विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
संसद के प्रश्न: राष्ट्र निर्माण के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना
Posted On:
27 MAR 2025 6:17PM by PIB Delhi
नवीनतम उपलब्ध अनुसंधान एवं विकास सांख्यिकी वर्ष 2022-23 के अनुसार, सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा अनुसंधान और विकास में कुल निवेश निम्नानुसार है:
(करोड़ रूपये में)
वर्ष
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सार्वजनिक निवेश
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निजी निवेश
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कुल निवेश
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2016-17
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63974.55
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39124.71
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103099.26
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2017-18
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71969.15
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41855.88
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113825.03
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2018-19
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82250.19
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42489.95
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124740.14
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2019-20
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87813.47
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44753.54
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132567.01
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2020-21
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80992.83
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46388.13
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127380.96
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स्रोत: एनएसटीएमआईएस, डीएसटी, भारत सरकार द्वारा एकत्रित और संकलित आंकड़े।
नोट: अनुसंधान एवं विकास में सार्वजनिक निवेश = केंद्र सरकार के मंत्रालय/विभाग + सार्वजनिक क्षेत्र/संयुक्त क्षेत्र उद्योग + राज्य सरकार + उच्च शिक्षा
सरकार परियोजना सलाहकार समिति, कार्यबल, कार्यकारी परिषद, शासी बोर्ड इत्यादि के गठन जैसे विभिन्न तंत्रों के माध्यम से विभिन्न रणनीतिक कार्यक्रमों, प्रौद्योगिकी मिशनों इत्यादि के कार्यान्वयन के लिए उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और शिक्षाविदों से विशेषज्ञता प्राप्त करती है। देश में अनुसंधान इको-सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), इत्यादि के अनुसंधान वित्त पोषण के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रौद्योगिकी, नैनो-प्रौद्योगिकी, साइबर-भौतिक प्रणाली, जैव प्रौद्योगिकी, औद्योगिक प्रौद्योगिकियों, एआई, अर्धचालक, उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकी इत्यादि के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के पास उपलब्ध विशेषज्ञता का उपयोग कर रही है।
सरकार ने वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा को संबोधित करने और भारत को प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वैश्विक गुरू के रूप में स्थापित करने के लिए कई पहल की हैं। कुछ प्रमुख पहलों में मिशन मोड कार्यक्रमों का शुभारंभ शामिल है, जैसे कि अंतःविषय साइबर भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस), राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम), भारत एआई मिशन, भारत सेमीकंडक्टर मिशन, आदि जिसका उद्देश्य नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देना है। डीआरडीओ ने रक्षा और सुरक्षा अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण और भविष्य की प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में मदद करने के लिए सहयोगात्मक निर्देशित अनुसंधान के लिए डीआरडीओ उद्योग अकादमी उत्कृष्टता केंद्र (डीआईए-सीओई) का एक नेटवर्क स्थापित किया है। डीआरडीओ द्वारा क्रियान्वित प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना का उद्देश्य रक्षा और दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए निजी उद्योगों को वित्त पोषित करना है जो वर्तमान में भारतीय रक्षा उद्योग के पास उपलब्ध नहीं हैं या अब तक विकसित नहीं हुई हैं। सरकार ने उद्योगों को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से अनुसंधान, खास तौर पर उभरते क्षेत्रों में नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास के लिए विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष की शुरुआत की है। डीएसटी के नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हार्नेसिंग इनोवेशन (एनआईडीएचआई) कार्यक्रम, डीबीटी के बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) आदि जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्थापित प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर (टीबीआई) डीप-टेक क्षेत्रों में स्टार्टअप का पोषण कर रहे हैं। इन पहलों के माध्यम से सरकार वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा को संबोधित करने के लिए देश की रणनीतिक अनुसंधान और नवाचार क्षमताओं को बढ़ावा दे रही है और बढ़ा रही है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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