संस्कृति मंत्रालय
बौद्धिक संपदा जागरूकता
प्रविष्टि तिथि:
21 AUG 2025 4:13PM by PIB Delhi
संस्कृति मंत्रालय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संबंध में बौद्धिक संपदा (आईपी) के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उसके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में, मंत्रालय अपनी अकादमियों, केंद्रों और घटक इकाइयों में समर्पित बौद्धिक संपदा प्रकोष्ठ स्थापित कर रहा है ताकि कलाकारों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के बारे में शिक्षित किया जा सके, बौद्धिक संपदा पंजीकरण को सुगम बनाया जा सके और वाद्ययंत्रों सहित पारंपरिक उत्पादों के भौगोलिक संकेत (जीआई) पंजीकरण में सहायता प्रदान की जा सके। मूर्त और अमूर्त दोनों प्रकार की सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण और संवर्धन के अपने अधिदेश के अंतर्गत, मंत्रालय सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों से जुड़ी बौद्धिक संपदा को मान्यता देने और उसकी सुरक्षा पर विशेष बल देता है।
संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) मंत्रालय के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकारों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है। यह सुनिश्चित करती है कि कार्यक्रमों और गतिविधियों में भाग लेने से पहले कलाकारों की सहमति प्राप्त की जाए। अपनी घटक इकाइयों और क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से, एसएनए जमीनी स्तर के कलाकारों को प्रशिक्षण और प्रदर्शन के अवसर प्रदान करती है, जिससे भारत की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और उनके रचनात्मक अधिकारों की सुरक्षा में सहयोग मिलता है।
संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) मंत्रालय के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकारों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है।
संस्कृति मंत्रालय के ढांचे के अंतर्गत, संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) और क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (जेडसीसी) बौद्धिक संपदा (आईपी) सेल परियोजना का लाभ बड़ी संख्या में कलाकारों को प्रदान कर रहे हैं, जिनमें लोक और जनजातीय कलाकार, पारंपरिक शिल्पकार, रंगमंच कलाकार, नर्तक, संगीतकार, कठपुतली कलाकार, कहानीकार, शास्त्रीय कलाकार और समकालीन सांस्कृतिक कलाकार शामिल हैं।
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी है।
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पीके/केसी/एसजी
(रिलीज़ आईडी: 2159362)
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