पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
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विशाखापत्तनम में आयोजित भारतीय प्रकाशस्‍तंभ उत्‍सव 3.0 में सर्बानंद सोणोवाल ने कहा, ‘एक दशक में प्रकाशस्‍तंभ पर्यटन में पांच गुना वृद्धि हुई है’


केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने विशाखापत्तनम में 230 करोड़ रुपये की पोत अवसंरचना परियोजनाओं का शुभारंभ किया

सोणोवाल ने भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव 3.0 में आंध्र प्रदेश के पहले प्रकाशस्तंभ संग्रहालय की घोषणा की, यह विशाखापत्तनम में स्थापित किया जाएगा

प्रविष्टि तिथि: 10 JAN 2026 9:15PM by PIB Delhi

दो दिवसीय भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव 3.0 का विशाखापत्तनम में शानदार समापन हुआ जिसमें केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि इस आयोजन ने विशाखापत्तनम शहर को ‘भारत की समुद्री विरासत और तटीय संस्कृति के प्रतीक’ के रूप में उभरने में मदद की है।

भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव 3.0 के समापन समारोह में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा, “प्रकाशस्तंभ महोत्सव की परिकल्पना लोगों, संस्कृति और विरासत के उत्सव के रूप में की गई थी और विशाखापत्तनम ने सभी अपेक्षाओं को पूरा किया है। जीवंत प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों, स्थानीय शिल्पकला, पाक विविधता, फैशन प्रदर्शनियों और रात्रि प्रकाश व्यवस्था ने इस स्थल को भारत की तटीय पहचान के जीवंत उत्सव में बदल दिया है। सबसे उत्साहजनक बात यह रही कि जनता - परिवार, युवाओं, कलाकारों, उद्यमियों, छात्रों और आगंतुकों - ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जिससे यह महोत्सव जीवंत, समावेशी और यादगार बन गया।”

समापन समारोह में सर्बानंद सोणोवाल ने विशाखापत्तनम में आंध्र प्रदेश के पहले प्रकाशस्तंभ संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की। इसे समुद्री शिक्षा, विरासत संरक्षण और पर्यटन संवर्धन केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। 75 प्रकाशस्तंभों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की सफलता के आधार पर, सोणोवाल ने कहा कि सरकार का अब देशभर में अतिरिक्त 25 प्रकाशस्तंभ विकसित करने का प्रस्ताव है जिसमें आंध्र प्रदेश में अधिक उपयुक्त स्थलों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि प्रकाशस्तंभ आधारित पर्यटन को और बढ़ावा दिया जा सके।

सोणोवाल ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम स्थित जंगलीघाट में स्टाफ क्वार्टर के पुनर्निर्माण के लिए वर्चुअल माध्यम से आधारशिला भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने गोवा के अगुआडा प्रकाशस्तंभ में लाइट एंड साउंड प्रोजेक्शन मैपिंग शो का वर्चुअल उद्घाटन किया।

सर्बानंद सोणोवाल ने देश भर में समुद्री सुरक्षा, विरासत और पर्यटन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई नई पहलों की घोषणा की। सोणोवाल ने कहा कि अंतर्देशीय जलमार्गों पर नौवहन सुरक्षा बढ़ाने के लिए असम में राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र नदी) पर बोगीबील, सिलघाट, पांडू और बिश्वनाथघाट में चार नए प्रकाशस्तंभों का निर्माण किया जाएगा।

सर्बानंद सोणोवाल ने आगे कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हमारे प्रकाशस्तंभ न केवल हमारे तटों पर, बल्कि हमारे लोगों के दिलों और दिमागों में भी चमकते रहें। इस महोत्सव की सफलता स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि प्रकाशस्तंभ पर्यटन किस प्रकार स्थानीय आजीविका का सृजन कर सकता है, समुद्री जागरूकता बढ़ा सकता है और तटीय समुदायों और उनके समुद्री इतिहास के बीच भावनात्मक बंधन को मजबूत कर सकता है।”

विशाखापत्तनम पत्तन प्राधिकरण (वीपीए) और दीपस्तंभ और दीपपोत महानिदेशालय (डीजीएलएल) के बीच विशाखापत्तनम में एक प्रकाशस्तंभ संग्रहालय के निर्माण के लिए एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया है जिससे भारत के पूर्वी तट पर प्रकाशस्तंभ आधारित पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस सहयोग के तहत, वीपीए पत्तन परिसर के भीतर पुराने प्रकाशस्तंभ क्षेत्र में 3,156 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध कराएगा। यह संग्रहालय प्रकाशस्तंभों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाएगा, प्राचीन नौवहन सहायक उपकरणों से लेकर आधुनिक समुद्री सुरक्षा प्रणालियों तक उनके विकास को दर्शाएगा और भारत की समुद्री विरासत को आकार देने में उनकी भूमिका को उजागर करेगा।

