक्रम है। यह पूरे देश में मतदाता शिक्षा, जागरूकता और साक्षरता पर ध्यान केंद्रित करता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत 2009 में हुई थी। तब से, यह भारत के मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के बुनियादी ज्ञान के साथ तैयार कर रहा है।
वर्षों के दौरान परिवर्तनकारी चुनावी सुधार

भारत की चुनावी प्रणाली संस्थागत, तकनीकी और मतदाता-केंद्रित सुधारों की एक श्रृंखला के माध्यम से निरंतर परिवर्तन से गुजरी है। इनका उद्देश्य लोकतांत्रिक भागीदारी और चुनावी अखंडता को मजबूत करना है।
अन्य प्रमुख पहलें
कई अन्य पहलों ने चुनावी प्रक्रिया की दक्षता, समावेशिता और पारदर्शिता को और भी मजबूत किया है।
मतदान केंद्र प्रबंधन
मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा: मतदान के नियमों का अनुपालन और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन जमा काउंटर स्थापित किए गए हैं।
मतदान केंद्र की 1,200 मतदाताओं की सीमा: भीड़भाड़ कम करने और कतारों को छोटा करने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की संख्या 1,200 तक सीमित कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, ऊँची आवासीय इमारतों और हाउसिंग सोसायटियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग: मतदान के दिन की महत्वपूर्ण गतिविधियों की निगरानी के लिए सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग सुनिश्चित की गई है। यह यह भी सुनिश्चित करता है कि सभी गतिविधियाँ बिना किसी उल्लंघन के संपन्न हों।
मतदाता सेवाएँ और जानकारी
अधिक स्पष्ट मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस): मतदाता सत्यापन को आसान बनाने के लिए वीआईएस को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले सीरियल नंबर और पार्ट नंबर के साथ पुन: डिजाइन किया गया है।
ईपीआईसी की त्वरित डिलीवरी: नई एसओपी यह सुनिश्चित करती है कि मतदाता सूची में अपडेट के 15 दिनों के भीतर ईपीआईसी की डिलीवरी हो जाए। इसके साथ ही हर चरण पर एसएमएस के माध्यम से अपडेट भी प्रदान किए जाते हैं।
मतदाता सूची प्रबंधन
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण: अपात्र नामों को हटाने और सभी पात्र मतदाताओं को शामिल करने के लिए केंद्रित पुनरीक्षण अभियान चलाया गया।
मृत्यु पंजीकरण डेटा प्राप्त करना: मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए मृत्यु पंजीकरण डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप से साझा करना सक्षम किया गया है।
उप-चुनावों से पहले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर): लगभग 20 वर्षों में पहली बार उप-चुनावों से पहले स्पेशल समरी रिवीजन आयोजित किया गया।
प्रौद्योगिकी और डिजिटल सिस्टम
भारत निर्वाचन आयोग मुख्यालय में डिजिटलीकरण और रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन: कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ई-ऑफिस, बायोमेट्रिक उपस्थिति और आईआईआईडीएम (इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट) में स्थानांतरण।
डिजिटल इंडेक्स कार्ड और रिपोर्ट: रिटर्निंग अधिकारियों को परिणामों की घोषणा के 72 घंटों के भीतर डिजिटल रूप से इंडेक्स कार्ड जारी करने में सक्षम बनाया गया है।
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
बूथ लेवल एजेंट का प्रशिक्षण: राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ स्तर के एजेंटों को मतदाता सूची तैयार करने और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत अपील के प्रावधानों पर प्रशिक्षित किया गया।
इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में बूथ लेवल ऑफिसर की ट्रेनिंग: फील्ड लेवल की क्षमता को मजबूत करने के लिए बिहार सहित पूरे भारत से 7,000 से ज़्यादा बीएलओ और सुपरवाइज़र को आईआईआईडीईएम में ट्रेनिंग दी गई।
पुलिस अधिकारियों का प्रशिक्षण: चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
नोडल कम्युनिकेशन अधिकारियों का प्रशिक्षण: प्रभावी आउटरीच (जनसंपर्क) सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया और संचार अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
निर्वाचन कर्मचारी और अधिकारी
बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के लिए फोटो पहचान पत्र: पारदर्शिता बढ़ाने और जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए।
गिनती प्रक्रिया
