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पूर्वावलोकन: नौसेना कमांडरों का सम्मेलन 2025

Posted On: 04 APR 2025 10:22AM by PIB Delhi

नौसेना कमांडरों के सम्मेलन 2025 का पहला संस्करण दो चरणों में (चरण I आज 05 अप्रैल को कारवार में और चरण II 07-10 अप्रैल 25 तक नई दिल्ली में) आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन शीर्ष स्तर का अर्धवार्षिक आयोजन है, जिसमें नौसेना के शीर्ष कमांडरों के बीच महत्वपूर्ण रणनीतिक, नौसैन्य कार्रवाई आधारित बिंदुओं और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है। यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में 'पसंदीदा सुरक्षा साझेदार' के रूप में भारत की भूमिका पर जोर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता में भारतीय नौसेना के योगदान को बढ़ावा देगा।

सम्मेलन का पहला चरण 05 अप्रैल, 2025 को करवार में माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा 'हिंद महासागर जहाज सागर को हरी झंडी दिखाने' के साथ शुरू होगा। हिंद महासागर जहाज सागर, भारत सरकार के क्षेत्र भर में सुरक्षा के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति (महासागर) के दृष्टिकोण के अनुसरण में हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ निरंतर सहयोग की दिशा में एक पहल है। यह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2025 में मॉरीशस की अपनी यात्रा के दौरान स्पष्ट किया था। आईएनएस सुनयना को भारतीय नौसेना और नौ मित्र देशों कोमोरोस, केन्या, मेडागास्कर, मालदीव, मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशेल्स, श्रीलंका और तंजानिया के संयुक्त चालक दल के साथ दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात किया जा रहा है। माननीय रक्षा मंत्री आईओएस सागर को हरी झंडी दिखाने के बाद प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत कई समुद्री अवसंरचनाओं और सहायता सुविधा केंद्रों का उद्घाटन करेंगे। उन्हें कारवार में सम्मेलन के पहले चरण के दौरान 'भारतीय नौसेना की कार्रवाई आधारित तैयारी और भविष्य की संभावनाओं' के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

इस सम्मेलन का दूसरा चरण नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रमुख नौसैन्य कार्रवाई आधारित बिंदुओं, सामग्री, लॉजिस्टिक्स, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और प्रशासनिक पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ व चीफ ऑफ एयर स्टाफ भी सम्मेलन के दौरान नौसेना कमांडरों के साथ विचार-विमर्श करेंगे, ताकि तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को बढ़ावा दिया जा सके और अभिसरण प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सके। सभी कमांडर विदेश सचिव (भारत सरकार) श्री विक्रम मिस्री और श्री अमिताभ कांत के साथ विदेश नीति तथा अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के अनुरूप आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता को विस्तार देने की नौसेना की खोज पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा।

इस सम्मेलन में तालमेल को प्रमुखता दी जाएगी और नौसेना कमांडरों द्वारा तत्काल ध्यान दिए जाने व निर्णय लिए जाने के योग्य महत्वपूर्ण परिचालन, प्रशासनिक एवं सामग्री संबंधी मुद्दों पर विचार किया जाएगा, जिससे भारतीय नौसेना को 'युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य हेतु तैयार बल' बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

 

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