विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की का दौरा किया
-रुद्राक्ष” ग्रामीण आवास संकलन का विमोचन
-सौर एयर कंडीशनर एवं जल हीटर तकनीक का निरीक्षण
-राष्ट्रीय भूकंप अभियांत्रिकी परीक्षण सुविधा (एनईईटीएफ) एवं अग्नि परीक्षण सुविधा का अवलोकन
-“विकसित भारत @ 2047” दृष्टिकोण की दिशा में एक और ठोस कदम
प्रविष्टि तिथि:
01 OCT 2025 4:45PM by PIB Dehradun
माननीय केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री, डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–सीबीआरआई), रुड़की का बुधवार को दौरा किया, जो भवन विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का संस्थान है। उनका स्वागत निदेशक, प्रो. आर. प्रदीप कुमार, के साथ मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया, डॉ. डी.पी. कानूनगो, प्रो. एस. के. सिंह और डॉ. एस. के. पाणिग्राही ने किया।
प्रो. आर. प्रदीप कुमार ने सीएसआईआर–सीबीआरआई के ग्रामीण विकास और भवन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवाचारों में महत्वपूर्ण योगदान का अवलोकन प्रस्तुत किया। इसके बाद माननीय मंत्री ने डॉ. बिलिंग्स प्रदर्शनी गैलरी का दौरा किया, जहाँ उन्होंने डॉ. चंदन स्वरूप मीणा, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा विकसित सौर एयर कंडीशनर और जल हीटर प्रौद्योगिकी का निरीक्षण किया। यह नवाचार ऊर्जा-कुशल हीटिंग और स्पेस कंडीशनिंग समाधान प्रदान करता है, जो स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करता है।

अपने दौरे के दौरान, मंत्री ने राष्ट्रीय भूकंप अभियांत्रिकी परीक्षण सुविधा (एनईईटीएफ), अग्नि अनुसंधान परीक्षण सुविधा और निर्माण प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पार्क का भी अवलोकन किया। प्रदर्शन पार्क में, उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई–जी) के तहत देश का पहला 3डी कंक्रीट प्रिंटेड ग्रामीण घर का उद्घाटन किया, जिसका समन्वय डॉ. अजय चौरसिया और श्री आशीष कपूर ने किया। साथ ही उन्होंने कई उभरती निर्माण प्रौद्योगिकी वाले घरों का भी निरीक्षण किया।
मंत्री ने संस्थान के लॉन में “सिंदूर” वृक्षारोपण में भी भाग लिया, और इसी अवसर पर ग्रामीण आवास संकलन “रुद्राक्ष”, जिसका समन्वय श्री आशीष पिप्पल द्वारा किया गया, का विमोचन किया गया। यह संकलन ग्रामीण आवास में सीएसआईआर–सीबीआरआई के व्यापक योगदान को रेखांकित करता है।
सभा को संबोधित करते हुए, डॉ. पेम्मासानी ने सीएसआईआर–सीबीआरआई की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि संस्थान ने ग्रामीण आवास और स्वच्छता के लिए नवाचारी, किफायती और आपदा-प्रतिरोधी समाधान विकसित किए हैं। उन्होंने पहल संकलन, दो-पिट पोर-फ्लश शौचालय तकनीक, लागत मानदंडों में संशोधन हेतु तकनीकी सिफारिशें, नॉन-इरॉडिबल मड प्लास्टर और ग्रामीण एवं निर्माण प्रौद्योगिकी पार्कों जैसी उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया।
माननीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (पीएमएवाई–जी) के अंतर्गत 3डी कंक्रीट प्रिंटेड ग्रामीण घर का उद्घाटन “विकसित भारत @ 2047” के दृष्टिकोण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने सीएसआईआर–सीबीआरआई की भूकंप और अग्नि परीक्षण सुविधाओं की सराहना करते हुए उन्हें भवन सुरक्षा और आपदा प्रतिरोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधन बताया।

कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, स्टाफ और छात्रों की उत्साही भागीदारी रही। इस अवसर पर निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार ने माननीय मंत्री को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट किया। धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. डी.पी. कानूनगो ने प्रस्तुत किया और संचालन प्रो. एस. के. सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ।
(रिलीज़ आईडी: 2173653)
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