मोदी सरकार की प्रकाशस्तंभ पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, सर्बानंद सोणोवाल ने राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर (एनएमएचसी) में 266 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित हो रहे 77 मीटर ऊंचे प्रकाशस्तंभ संग्रहालय का उल्लेख किया। यह संग्रहालय विश्व के सबसे बड़े समुद्री संग्रहालयों में से एक होगा और अपनी तरह का विश्व का सबसे ऊंचा प्रकाशस्तंभ संग्रहालय होगा। यह प्रतिष्ठित संरचना प्रकाशस्तंभों के इतिहास और विकास को दर्शाएगी और भारत की बढ़ती समुद्री महत्वाकांक्षाओं का एक सशक्त प्रतीक होगी।

भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव के दौरान विशाखापत्तनम पत्तन पर सोणोवाल ने 230 करोड़ रुपये की पत्तन अवसंरचना परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

इससे पहले दिन में, भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव 3.0 से इत्तर, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने विशाखापत्तनम में आयोजित भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव 3.0 के अवसर पर विशाखापत्तनम पत्तन प्राधिकरण (वीपीए) में 230 करोड़ रुपये की पत्तन अवसंरचना विकास परियोजनाओं की एक श्रृंखला का शुभारंभ किया।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य पत्तन पर सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करना, जहाज मरम्मत क्षमताओं को बढ़ाना, प्रशासनिक बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना और आवासीय सुविधाओं में सुधार करना है। यह विश्व स्तरीय, भविष्य के लिए तैयार समुद्री बुनियादी ढांचे के निर्माण के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

इस अवसर पर बोलते हुए सर्बानंद सोणोवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के पत्तन विकास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। विशाखापत्तनम पत्तन पर आज शुरू की गई पहल क्षमता, सुरक्षा और परिचालन दक्षता को मजबूत करती है, आधुनिक समुद्री प्रवेश द्वार के रूप में विजाग की भूमिका को सुदृढ़ करती है और भारत के पूर्वी तट को सशक्त बनाती है—यह हमारे सामूहिक लक्ष्य ‘विकसित भारत’ को आगे बढ़ाती है और भारत को विश्व के अग्रणी समुद्री राष्ट्रों में स्थान दिलाती है।”

प्रारंभ की गई परियोजनाओं में से एक है एलपीजी बर्थ पर अग्निशमन सुविधाओं का उन्नयन, ताकि 40,000 डीडब्ल्यूटी और उससे अधिक के जहाजों को ओआईएसडी-156 सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुरूप सुविधा मिल सके। 52.24 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना पत्तन पर सुरक्षा तैयारियों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी।

जहाज मरम्मत और रखरखाव क्षमता बढ़ाने के लिए, केंद्रीय मंत्री ने ओआरएस शुष्‍क गोदी में बुनियादी ढांचा सुविधाओं के उन्नयन और विकास का भी शुभारंभ किया। इसे 15 वर्षों के लिए लाइसेंस के आधार पर लीज पर दिया जाएगा। इस परियोजना में 35.87 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है और इससे समुद्री मरम्मत कार्यों को बढ़ावा मिलने और अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सोणोवाल ने विशाखापत्तनम में अपनी तरह के पहले उत्कृष्टता केंद्र, इंडिया शिप टेक्नोलॉजी सेंटर (आईएसटीसी) की स्थापना की भी घोषणा की। यह भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय (आईएमयू) के तहत विकसित किया जाएगा। यह संस्था जहाज निर्माण डिजाइन, मानव संसाधन प्रशिक्षण, जहाज निर्माण में अनुसंधान एवं विकास और परीक्षण सुविधाओं के समन्वय से संबंधित भारत की क्षमताओं को विकसित करने में मदद करेगी।

इसके अतिरिक्त, पत्तन पर कार्यालय के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और परिचालन दक्षता में सुधार लाने के लिए 97.70 करोड़ रुपये की लागत से एक नए प्रशासनिक कार्यालय भवन (एओबी) का निर्माण शुरू किया गया। मंत्री ने पत्तन कर्मचारियों के लिए आवास सुविधाओं और कल्याण को बढ़ाने के उद्देश्य से हार्बर पार्क में 44.20 करोड़ रुपये के निवेश से आवासीय अपार्टमेंट के निर्माण का भी शुभारंभ किया।

