विधि एवं न्याय मंत्रालय
हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान अभियान
Posted On:
27 MAR 2025 5:10PM by PIB Delhi
न्याय विभाग ने भारत के गणतंत्र के 75वें वर्ष और भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में ‘हमारा संविधान हमारा सम्मान’ नामक एक अखिल भारतीय, वर्ष भर चलने वाला राष्ट्रव्यापी अभियान लागू किया। इस अभियान का शुभारंभ 24 जनवरी, 2024 को देश के माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली से किया गया। इसके बाद, 9 मार्च, 2024 को राजस्थान के बीकानेर में, 16 जुलाई, 2024 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में, 19 नवंबर, 2024 को असम के गुवाहाटी में और 24 जनवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चार क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान का उद्देश्य भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करना और हमारे राष्ट्र को बांधने वाले साझा मूल्यों का उत्सव मनाना है।
इस राष्ट्रव्यापी पहल ने प्रत्येक नागरिक को विभिन्न तरीकों से भाग लेने के अवसर प्रदान किए तथा उन्हें उप-अभियानों के जरिए योगदान करने के लिए सशक्त बनाया: -
(i) सबको न्याय, हर घर न्याय - इस उप-अभियान के अंतर्गत तीन गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के नेटवर्क के जरिए क्षेत्रीय भाषाओं में पंच प्राण प्रतिज्ञा का पठन शामिल था। इस गतिविधि के जरिए लगभग 80,000 नागरिकों ने विभिन्न राज्यों की ग्राम पंचायतों में पंच प्राण प्रतिज्ञा ली; हालाँकि, राज्यवार डेटा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है। इस गतिविधि के तहत व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसे एमवाई जीओवी प्लेटफॉर्म पर डिजिटल रूप से भी लॉन्च किया गया, जिसमें 1,35,848 नागरिकों की भागीदारी देखी गई और इन लोगों ने डिजिटल मोड के जरिए पंच प्राण प्रतिज्ञा ली। एमवाई जीओवी प्लेटफॉर्म पर दर्शाई गई प्रतिज्ञा में राज्यवार भागीदारी का विवरण अनुलग्नक 'ए' में है। उप-अभियान के तहत दूसरी गतिविधि राज्य स्तर पर न्याय सेवा मेलों का आयोजन थी, जिसका उद्देश्य जनता तक उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं का प्रसार करना था। आयोजित कार्यक्रमों का राज्यवार विवरण अनुलग्नक ‘बी’ में दिया गया है। उप-अभियान के तहत तीसरी गतिविधि में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाना शामिल था, जिसे न्याय सहायकों द्वारा देश भर के 500 आकांक्षी ब्लॉकों में चलाया गया। इस गतिविधि के तहत कुल मिलाकर आकांक्षी ब्लॉकों में लगभग 11,000 नागरिकों तक पहुँच बनाई गई।
(ii) नव भारत- नव संकल्प - इस गतिविधि के अंतर्गत संविधान क्विज़ प्रतियोगिता (ये भारत के संविधान के प्रावधानों पर आधारित थी, जिसमें 53222 नागरिकों ने भाग लिया और उनमें से 1000 प्रविष्टियाँ चुनी गईं), पंच प्राण रंगोत्सव (पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, जिसमें 876 नागरिकों ने भाग लिया) और पंच प्राण अनुभव (रील बनाने की प्रतियोगिता, जिसमें 830 नागरिकों ने भाग लिया) जैसी ऑनलाइन प्रतियोगिताएं एमवाई जीओवी प्लेटफॉर्म पर आयोजित की गईं और विजेताओं को 16 जुलाई 2024 को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में आयोजित दूसरे क्षेत्रीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
(iii) विधि जागृति अभियान- इसमें जमीनी स्तर की पहलों और शैक्षिक प्रयासों के जरिए कानूनी साक्षरता और जागरूकता को बढ़ावा देना शामिल था। इस उप-अभियान के तहत तीन गतिविधियाँ थीं: ग्राम विधि चेतना, वंचित वर्ग सम्मान और नारी भागीदारी। ग्राम विधि चेतना के तहत कानून के छात्र अपने-अपने प्रो बोनो क्लबों के तहत गोद लिए गए गाँवों में कानूनी जागरूकता गतिविधियों को चलाने में लगे हुए थे। आज तक, विधि विद्यालयों के माध्यम से 21,000 से अधिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वंचित वर्ग सम्मान और नारी भागीदारी नामक गतिविधि ने इग्नू और दूरदर्शन चैनलों के माध्यम से संवैधानिक शिक्षा के विभिन्न प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की परिकल्पना की थी। इग्नू और दूरदर्शन के इन प्लेटफार्मों का उपयोग करके, विभिन्न ऑनलाइन कार्यशालाओं / वेबिनारों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न हाशिए के समूहों के अधिकारों को संबोधित करने वाले विशिष्ट मुद्दे आधारित कार्यक्रम शामिल थे।
विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह जानकारी आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
अनुलग्नक देखने के लिए यहां क्लिक करें।
***
एमजी/केसी/आईएम/ओपी
(Release ID: 2116105)
Visitor Counter : 32