महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
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राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता सम्मेलन-2025 कल विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा


यह कार्यक्रम विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के गैर-संस्थागत पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित करेगा

सम्‍मेलन में दत्तक ग्रहण संवाद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा; सम्‍मेलन-2025 नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और दत्तक परिवारों को एकजुट करेगा

प्रविष्टि तिथि: 26 NOV 2025 3:48PM by PIB Delhi

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) के तत्वावधान में केंद्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा), महिला विकास एवं बाल कल्याण विभाग, आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता माह के राष्ट्रव्यापी अनुपालन के एक भाग के रूप में कल 27 नवंबर, 2025 को विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता सम्मेलन-2025 का आयोजन करेगा। इस वर्ष का सम्मेलन "विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) का गैर-संस्थागत पुनर्वास" विषय पर केंद्रित है, जो किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के अनुसार माता-पिता के सहयोग के बिना बच्चों के लिए समावेशी, करुणामय और परिवार-आधारित देखभाल को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

इस सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक, आंध्र प्रदेश महिला विकास एवं बाल कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री ए. सूर्यकुमारी और केन्‍द्रीय दत्‍तक संसाधन प्राधिकरण की सदस्य सचिव एवं मुख्‍य कार्यकारी सुश्री भावना सक्सेना सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन समारोह से होगी, जिसके बाद केन्‍द्रीय दत्‍तक संसाधन प्राधिकरण के सीईओ द्वारा स्वागत भाषण और विषयगत प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद के सत्रों में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव का मुख्य भाषण और आंध्र प्रदेश महिला विकास एवं बाल कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव का विशेष संबोधन शामिल होगा। भावी अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने और गोद लेने को प्रोत्साहित करने के लिए "विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) को गोद लेना" नामक एक विशेष फिल्म भी लॉन्च की जाएगी।

इस सम्मेलन में विविध हितधारकों को एक साथ लाते हुए राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसियों (एसएआरए) के प्रतिनिधि, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ) और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की बाल कल्याण समिति (सीडब्‍ल्‍यूसी) के सदस्य शामिल होंगे। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक माता-पिता, भावी दत्तक माता-पिता, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर, इस मंच का उद्देश्य दत्तक ग्रहण इकोसिस्‍टम के समर्थकों और लाभार्थियों के बीच सहयोग को मज़बूत करना है। यह कार्यक्रम बेहतर कार्य प्रणालियों को बढ़ावा देगा, नीतिगत चर्चाओं को सुगम बनाएगा और दत्तक ग्रहण तथा परिवार-आधारित अन्य देखभाल मॉडलों के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के संवेदनशील, सूचित और समय पर पुनर्वास के महत्व पर प्रकाश डालेगा।

इस कार्यक्रम में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक माता-पिता द्वारा अपने अनुभवों को साझा किया जाएगा और बच्चों द्वारा एक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिसके बाद औपचारिक स्वीकृति के साथ समापन होगा। राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता सम्मेलन-2025 से कार्यान्वयन योग्य सुझाव प्राप्त होने, पारस्परिक शिक्षा को बढ़ावा मिलने और हितधारकों के बीच परिचालन तालमेल में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे देश के दत्तक ग्रहण इकोसिस्‍टम को मज़बूती मिलेगी और यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक बच्चे —विशेषकर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों —को एक सुरक्षित, पोषित और स्थायी घर मिले।

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पीके/केसी/एचएन/वाईबी


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