पिछले एक दशक में प्रमुख नीतिगत और अवसंरचना सुधारों के माध्यम से भारत के समुद्री क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। 2024-25 में, देश के 12 प्रमुख पत्तनों ने रिकॉर्ड 855 मिलियन टन माल का संचालन किया, जबकि जहाजों का औसत टर्नअराउंड समय 2014 के 96 घंटे से घटकर 2025 में 49.5 घंटे हो गया, जिससे भारतीय पत्तन विश्व के सबसे कुशल पत्तनों में शामिल हो गए। आज, नौ भारतीय पत्तन वैश्विक शीर्ष 100 पत्तनों में शामिल हैं जिनमें विशाखापत्तनम पत्तन कंटेनर व्‍यापार के मामले में शीर्ष 20 पत्तनों में स्थान रखता है। सागरमाला कार्यक्रम ने इस गति को और मजबूत किया है। इसके तहत 1.41 लाख करोड़ रुपये की 272 परियोजनाएं पूरी की गई हैं, साथ ही अंतर्देशीय जलमार्गों के पुनरुद्धार ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जहां माल ढुलाई में 700 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और यह लगभग 150 मिलियन टन वार्षिक तक पहुंच गई है।

इससे पहले, एमजीएम पार्क में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोणोवाल ने भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में पारंपरिक व्यंजनों और उत्सवों से लेकर नृत्य और नाट्य प्रदर्शन, इंटरैक्टिव गतिविधि क्षेत्र और प्रामाणिक तटीय व्यंजनों के स्वाद तक विविध प्रकार के अनुभव शामिल थे।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल के साथ पर्यटन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी; पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) के सचिव विजय कुमार; विशाखापत्तनम और मुंबई पत्तन प्राधिकरण (वीपीए) के अध्यक्ष एम. अंगामुथु; और दीपस्तंभ और दीपपोत महानिदेशालय (डीजीएलएल) के महानिदेशक मुरुगनंदन; विशाखापत्तनम (उत्तर) के विधायक पी. विष्णु कुमार राजू और विशाखापत्तनम जीवीएमसी के महापौर पीला श्रीनिवास राव, भारत सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति और समुद्री क्षेत्र के सदस्य एमजीएम पार्क में आयोजित भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव 3.0 के समापन सत्र में शामिल हुए।

11,000 किलोमीटर से अधिक लंबी तटरेखा और 205 प्रकाशस्तंभों के साथ, भारत इन ऐतिहासिक समुद्री प्रहरी स्थलों को जीवंत पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों के रूप में पुनर्जीवित करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के ‘मन की बात’ संबोधन के बाद इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर गति मिली जिसमें उन्होंने प्रकाशस्तंभों की विरासत को संरक्षित करते हुए उनकी पर्यटन क्षमता को बढ़ाने का आह्वान किया था। भारतीय समुद्री परिकल्‍पना 2030 और अमृत काल परिकल्‍पना 2047 के अनुरूप, इस कार्यक्रम के तहत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 75 प्रकाशस्तंभों को आधुनिक पर्यटक सुविधाओं से विकसित किया जा चुका है जिससे पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, रोजगार सृजन हुआ है और तटीय समुदायों में आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हुई हैं।

भारतीय प्रकाशस्तंभ महोत्सव इस परिवर्तन को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। इसका पहला संस्करण, भारतीय प्रकाश स्तंभ उत्सव, सितंबर 2023 में गोवा के फोर्ट अगुआडा में आयोजित किया गया था। यह राष्ट्रीय पहल के रूप में प्रकाशस्तंभ पर्यटन की औपचारिक शुरुआत थी। दूसरा संस्करण, अक्टूबर 2024 में ओडिशा के पुरी में आयोजित किया गया, जिसमें नए प्रकाशस्तंभों के समर्पण और सामुदायिक भागीदारी तथा विरासत-आधारित पर्यटन पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए इसका दायरा बढ़ाया गया। इसी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए, विशाखापत्तनम में आयोजित तीसरा संस्करण भारत की समुद्री विरासत का उत्‍सव मनाना जारी रखे हुए है, साथ ही प्रकाशस्तंभों को संस्कृति, पर्यटन और तटीय विकास के गतिशील केंद्रों के रूप में स्थापित करता है। यह महोत्सव पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्‍ल्‍यू) के अंतर्गत दीपस्तंभ और दीपपोत महानिदेशालय (डीजीएलएल) द्वारा आयोजित किया जाता है।

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पीके/केसी/पीपी/वीके


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