स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनटीएमएचपी) पर अपडेट
1 अप्रैल 2025 तक, 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने 53 टेली मानस सेल स्थापित किए हैं, राज्यों द्वारा चुनी गई भाषाओं के आधार पर 20 भाषाओं में 24 घंटे सेवारत टेली-मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं
हेल्पलाइन नंबर पर 20,05,000 से अधिक कॉल संभाले गए हैं
पिछले तीन सालों में एनटीएमएचपी के लिए 230 करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की गई है
मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों के लिए सहायता प्रदान करने के लिए विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस यानी 10 अक्टूबर 2024 को एक व्यापक मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म, टेली मानस मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया गया
सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी), पुणे में एक समर्पित टेली-मानस सेल की स्थापना की गई है, ताकि सभी सशस्त्र बलों के सेवा कर्मियों और उनके आश्रितों को टेली-मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा सके
1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दी जाने वाली व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के तहत सेवाओं के पैकेज में, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ा गया है
देश के 767 जिलों में जिला अस्पतालों में मानसिक बीमारियों का पता लगाने, उनके प्रबंधन और उपचार करने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) लागू किया गया है।
Posted On:
04 APR 2025 3:58PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने 10 अक्टूबर 2022 को एक “राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम” (एनटीएमएचपी) की शुरूआत की, जो 24 घंटे सेवा में उपलब्ध टेली-मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सेवाओं के ज़रिए सभी की न्यायसंगत, सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल तक पहुँच प्रदान करने के लिए जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की डिजिटल शाखा के रूप में कार्य करता है। इसके लिए पूरे देश में एक टोल-फ्री नंबर (14416) स्थापित किया गया है।
इस कार्यक्रम के विशिष्ट उद्देश्य हैं:
- देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में 24x7 टेली-मानसिक स्वास्थ्य सुविधा स्थापित करके, पूरे भारत में, किसी भी समय, किसी भी व्यक्ति तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को तेजी से बढ़ाना।
- एक पूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क लागू करना, जो परामर्श के अलावा, एकीकृत चिकित्सा और मनोसामाजिक मदद प्रदान करता है।
- कमजोर समूहों और कठिन पहुंच वाली आबादी तक सेवाओं का विस्तार करना।
1 अप्रैल 2025 तक, 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने 53 टेली मानस सेल स्थापित किए हैं। टेली-मानस सेवाएँ राज्यों द्वारा चुनी गई भाषा के आधार पर 20 भाषाओं में उपलब्ध हैं। हेल्पलाइन नंबर पर 20,05,000 से अधिक कॉल संभाली गई हैं।
सरकार ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस यानी 10 अक्टूबर 2024 को टेली मानस मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया। टेली-मानस मोबाइल एप्लीकेशन एक व्यापक मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे मानसिक स्वास्थ्य से लेकर मानसिक विकारों तक के मुद्दों पर मदद देने के लिए विकसित किया गया है।
पिछले तीन वर्षों में सरकार द्वारा एनटीएमएचपी के लिए 230 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं।
सरकार ने सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी), पुणे में एक समर्पित टेली-मानस सेल की स्थापना की है, ताकि सभी सशस्त्र बल सेवा कर्मियों और उनके आश्रितों को टेली-मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा सके, जिससे उन्हें उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में और इजाफा हो सके।
सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करने के लिए भी कदम उठा रही है। सरकार ने 1.75 लाख से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों (एसएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अपग्रेड किया है। इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रदान की जाने वाली, व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के तहत सेवाओं के पैकेज में, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी जोड़ा गया है।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत देश के 767 जिलों के जिला अस्पतालों में मानसिक बीमारी का पता लगाने, उनके प्रबंधन और उपचार करने के लिए जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) लागू किया गया है। डीएमएचपी के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर पर भी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं और इसमें बाह्य रोगी सेवाएं, मूल्यांकन, परामर्श/मनो-सामाजिक हस्तक्षेप, गंभीर मानसिक विकारों वाले व्यक्तियों की निरंतर देखभाल और सहायता, दवाएं, आउटरीच सेवाएं, एम्बुलेंस सेवाएं आदि शामिल हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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