भारी उद्योग मंत्रालय
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फेम योजना के अंतर्गत ईवी चार्जिंग स्टेशन

Posted On: 01 APR 2025 4:19PM by PIB Delhi

फेम-II योजना के अंतर्गत स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों (ईवीपीसीएस) का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है। योजना के अंतर्गत आवंटित 839 करोड़ रुपये में से 633.44 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है। पिछले पाँच वर्षों के दौरान जारी/उपयोग की गई धनराशि का वर्षवार विवरण इस प्रकार है:

रु. करोड़

वित्त वर्ष

2019-20

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

कुल व्यय

तेल विपणन कंपनियों को ईवीपीसीएस के लिए जारी अनुदान

0

21.99

0

560

51.45

633.44

 

विद्युत मंत्रालय द्वारा दिनांक 17 सितंबर, 2024 को जारी "इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना और संचालन के लिए दिशानिर्देश-2024" रियायती दरों, बस डिपो में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और सौर कारपोर्ट आदि को बढ़ावा देने के माध्यम से धूप के दौरान चार्जिंग को प्रोत्साहित करते हैं। ये दिशानिर्देश ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर जोर देते हैं। ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना को लाइसेंस-मुक्त गतिविधि के रूप में नामित किया गया है, जिससे व्यवसायों के लिए प्रक्रिया सरल हो गई है। भूमि को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए, यह सुझाव दिया गया है कि सार्वजनिक भूमि को राजस्व-साझाकरण मॉडल पर सरकार या सार्वजनिक संस्थाओं को 1 रुपये प्रति किलोवाट घंटे की दर से उपलब्ध कराया जाए। निजी संस्थाओं के लिए, भूमि को 1 रुपये प्रति किलोवाट घंटे की न्यूनतम कीमत पर प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, बीएसएस की स्थापना के लिए सरकारी भूमि से जुड़ी सार्वजनिक निविदाओं को प्रौद्योगिकी से अलग रखने का सुझाव दिया गया है। राज्य सरकारों को बीएसएस के चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति देने की सलाह दी गई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत तीन तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं (पीएसई) द्वारा एफएएमई के अंतर्गत स्थापित ईवीपीसीएस की संख्या :

राज्य/केंद्र शासित  प्रदेश

01.03.2025 तक ओएमसी द्वारा फेम के ​​अंतर्गत स्थापित चार्जरों की संख्या

03.02.2025 तक अन्य संस्थाओं द्वारा स्थापित चार्जरों की संख्या

राज्य कुल

तमिलनाडु

654

18

672

आंध्र प्रदेश

507

-

507

महाराष्ट्र

495

20

515

गुजरात

468

52

520

कर्नाटक

466

3

469

राजस्थान

461

10

471

उतार प्रदेश।

403

8

411

पश्चिम बंगाल

346

4

350

पंजाब

301

-

301

तेलंगाना

272

-

272

बिहार

248

-

248

केरल

242

30

272

मध्य प्रदेश

240

5

245

झारखंड

144

-

144

ओडिशा

124

-

124

असम

108

-

108

दिल्ली

59

25

84

उत्तराखंड

46

-

46

जम्मू एवं कश्मीर

39

-

39

हरियाणा

36

2

38

हिमाचल प्रदेश

36

7

43

छत्तीसगढ

34

-

34

मेघालय

23

-

23

गोवा

15

-

15

मणिपुर

12

-

12

नगालैंड

10

-

10

दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव

6

-

6

पांडिचेरी

6

-

6

लद्दाख

4

-

4

मिजोरम

4

-

4

अरुणाचल प्रदेश

3

-

3

त्रिपुरा

3

-

3

अंडमान और निकोबार

1

-

1

सिक्किम

1

-

1

चंडीगढ़

-

25

25

मेघालय

-

1

1

कुल

5,817

210

6,027

 

 

यह जानकारी इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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एम जी/ केसी/ जेएस

 


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