शिक्षा मंत्रालय
आईआईटी भिलाई में संपन्न हुआ EPREC 2026, टिकाऊ ऊर्जा और नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम
प्रविष्टि तिथि:
05 JAN 2026 4:00PM by PIB Raipur
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में तीन दिनों तक चले ज्ञान और तकनीक के महाकुंभ, '6वें IEEE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (EPREC 2026)', का आज भव्य समापन हुआ। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा के भविष्य पर मंथन किया। 2 से 4 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम ने न केवल अनुसंधान की नई दिशाएं तय कीं, बल्कि वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को भी एक मजबूत मंच प्रदान किया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर और 'विज्ञान श्री' पुरस्कार विजेता, प्रो. भीम सिंह ने शोध की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित शोधकर्ताओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल शोध करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे 'अनुप्रयोग-उन्मुख' (application-oriented) बनाना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नवाचार और स्टार्टअप आधारित समाधान ही भविष्य में रोजगार सृजन का मुख्य आधार बनेंगे, जिससे देश तकनीकी रूप से और अधिक आत्मनिर्भर होगा।

इस गरिमामयी अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। सम्मेलन के दौरान डीन (अनुसंधान एवं विकास) डॉ. संतोष बिस्वास और विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. अविशेक अधिकारी ने भी अपने विचार साझा किए। शिक्षा जगत और उद्योग जगत के दिग्गजों द्वारा दिए गए मुख्य भाषणों ने प्रतिभागियों को बिजली क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों और आधुनिक समाधानों से अवगत कराया।
सम्मेलन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 500 से अधिक शोधपत्र प्राप्त हुए थे। एक बेहद कठिन और गहन समीक्षा प्रक्रिया के बाद केवल 235 उच्च गुणवत्ता वाले शोधपत्रों को ही प्रस्तुति के लिए चुना गया। इन तकनीकी सत्रों और चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को स्मार्ट ग्रिड, इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में हो रहे नवीनतम बदलावों को समझने का मौका मिला। डॉ. शैलेंद्र कुमार और डॉ. कृष्ण मुरारी के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन को सफल बनाने में डॉ. ओम हरि गुप्ता और डॉ. जितेंद्र कुमार (एनआईटी जमशेदपुर) का भी विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने IEEE, सभी प्रायोजकों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए इस सफल अध्याय का समापन किया। अब इस यात्रा का अगला पड़ाव 'EPREC 2027' होगा, जिसकी मेजबानी एनआईटी जमशेदपुर द्वारा की जाएगी।
****
(रिलीज़ आईडी: 2211500)
आगंतुक पटल : 31
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें:
English