सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकीकरण संस्थान
Posted On:
27 MAR 2025 5:03PM by PIB Delhi
महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकीकरण संस्थान (एम.जी.आई.आर.आई.) पारंपरिक शिल्प और स्थायी विधियों को बढ़ावा देकर पारंपरिक ग्रामीण कारीगरों को सशक्त बना रहा है। ग्रामीण उद्योगों की क्षमता बढ़ाने के लिए की गई पहलों का विवरण इस प्रकार है:
- एमजीआईआरआई विभिन्न प्रौद्योगिकियों में अनेक कौशल विकास कार्यक्रम(एसजीपी)/उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) आयोजित करता है। पिछले 10 वर्षों (यानी वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2023-24 तक) के दौरान ग्रामीण उद्योगों की क्षमता बढ़ाने के लिए 6414 लाभार्थियों को लाभान्वित करने वाले लगभग 1000 एसडीपी/ईडीपी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
- एमजीआईआरआई ने पिछले 10 वर्षों (अर्थात वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2023-24 तक) के दौरान लगभग 100 फील्ड परीक्षण/नवीन उत्पादों/प्रौद्योगिकियों/प्रक्रियाओं का प्रसार किया है।
एमजीआईआरआई ने उत्पादों/प्रक्रियाओं/मशीनरी विकास के लिए विभिन्न परियोजनाएं शुरू की हैं। कुछ प्रमुख प्रौद्योगिकियों/उत्पादों में खादी परिष्करण प्रौद्योगिकियां, सौर चरखा, पंचगव्य उत्पाद, हर्बल उत्पाद, सौर ड्रायर, आवश्यक तेल निष्कर्षण आदि शामिल हैं। जिनका विवरण इस प्रकार हैं:
- एमजीआईआरआई ने पिछले 10 वर्षों (अर्थात वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2023-24 तक) के दौरान 200 से अधिक नवीन उत्पाद/मशीनरी/प्रक्रियाएं विकसित की हैं।
- एमजीआईआरआई ने आजीविका व्यवसाय इन्क्यूबेशन केंद्र (एलबीआई) की स्थापना की है जिससे 500 से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।
- एमजीआईआरआई के विभिन्न प्रभागों द्वारा परामर्श, गुणवत्ता मार्गदर्शन और परीक्षण प्रदान किए गए हैं और पिछले 10 वर्षों (अर्थात वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2023-24 तक) के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों के लिए 70 से अधिक बाह्य वित्त पोषित परियोजनाओं को क्रियान्वित किया गया है।
एमजीआईआरआई द्वारा विकसित नवीन उत्पाद/मशीनरी/प्रक्रियाओं ने पिछले 10 वर्षों (अर्थात वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2023-24 तक) के दौरान 200 से अधिक उद्यमों की स्थापना में मदद की है।
सूक्ष्म उद्यमों, कारीगरों, कताई करने वालों और बुनकरों पर इन परियोजनाओं का प्रभाव इस प्रकार है:
- एमजीआईआरआई ने विभिन्न प्रकार के ग्रामीण उद्योगों में विभिन्न उत्पादों और प्रौद्योगिकियों का विकास और मानकीकरण किया है और सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना और विकास को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
- एमजीआईआरआई स्थानीय कारीगरों को आजीविका संवर्धन की सुविधा प्रदान कर रहा है।
- एमजीआईआरआई ने कारीगरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, उत्पाद प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और सम्मेलनों का आयोजन किया है।
- महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकीकरण संस्थान (एम.जी.आई.आर.आई.) को ग्रामीण औद्योगिकीकरण के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सी.ओ.ई.) के रूप में पुनः स्थापित करने की परियोजना को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई.) द्वारा मंजूरी दे दी गई है। जिसके लिए धनराशि के आवंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है।
परियोजना के प्रमुख घटक:
- विरासत संरचनाओं का संरक्षण और विरासत भवनों का पुनः उपयोग।
- शोध एवं विकास (आर एंड डी) से संबंधित बुनियादी ढांचे का विकास
ग्रामीण औद्योगिकीकरण के लिए एमजीआईआरआई में एक छात्रावास सह-अतिथि गृह के निर्माण की परियोजना को क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का समर्थन करने के लिए मंजूरी दी गई है। यह सुविधा एमजीआईआरआई को अधिक संख्या में प्रशिक्षुओं को समायोजित करने में सक्षम बनाएगी, जिससे ग्रामीण हितधारकों के लिए कौशल वृद्धि और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के उद्देश्य से अधिक व्यापक और निरंतर क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की सुविधा मिलेगी। इससे विशेषज्ञों और अधिकारियों के आने-जाने में भी सुविधा होगी, जिससे ग्रामीण औद्योगिकीकरण को आगे बढ़ाने पर केंद्रित सेमिनार, सहयोगी कार्यक्रम और उच्च स्तरीय चर्चा आयोजित करने की एमजीआईआरआई की क्षमता मजबूत होगी।
देश भर में ग्रामीण कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाने में एमजीआईआरआई की भूमिका को और मजबूत करने की भविष्य की योजनाएं इस प्रकार हैं:
- महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकीकरण संस्थान (एमजीआईआरआई) को ग्रामीण औद्योगिकीकरण के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के रूप में पुनः स्थापित करना। इस पहल का उद्देश्य स्थायी ग्रामीण औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने में संस्थान की भूमिका को बढ़ाना है।
- सहयोग: विशेषज्ञता और संसाधन उपलब्धता बढ़ाने के लिए संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों और निजी संस्थाओं के साथ साझेदारी को मजबूत करना, ताकि ग्रामीण औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया को उन्नत और तेज किया जा सके।
यह उत्तर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज लोकसभा में दिया।
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