पंचायती राज मंत्रालय
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गुजरात में ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदानों के तहत ₹512 करोड़ से अधिक की राशि जारी

प्रविष्टि तिथि: 21 JAN 2026 6:12PM by PIB Delhi

वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान केंद्र सरकार ने गुजरात में ग्रामीण स्थानीय निकायों को सुदृढ़ करने के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत ₹512.27 करोड़ की राशि जारी की है। इस जारी राशि में वित्त वर्ष 2025–26 के लिए असीमित अनुदानों की पहली किस्त के रूप में ₹509.07 करोड़ शामिल हैं, जो राज्य की 14,561 पात्र ग्राम पंचायतों, 247 पात्र पंचायत समितियों तथा सभी 33 पात्र जिला पंचायतों को प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2024–25 के लिए अनटाइड अनुदानों की पहली और दूसरी किस्त से रोकी गई ₹3.20 करोड़ की राशि भी जारी की गई है, जो 47 अतिरिक्त पात्र ग्राम पंचायतों और एक पात्र पंचायत समिति को प्रदान की गई है।

भारत सरकार द्वारा पंचायती राज मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) / ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदानों की राज्यों को जारी करने की संस्तुति की जाती है, जिन्हें इसके बाद वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में संस्तुत और जारी किए जाते हैं। असीमित अनुदान का उपयोग पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित 29 विषयों के अंतर्गत स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार किया जा सकता है, हालांकि इसका उपयोग वेतन एवं अन्य स्थापना व्ययों के लिए नहीं किया जा सकता। सीमित अनुदान का उपयोग निम्नलिखित बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है। (क) स्वच्छता तथा खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति के रखरखाव हेतु, जिसमें विशेष रूप से घरेलू कचरे का प्रबंधन एवं उपचार, मानव अपशिष्ट और फीकल स्लज प्रबंधन शामिल है; तथा (ख) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन एवं जल पुनर्चक्रण के लिए।

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पीके/केसी/वीएस


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