वित्त मंत्रालय
पीएफआरडीए ने नाबालिगों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए एनपीएस वात्सल्य योजना 2025 के दिशा-निर्देश जारी किए
दिशा-निर्देश में बच्चों के लिए प्रारंभिक पेंशन बचत को सुविधाजनक बनाने के क्रम में पात्रता, योगदान, निकासी और बदलाव प्रावधानों को निर्धारित किया गया है
प्रविष्टि तिथि:
13 JAN 2026 6:53PM by PIB Delhi
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एनपीएस वात्सल्य योजना 2025 के दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली वात्सल्य (एनपीएस वात्सल्य) के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान करते हैं। एनपीएस वात्सल्य एक योगदान आधारित बचत और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा योजना है, जिसे विशेष रूप से नाबालिगों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में एनपीएस वात्सल्य की घोषणा की गयी थी और इसके बाद 18 सितंबर, 2024 को केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा इसे लॉन्च किया गया था। यह योजना माता-पिता और कानूनी अभिभावकों को व्यवस्थित रूप से अपने बच्चों के लिए प्रारंभिक आयु से दीर्घकालिक बचत करने की सुविधा देती है, जिसमें वयस्क होने के बाद राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में स्थानांतरित होने की व्यवस्था भी शामिल है।
पीएफआरडीए (एनपीएस के तहत बहिर्गमन और धननिकासी) विनियम, 2015 में अधिसूचित संशोधनों के अनुसार, एनपीएस वात्सल्य दिशानिर्देश में नाबालिगों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के लिए लचीले प्रावधान पेश किये गये हैं तथा वयस्क होने पर बचत की निरंतरता भी सुनिश्चित की गयी है।
एनपीएस वात्सल्य की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
पात्रता
- सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुला, जिसमें एनआरआई/ओसीआई भी शामिल हैं, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है
- नाबालिग अकेला लाभार्थी होगा
- खाता नाबालिग के नाम पर खोला जाएगा और अभिभावक द्वारा संचालित किया जाएगा
योगदान
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- न्यूनतम प्रारंभिक और वार्षिक योगदान: ₹250
- योगदान की कोई अधिकतम सीमा नहीं
· योगदान, रिश्तेदारों और मित्रों द्वारा भी उपहार स्वरूप दिया जा सकता है
पेंशन निधि चयन
· अभिभावक पीएफआरडीए के साथ पंजीकृत किसी भी पेंशन निधि का चयन कर सकता है
आंशिक निकासी प्रावधान
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- खाता खोलने के तीन वर्ष पूरे होने के बाद अनुमति
- अपने योगदान का अधिकतम 25% (लाभांश को छोड़कर) निकाला जा सकता है
- शिक्षा, चिकित्सा उपचार और निर्दिष्ट दिव्यांगताओं के लिए अनुमति
· 18 वर्ष से पहले दो बार और 18-21 वर्ष के बीच दो बार की अनुमति है, जो शर्तों के अधीन होगी
वयस्क होने पर
- 18 वर्ष की आयु प्राप्त होने पर नया केवाईसी अनिवार्य है
- 21 वर्ष तक उपलब्ध विकल्प:
- एनपीएस वात्सल्य के तहत जारी रखें, या
- एनपीएस टियर I (सभी नागरिक मॉडल या कोई अन्य लागू मॉडल) में स्थानांतरित करें, या
- निम्न के साथ बहिर्गमन करें:
- अधिकतम 80% एकमुश्त राशि के रूप में
- न्यूनतम 20% वार्षिकी में बदलना आवश्यक
· यदि निधि ₹8 लाख या उससे कम है, तो पूरी धन-निकासी की अनुमति है
दिशा-निर्देश समुदाय स्तर के कार्यकर्ताओं जैसे कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा स्वयंसेविका और बैंक सखी के लिए लक्षित प्रोत्साहन व्यवस्था पेश करते हैं, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और योजना से जोड़ने को सुविधाजनक बनाने में उनकी भूमिका को मान्यता मिलती है।
एनपीएस वात्सल्य का उद्देश्य बचत की संस्कृति को पोषित करना, कम उम्र से वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक वित्तीय योजना को मजबूत करना है, जो विकसित भारत@2047 की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप है। निर्देश सभी हितधारकों के लिए स्पष्टता, पारदर्शिता और एकरूपता लाने का प्रयास करते हैं, साथ ही पेंशन युक्त और वित्तीय रूप से सुरक्षित समाज बनाने के व्यापक उद्देश्य का समर्थन करते हैं।
अधिक जानकारी के लिए, हितधारक एनपीएस वात्सल्य योजना दिशा-निर्देश 2025 देख सकते हैं।
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पीके/केसी/जेके
(रिलीज़ आईडी: 2214324)
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