वस्त्र मंत्रालय
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संसथान(एनआईएफटी) कपड़ा क्षेत्र के लिए प्रमुख आर्थिक प्रेरक के रूप में उभरा; भारत स्वदेशी डिज़ाइन मानक की ओर अग्रसर: केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संसथान(एनआईएफटी) मुंबई में “समावेशी भविष्य के लिए डिज़ाइन” विषय पर एनआईएफटी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का उद्घाटन
प्रविष्टि तिथि:
22 JAN 2026 10:13PM by PIB Delhi
दो दिवसीय एनआईएफटी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026, जिसका शीर्षक “समावेशी भविष्य के लिए डिजाइन” था, 22 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संसथान(एनआईएफटी), मुंबई परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक है, क्योंकि यह देश में फैशन शिक्षा, डिज़ाइन नवाचार, स्थिरता और उद्योग सहभागिता में एनआईएफटी के चार दशकों के योगदान के पूरा होने के साथ आयोजित हुआ। इस दिन केंद्रीय कपड़ा(वस्त्र) मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने प्लेनरी सेशन को संबोधित किया।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनआईएफटी भारत के वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख आर्थिक प्रेरक के रूप में उभरा है, जहां प्रत्येक स्नातक अपने जीवनकाल में अनुमानतः 8,000 से 10,000 नौकरियों के सृजन में सहयोग करता है। उन्होंने कहा कि भारत अब विदेशी मानकों पर निर्भरता से आगे बढ़ रहा है और IndiaSize तथा VisionNxt जैसी स्वदेशी पहलों के माध्यम से अपने खुद के मानक विकसित कर रहा है, जो भारत-विशिष्ट डिज़ाइन पूर्वानुमान और पहचान को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है।
सरकार द्वारा क्षेत्र को निरंतर समर्थन देने पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री सिंह ने किफायती वस्त्रों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने तथा कपास आयात शुल्क सहित व्यापार बाधाओं को हटाने जैसे उपायों का उल्लेख किया, जिनसे उद्योग की वृद्धि में सहायता मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि एनआईएफटी की डिजाइन विशेषज्ञता अब फैशन से आगे बढ़कर ऑटोमोबाइल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी है, जो संस्थान की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है। विजन 2047 को साकार करने में एनआईएफटी के पूर्व छात्रों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने उन्हें मजबूत वैश्विक नेटवर्क बनाने और वैश्विक स्तर पर “I AM NIFT” पहचान को गर्व के साथ प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
उद्घाटन सत्र में वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव, एनआईएफटी की महानिदेशक सुश्री तनु कश्यप, एनआईएफटी की डीन प्रो. (डॉ.) नूपुर आनंद, एनआईएफटी मुंबई के निदेशक प्रो. (डॉ.) अजीत कुमार खरे, एनआईएफटी एवं खादी उत्कृष्टता केंद्र की निदेशक प्रो. (डॉ.) सुधा ढींगरा तथा सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रूपा अग्रवाल उपस्थित रहीं।
इस सत्र के दौरान एनआईएफटी के चार दशकों की यात्रा को दर्शाने वाली पुस्तक एनआईएफटी@40 “धरोहर” का विमोचन किया गया, इसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा एनआईएफटी@41 लोगो का अनावरण तथा क्राफ्ट बाजार का उद्घाटन किया गया।
उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए वस्त्र मंत्रालय की सचिव ने राष्ट्रीय विकास में डिजाइन की भूमिका पर प्रकाश डाला और VisionNxt, IndiaSize तथा पाठ्यक्रम पुनर्संरचना जैसी एनआईएफटी की पहलों की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री के 5एफ विज़न—फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेश —में एनआईएफटी के योगदान पर जोर किया तथा कारीगरों के प्रति सम्मान, नैतिक डिज़ाइन तरीकों और पारंपरिक ज्ञान के मानकीकरण व दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि समावेशी और भविष्य के लिए तैयार फैशन को आकार दिया जा सके।
सम्मेलन के पहले दिन चार विषयगत धाराओं में समानांतर तकनीकी सत्रों के माध्यम से शैक्षणिक और औद्योगिक सहभागिता देखने को मिली। कुल 23 सहकर्मी-समीक्षित शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जो समावेशी डिजाइन पर बहुआयामी विमर्श को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त, कार्यशालाओं की एक श्रृंखला ने पहुंच, नैतिकता, स्थिरता और भविष्य-उन्मुख डिजाइन प्रथाओं जैसे प्रमुख विषयों पर अकादमिक संवाद को और समृद्ध किया। पूरे दिन क्यूरेटेड प्रदर्शनियां और क्राफ्ट बाजार भी समानांतर रूप से आयोजित होते रहे।
***
पीके/केसी/पीकेपी
(रिलीज़ आईडी: 2217574)
आगंतुक पटल : 62