कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
मृदा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम
प्रविष्टि तिथि:
01 AUG 2025 4:30PM by PIB Delhi
मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना सरकार द्वारा 2015 से लागू की जा रही है। इस योजना के तहत, मृदा स्वास्थ्य में सुधार के लिए किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (एसएचसी) जारी किए जाते हैं। ये कार्ड जैविक खादों और जैव-उर्वरकों के साथ-साथ द्वितीयक और सूक्ष्म पोषक तत्वों सहित उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं।
मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना (24 जुलाई 2025 तक) की शुरुआत से अब तक किसानों को 25.17 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। मृदा स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी) मृदा की पोषण स्थिति की जानकारी प्रदान करते हैं और मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता में सुधार के लिए पोषक तत्वों की उचित मात्रा के बारे में सुझाव देते हैं। किसानों को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए), कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), कृषि सखी आदि के माध्यम से सलाह दी जाती है।
मृदा गुणवत्ता में सुधार के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के अनुसार उर्वरकों के उचित उपयोग के बारे में किसानों को शिक्षित करने के लिए अब तक 6.8 लाख प्रदर्शन, 93,781 किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम और 7,425 किसान मेले आयोजित किए गए हैं।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
******
पीके/एके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2151648)
आगंतुक पटल : 72