डाक मतपत्रों की गणना को सुव्यवस्थित करना: डाक मतपत्रों की गणना अब ईवीएम/वीवीपीएटी की गणना के पेनल्टीमेट राउंड (अंतिम से पहले वाले राउंड) के समाप्त होने से पहले पूरी कर ली जाएगी।
हितधारकों की भागीदारी
देशव्यापी सर्वदलीय बैठकें: राजनीतिक दलों को जोड़ने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) द्वारा नियमित बैठकें आयोजित की गईं। कुल 4,719 सर्वदलीय बैठकें आयोजित की गईं। इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा 40, जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा 800 और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों द्वारा 3,879 बैठकें शामिल थीं।
पार्टी नेतृत्व के साथ भारत निर्वाचन आयोग की बैठकें: राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पार्टी नेतृत्व के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा गया। अब तक ऐसी 25 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
राजनीतिक दलों के विनियमन
पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को डीलिस्ट करना: दो चरणों में कुल 808 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटा दिया गया। ये दल पंजीकरण के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा करने में विफल रहे थे।
कानूनी और संस्थागत ढांचा
ईसीआई लीगल फ्रेमवर्क का पुनर्गठन: चुनाव आयोग के लीगल फ्रेमवर्क को मजबूत करने और इसे पुनर्गठित करने के लिए कानूनी परामर्शदाताओं और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग
अन्य देशों के लेक्शन मैनेजमेंट बॉडीज के साथ द्विपक्षीय जुड़ाव आयोजित किए गए। इस संबंध में एक ऐतिहासिक इवेंट इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईसीडीईएम) 2026 था, जो 21-23 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर के 40 से ज़्यादा इलेक्शन मैनेजमेंट बॉडीज के प्रतिनिधि एक साथ आए। इसका समापन 23 जनवरी, 2026 को 'दिल्ली घोषणापत्र 2026' को सर्वसम्मति से अपनाने के साथ हुआ।
यह घोषणापत्र सहयोग और नवाचार के माध्यम से वैश्विक लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए पाँच स्तंभ स्थापित करता है:
· स्तंभ I: मतदाता सूची की शुद्धता – यह त्रुटिहीन मतदाता सूची को लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में मान्यता देता है। चुनाव प्रबंधन निकाय (ईएमबी) पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी पात्र मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी करने का प्रयास करेंगे।
· स्तंभ II: चुनाव संचालन – सहभागी, समावेशी, पारदर्शी, कुशल, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना, जिसमें चुनाव प्रबंधन निकाय संवैधानिक या कानूनी जनादेशों के अनुरूप कार्य करें और सभी स्टेकहोल्डर्स को शामिल करें।
· स्तंभ III: अनुसंधान और प्रकाशन – विश्व के लोकतंत्रों का विश्वकोश तैयार करने के लिए प्रतिबद्धता, जिसमें वैश्विक चुनावी प्रणालियों का एक एटलस (संबंधित ईएमबी द्वारा अनुमोदित) शामिल होगा। इसके साथ ही, इंटरनेशनल आईडीईए के नेतृत्व में 7 विषयों पर और भारत के आईआईआईडीईएम के नेतृत्व में 36 विषयों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
· स्तंभ IV: तकनीक का उपयोग – चुनावी निष्पक्षता को बनाए रखने, मतदाताओं को सुविधाएं प्रदान करने और भ्रामक सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए उन्नत तकनीकों को अपनाना। भारत अपने ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म को किसी भी अन्य चुनाव प्रबंधन निकाय के लिए उनके कानूनों और भाषाओं के अनुरूप सह-विकसित करने हेतु साझा करने का प्रस्ताव दे रहा है।
· स्तंभ V: प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण – आईआईआईडीईएम, जो विश्व का सबसे बड़ा चुनावी प्रशिक्षण संस्थान है, ने 15 वर्षों में 100 से अधिक देशों के कर्मियों और 10,000 से अधिक भारतीय कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। इस व्यापक अनुभव का लाभ उठाते हुए, भारत दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों को प्रशिक्षण सुविधाएं और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करता है।
प्रतिभागी राष्ट्रों ने मापने योग्य कार्यों, सहयोग और वार्षिक प्रगति समीक्षाओं के माध्यम से इन स्तंभों को क्रियान्वित करने का संकल्प लिया, जिसकी अगली बैठक 3 से 5 दिसंबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम में निर्धारित की गई है। यह ऐतिहासिक घोषणा चुनावी निष्पक्षता और वैश्विक लोकतांत्रिक मानकों को आगे बढ़ाने में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करती है।
अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की भारत की अध्यक्षता 2026
भारत ने 2026 के लिए इंटरनेशनल आईडीईए के सदस्य देशों के परिषद की अध्यक्षता संभाली है, जिसका नेतृत्व भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त कर रहे हैं। इस नेतृत्व के तहत, भारत का लक्ष्य लोकतांत्रिक नवाचार को बढ़ावा देना, वैश्विक भागीदारी को मजबूत करना और दुनिया भर में समावेशी, शांतिपूर्ण, मजबूत और सतत लोकतांत्रिक प्रणालियों को आगे बढ़ाना है। भारत का विशाल चुनावी अनुभव और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं उसे 2026 में इंटरनेशनल आईडीईए का नेतृत्व करने के लिए विशिष्ट रूप से तैयार करती हैं। यह अध्यक्षता “समावेशी, शांतिपूर्ण, मजबूत और सतत विश्व के लिए लोकतंत्र” विषय पर आधारित है, जो दो मुख्य स्तंभों द्वारा निर्देशित है:
· भविष्य के लिए लोकतंत्र की पुनर्कल्पना (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विविधता, स्थिरता, सतत विकास लक्ष्यों और भविष्य के लिए तैयार प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करना)।
· मजबूत, स्वतंत्र और प्रोफेशनल चुनाव प्रबंधन निकाय: (तकनीक, जोखिम प्रबंधन, मतदाता शिक्षा, सुधार और क्षमता निर्माण पर जोर देना)।
भारत लोकतांत्रिक उत्कृष्टता की एक स्थायी वैश्विक विरासत बनाने के लिए ईएमबी लीडर्स समिट, नीति संवाद, विशेषज्ञ कार्यशालाएं, संयुक्त अनुसंधान, नॉलेज प्रोडक्ट्स और आईआईआईडीईएम एवं इंटरनेशनल आईडीईए के माध्यम से क्षमता निर्माण की पहल सहित उच्च-प्रभाव वाली गतिविधियों को होस्ट करेगा।
चुनावी भागीदारी में वृद्धि
हाल के वर्षों में भारत की मतदाता सूची में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। 2026 तक, भारत निर्वाचन आयोग 95.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं के विविध निर्वाचक मंडल का प्रबंधन करता है, जिसमें लगभग 49.13 करोड़ पुरुष मतदाता, 46.61 करोड़ महिला मतदाता और 45,157 थर्ड जेंडर के रूप में पहचान रखने वाले मतदाता शामिल हैं। यह 2019 की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जब पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 91.19 करोड़ से अधिक थी। भारत की चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी ने भी उत्साहजनक वृद्धि दिखाई है। महिला मतदाताओं की संख्या 2019 में 43.85 करोड़ से बढ़कर आज 46.61 करोड़ हो गई है। लगभग 6.3 प्रतिशत की यह वृद्धि लोकतंत्र में महिलाओं की विस्तारित भूमिका को दर्शाती है। यह बढ़ता हुआ रुझान भारतीय लोकतंत्र की समावेशी प्रकृति को मजबूत करता है।


राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी शासन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में खड़ा है। 2011 में अपनी शुरुआत के बाद से, यह वार्षिक उत्सव देश के सबसे व्यापक नागरिक आयोजनों में से एक बन गया है, जो राष्ट्र के हर कोने को छूता है। वर्ष 2026 की थीम इस संदेश को पुख्ता करती है कि हर वोट मायने रखता है और प्रत्येक नागरिक की अपने संवैधानिक जनादेश के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी मतदाता पीछे न छूटे। बढ़ती चुनावी भागीदारी, महिला मतदाता नामांकन में वृद्धि और विस्तारित बुनियादी ढांचे के साथ, भारत की लोकतांत्रिक यात्रा दुनिया को प्रेरित करना जारी रखे हुए है।
संदर्भ
भारत निर्वाचन आयोग
· https://www.eci.gov.in/voicenet/ArticleDECUS.htm\
विकासपीडिया
· https://socialwelfare.vikaspedia.in/viewcontent/social-welfare/community-power/elections-in-india/national-voters%E2%80%99-day?lgn=en
पत्र सूचना कार्यालय
· https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2022/jan/doc20221258801.pdf
· https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2095170®=3&lang=2
· https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2088064®=3&lang=2
माई भारत गव
· https://mybharat.gov.in/pages/event_detail?event_name=NATIONAL-VOTERS%E2%80%99+DAY+2026&key=796147676796
· https://elections.tn.gov.in/ta/SIR2026/FAQ_English.pdf
अन्य:
· File:///C:/Users/upadh/Downloads/NVD%20Celebration%20letter.pdf
· https://iiidem.eci.gov.in/india-chairs-international-idea
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पीके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2218521)
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