श्रम और रोजगार मंत्रालय
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पीडीयूएनएएसएस और आईसी सेंटर फॉर गवर्नेंस ने सामाजिक सुरक्षा प्रशासन में नैतिकता को समाहित करने के लिए ऐतिहासिक साझेदारी की

प्रविष्टि तिथि: 29 DEC 2025 5:24PM by PIB Delhi

देश में सार्वजनिक सेवा वितरण को पुनर्परिभाषित करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम उठाते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्था पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) ने आईसी सेंटर फॉर गवर्नेंस (आईसीसीएफजी) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) ईपीएफओ अधिकारियों के लिए तकनीकी विशेषज्ञता के साथ नैतिक नेतृत्व और नैतिक अखंडता को एकीकृत करने हेतु एक व्यापक ढांचे को संस्थागत रूप देता है।

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इस समझौता ज्ञापन पर पीडीयूएनएएसएस के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम श्री राम आनंद और आईसीसीएफजी के महासचिव श्री शांति नारायण ने पीडीयूएनएस के निदेशक श्री कुमार रोहित की उपस्थिति में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस समारोह में आईसीसीएफजी के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें उपाध्यक्ष श्री महेश कपूर और भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री बलविंदर कुमार और श्री अनुराग गोयल शामिल थे। इस मौके पर  वरिष्ठ सदस्य ब्रिगेडियर राजेंद्र कुमार, श्री राजीव सचदेवा, श्री सुनील कुमार, सुश्री अर्चना दुबे, श्री विनोद के. मौर्य और सुश्री रणनाही द्विवेदी भी उपस्थित थे। पीडीयूएनएस प्रतिनिधिमंडल में क्षेत्रीय पीएफ आयुक्त श्री प्रशांत शर्मा, श्री हरीश यादव और श्री अंकुर पी. गुप्ता शामिल थे।

यह गठबंधन एक ऐसे महत्वपूर्ण समय पर किया गया है, जब ईपीएफओ द्वारा व्यापक "ईज़ ऑफ लिविंग" सुधारों और डिजिटल परिवर्तनों को लागू किया जा रहा है, जिसके लिए ऐसे कार्यबल की आवश्यकता है जो न केवल डिजिटल रूप से कुशल हो, बल्कि नैतिक रूप से सुदृढ़ भी हो।

भविष्य के लिए तैयारसिविल सेवा हेतु एक रणनीतिक गठबंधन

इस सहयोग का उद्देश्य नियम-आधारित अनुपालन से हटकर भूमिका-आधारित नैतिक दक्षता पर ध्यान केंद्रित करते हुए "मिशन कर्मयोगी" की परिकल्पना को साकार करना है। यह लाखों भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रशासन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सहानुभूति की बढ़ती आवश्यकता को संबोधित करता है।

पीडीयूएनएएसएस के निदेशक श्री कुमार रोहित ने इस साझेदारी की रणनीतिक आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, भारत के सामाजिक सुरक्षा परिदृश्य में परिवर्तनकारी सुधारों के बीच ईपीएफओ की जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में हमारे अधिकारियों को केवल प्रक्रियात्मक दक्षता ही नहीं, बल्कि नैतिक योग्यता की भी आवश्यकता है। आईसीसीएफजी के साथ यह गठबंधन मूल्यों पर आधारित प्रशिक्षण को संस्थागत रूप देगा, जिससे ऐसे सिद्धांतनिष्ठ नेतृत्वकर्ता तैयार होंगे जो संस्थागत विश्वसनीयता और जन-विश्वास को बनाए रखेंगे। हम कौशल प्रशिक्षण से आगे बढ़कर चरित्र निर्माण की ओर बढ़ रहे हैं।

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संरचित प्रशिक्षण व्यवस्था

यह समझौता ज्ञापन एक स्तरीय वार्षिक प्रशिक्षण ढांचा स्थापित करता है। इसमें समूह 'ए' के ​​अधिकारियों के लिए आईसीसीएफजी केंद्रों में नेतृत्व और नीति पर केंद्रित विशेष आवासीय कार्यक्रम और समूह 'बी' के अधिकारियों के लिए पीडीयूएनएएसएस में पेशेवर आचरण और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर केंद्रित समर्पित परिसर-आधारित प्रशिक्षण शामिल है। यह खंडित दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि निर्णय लेने वालों से लेकर फील्ड फोर्स तक संपूर्ण कार्यबल उत्तरदायी और विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा प्रदान करने के लिए सुसज्जित हो।

सार्वजनिक शक्ति के लिए आंतरिक संरेखण

आईसीसीएफजी के अध्यक्ष, पूर्व कैबिनेट सचिव और झारखंड के पहले राज्यपाल श्री प्रभात कुमार ने इस पहल के दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, सत्यनिष्ठा एक निजी सद्गुण और एक सार्वजनिक शक्ति दोनों है। हम अधिकारियों से कर्तव्य और अंतरात्मा के बीच आंतरिक सामंजस्य स्थापित करने का आग्रह करते हैं। जब कोई सिविल सेवक नैतिक समन्वय के साथ कार्य करता है, तब शासन एक दायित्व न रहकर सेवा बन जाता है। यह साझेदारी प्रत्येक अधिकारी के भीतर निहित 'कर्मयोगी' को जागृत करने के बारे में है।

सुधारों की पृष्ठभूमि

यह पहल ईपीएफओ द्वारा 2025 में शुरू किए गए हालिया परिचालन सुधारों, जिनमें सरलीकृत निकासी ढांचा और केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली शामिल है, का पूरक है। जैसे-जैसे संगठन स्वचालन के माध्यम से मैन्युअल प्रक्रियाओं को कम कर रहा है, जटिल मामलों में विवेकाधीन शक्तियों के प्रयोग हेतु उच्च नैतिक विवेक की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। पीडीयूएनएएसएस-आईसीसीएफजी साझेदारी यह सुनिश्चित करती है कि शासन का मानवीय पहलू डिजिटल पहलू के साथ तालमेल बनाए रखे।

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संस्थानों के बारे में

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) के बारे में: पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला प्रमुख शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान है। अधिकारियों के सतत व्यावसायिक विकास को सुगम बनाने के उद्देश्य से स्थापित यह अकादमी नए श्रम संहिताओं तथा डिजिटल इंडिया जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप मानव संसाधनों को संरेखित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आईसीसीएफजी के बारे में: आईसी सेंटर फॉर गवर्नेंस (आईसीसीएफजी) एक प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी संस्था है, जो लोक प्रशासन के नैतिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित है। कार्यकारी शिक्षा और नीतिगत संवाद के माध्यम से यह संस्था आईएएस अधिकारियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के नेतृत्व सहित वरिष्ठ सिविल सेवकों के लिए उच्च-प्रभावशाली कार्यक्रम संचालित करती है। इसके "लोक शासन में नैतिकता" मॉड्यूल अपनी व्यावहारिक प्रासंगिकता और परिवर्तनकारी क्षमता के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त हैं।

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