इस्पात मंत्रालय
हरित इस्पात वर्गीकरण एवं उद्योग अनुरूपता
प्रविष्टि तिथि:
08 AUG 2025 4:48PM by PIB Delhi
हरित इस्पात वर्गीकरण का उद्देश्य ‘हरित इस्पात’ की परिभाषा तय करना और इस्पात उद्योगों को ऊर्जा-कुशल तकनीक तथा गैर-जीवाश्म ईंधन (जैसे नवीकरणीय ऊर्जा आदि) अपनाकर हरित इस्पात के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक रूपरेखा विकसित करना है। विभिन्न हितधारकों के साथ कई परामर्श और विचार-विमर्श के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। जो संयंत्र आवेदन करेंगे और हरित इस्पात के वर्गीकरण (टैक्सोनॉमी) के अनुसार उत्सर्जन तीव्रता स्तर को पूरा करेंगे, उन्हें ‘हरित इस्पात प्रमाणपत्र’ जारी किए जाएंगे। इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय द्वितीयक इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएसएसटी), मापन, रिपोर्टिंग और सत्यापन (एमआरवी) के साथ-साथ इस्पात के लिए हरित इस्पात प्रमाणपत्र और स्टार रेटिंग जारी करने के लिए नोडल एजेंसी है। अब तक 42 लौह एवं इस्पात उत्पादकों ने हरित इस्पात प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है।
यह जानकारी इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/जीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2154354)
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