स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
रेबीज के उपचार को मज़बूत करने के लिए उठाए गए कदम
एनआरसीपी के माध्यम से जानवरों के काटने और रेबीज के मामलों की राष्ट्रव्यापी निगरानी को मज़बूत किया गया
सरकार टीकों, प्रशिक्षण और मॉडल एंटी-रेबीज क्लीनिकों के माध्यम से रेबीज नियंत्रण को बढ़ावा दे रही है
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) राष्ट्रीय निःशुल्क औषधि पहल के तहत एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की निःशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित करता है
‘वन हेल्थ’ कार्यक्रम पशु चिकित्सा प्रयोगशालाओं के माध्यम से पशुओं में रेबीज के निदान को बढ़ावा देता है।
प्रविष्टि तिथि:
19 AUG 2025 3:06PM by PIB Delhi
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम (एनआरसीपी) के माध्यम से सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में सभी प्रकार के जानवरों के काटने की निगरानी को सुदृढ़ कर रहा है। सभी राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (आईएचआईपी) के माध्यम से कुत्तों और अन्य जानवरों के काटने के मामलों और उनसे संबंधित मौतों के आंकड़े प्रस्तुत करते हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम (एनआरसीपी) के कार्यान्वयन के लिए बजटीय प्रावधानों के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है। इस वित्तपोषण में स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों का क्षमता निर्माण, रेबीज टीकों की खरीद, रेबीज और कुत्ते के काटने की रोकथाम पर सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) सामग्री का मुद्रण, डेटा प्रविष्टि सहायता, समीक्षा बैठकें, निगरानी और निरीक्षण, तथा आदर्श एंटी-रेबीज क्लीनिकों और घाव धोने की सुविधाओं की स्थापना शामिल है।
एनएचएम की राष्ट्रीय निःशुल्क औषधि पहल के अंतर्गत, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) और एंटी-रेबीज सीरम (एआरएस)/रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (आरआईजी) जैसी जीवन रक्षक दवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। ये दवाएँ राष्ट्रीय और राज्य दोनों आवश्यक औषधि सूचियों में शामिल हैं।
केन्द्रीय क्षेत्र घटक के अंतर्गत, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र जागरूकता, प्रयोगशाला सुदृढ़ीकरण, दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण सामग्री आदि के माध्यम से रेबीज नियंत्रण गतिविधियों को क्रियान्वित करता है।
इसके अलावा, "जूनोसिस की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य कार्यक्रम" के अंतर्गत पशु चिकित्सा क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करने के लिए सभी राज्यों और पशु चिकित्सा प्रयोगशालाओं में पशु रेबीज के निदान को मजबूत करने के लिए समितियों का गठन किया गया है।
जनता और स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए, पशु के काटने/कुत्ते के काटने के मामलों के प्रबंधन पर कुत्ते के काटने के प्रोटोकॉल, आईईसी सामग्री और प्रशिक्षण वीडियो बनाए गए हैं और पूरे देश में प्रसारित किए गए हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/केपी
(रिलीज़ आईडी: 2158020)
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