इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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इंडियाएआई मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (इंडियाएआई) और उत्तर प्रदेश विकास प्रणाली निगम लिमिटेड (यूपीडीईएससीओ), लखनऊ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान

प्रविष्टि तिथि: 12 JAN 2026 7:34PM by PIB Delhi

डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के स्वतंत्र व्यावसायिक विभाग – इंडियाएआई मिशन के तहत देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अधीन कार्य करता है। इस संदर्भ में, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (इंडियाएआई) और उत्तर प्रदेश विकास प्रणाली निगम लिमिटेड (यूपीडीईएससीओ), लखनऊ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ है।

उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग यादव और इंडिया एआई मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अभिषेक सिंह के बीच इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ, जो राज्य सरकार और भारत सरकार के बीच सहयोग प्रयासों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग यादव ने कहा कि यह इंडियाएआई मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, जो राज्य के युवाओं को भविष्य के अनुकूल डिजिटल कौशल प्रदान करने में मदद करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके कौशल विकास को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

यूपीडीईएससीओ की प्रबंध निदेशक सुश्री नेहा जैन ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में इंडियाएआई मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को नोडल प्रशासनिक विभाग के रूप में तथा उत्तर प्रदेश विकास प्रणाली निगम लिमिटेड (यूपीडीईएससीओ), लखनऊ को राज्य नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।

इंडियाएआई मिशन के तहत, उत्तर प्रदेश में कुल 65 डेटा और एआई लैब्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इनमें से, लखनऊ और गोरखपुर स्थित एनआईईएलआईटी केंद्रों में दो इंडियाएआई डेटा और एआई लैब्स पहले से ही परिचालन में हैं, जबकि पीलीभीत में एक उद्योग भागीदार द्वारा एक डेटा और एआई लैब की स्थापना की गई है। इसके अलावा, 49 डेटा और एआई लैब्स को राज्य सरकार द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है और कार्यान्वयन कार्य शुरू हो चुका है। आगे चलकर 13 अतिरिक्त स्थानों की पहचान की जाएगी।

इंडियाएआई डेटा लैब्स आधुनिक एआई अवसंरचना से सुसज्जित होंगी, जिसमें कंप्यूटिंग संसाधन, सॉफ्टवेयर प्लेटफ़ॉर्म, क्यूरेटेड डेटा सेट और एआई कौशल व अनुभवात्मक ज्ञान-प्राप्ति का समर्थन करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए लर्निंग मॉड्यूल शामिल होंगे। छात्र वास्तविक दुनिया के उपयोग से जुड़े मामलों, परियोजना-आधारित ज्ञान-प्राप्ति और समस्या-समाधान अभ्यास के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, ताकि वे व्यावहारिक और उद्योग परिदृश्यों के लिए प्रासंगिक एआई-आधारित समाधान डिजाइन, विकसित और तैनात करने में सक्षम हो सकें।

तकनीकी प्रशिक्षण के अलावा, इस पहल में करियर, नवाचार और कार्यबल के लिए तैयारी पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे छात्रों को उभरती रोजगार भूमिकाओं, नैतिक एआई प्रथाओं और अनुप्रयोग-केंद्रित ज्ञान-प्राप्ति के बारे में जानकारी मिलेगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यबल में मौजूदा एआई कौशल अंतर को पाटना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और राज्य में एआई-तैयार प्रतिभा की मजबूत श्रृंखला बनाना है।

यह पहल डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उत्तर प्रदेश में एआई इकोसिस्टम के विकास का समर्थन करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के साथ शिक्षा और कौशल विकास को संरेखित करके, इंडियाएआई डेटा लैब्स पहल डिजिटल इंडिया के व्यापक विज़न के तहत उत्तर प्रदेश को एआई-संचालित नवाचार, तकनीकी सशक्तिकरण और कुशल मानव संसाधन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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पीके/केसी/जेके/एसएस


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