पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
हिमाचल प्रदेश में भारत का शीत मरुस्थल जीवमंडल रिजर्व यूनेस्को के विश्व बायोस्फीयर रिजर्व नेटवर्क में शामिल
भारत ने आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया, बिहार में दो नए रामसर स्थलों को यूनेस्को नेटवर्क में शामिल किया, जिससे कुल संख्या 93 हो गई
प्रविष्टि तिथि:
27 SEP 2025 10:00PM by PIB Delhi
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि 27.09.2025 को आयोजित यूनेस्को की अंतर्राष्ट्रीय समन्वय परिषद - मानव और जीवमंडल - के 37वें सत्र के दौरान, भारत के शीत मरुस्थल जीवमंडल रिजर्व, हिमाचल प्रदेश को यूनेस्को के जीवमंडल रिजर्व के विश्व नेटवर्क में शामिल किया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि इसके साथ ही, भारत में अब यूनेस्को के विश्व जीवमंडव नेटवर्क रिजर्व में 13 जीवमंडल सूचीबद्ध हो गए हैं, जो जैव विविधता संरक्षण और समुदाय के नेतृत्व वाले सतत विकास को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि यह खबर भारत की ओर से बिहार में दो नए रामसर स्थलों (बक्सर जिले में गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर) और पश्चिम चंपारण जिले में उदयपुर झील (319 हेक्टेयर)) को शामिल करने के ठीक एक दिन बाद आई है।
श्री यादव ने 'X' पर अपनी पिछली पोस्ट में बताया था कि इन दो नए रामसर स्थलों को जोड़कर भारत ने आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत किया है। इसके साथ ही, देश में रामसर स्थलों की कुल संख्या 93 हो गई है, जिनका क्षेत्रफल 13,60,719 हेक्टेयर है। उन्होंने जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन के प्रति सुदृढ़ता और सतत आजीविका के लिए अपने समृद्ध आर्द्रभूमि परितंत्र की सुरक्षा के प्रति भारत के संकल्प को दोहराया।
श्री यादव ने जोर देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में परितंत्र के संरक्षण, सुरक्षा और पुनर्स्थापन के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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पीके/केसी/एके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2173518)
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