राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा शहर में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के छह आरोपियों में से चार की गिरफ्तारी के बाद उसे मिली जान से मारने की धमकी पर पुलिस की कथित निष्क्रियता पर स्वतः संज्ञान लिया
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी
प्रविष्टि तिथि:
01 DEC 2025 3:25PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा शहर में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को जान से मारने की धमकियों पर पुलिस निष्क्रियता संबंधी मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने नाबालिग पीड़िता को तब भी रोकने की कोशिश की जब वह मेरठ मंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक से मिलकर अपनी आपबीती बताने का प्रयास कर रही थी। अंततः उपमहानिरीक्षक ने पीड़िता की बात सुनी और मामले की जांच के आदेश दिए तथा लापरवाही के लिए खुर्जा थाने के एसएचओ को पुलिस लाइन भेज दिया।
आयोग ने पाया है कि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सत्य होने पर यह पीड़ित लड़की के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। आयोग ने इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
15 नवंबर 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार , जून 2025 में छह बदमाशों ने दो दिनों तक लड़की का यौन शोषण किया। इस मामले में 10 जून 2025 को खुर्जा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, लेकिन दो अन्य बदमाश भागने में सफल रहे। इसके बाद, लड़की को जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। इसके बारे में कई शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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पीके/केसी/एकेवी/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2197051)
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