पर्यटन मंत्रालय
आध्यात्मिक पर्यटन
Posted On:
27 MAR 2025 4:21PM by PIB Delhi
पर्यटन मंत्रालय स्वदेश दर्शन और 'तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद)' की अपनी चल रही योजनाओं के माध्यम से पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए राज्य सरकारों (एसजी)/केंद्र शासित प्रशासनों (यूटी) को वित्तीय सहायता प्रदान करके उनके प्रयासों को पूरा करता है। स्वदेश दर्शन योजना और प्रसाद योजना के आध्यात्मिक सर्किट के तहत परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
प्रसाद योजना के तहत परियोजनाओं का विकास और पूरा होना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जैसे सफल निविदा प्रक्रिया, राज्य कार्यान्वयन एजेंसी की क्षमता, समय पर परियोजना की योजना और डिजाइनिंग, अपेक्षित दस्तावेजों को प्रस्तुत करना आदि। उपरोक्त योजनाओं के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। हालांकि, परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी और उसमें तेजी लाने तथा राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों का मार्गदर्शन करने के लिए पर्यटन मंत्रालय विभिन्न स्तरों पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करता है।
पर्यटन मंत्रालय प्रसाद योजना के तहत परियोजनाओं को अनुमति देते समय मंदिर ट्रस्टों, राज्य सरकारों/संघ शासित प्रदेशों के प्रशासनों, स्थानीय निकायों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों तथा अन्य हितधारकों सहित विभिन्न हितधारकों से परामर्श करता है। परियोजनाओं में देरी को रोकने के लिए, राज्य सरकारों/संघ शासित प्रदेशों के प्रशासनों को यह सुनिश्चित करने के लिए वचन देना आवश्यक है कि भूमि की उपलब्धता और अन्य आवश्यक अनुमति आदि पूरी हो चुकी है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।
अनुलग्नक
स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत आध्यात्मिक सर्किट में स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण:
क्रम.
संख्या
|
राज्य का नाम
|
परियोजना का नाम
|
स्वीकृत राशि
(करोड़ रुपए)
|
जारी की गई राशि
(करोड़ रुपए)
|
उपयोग की गई राशि (करोड़ रुपए)
|
परियोजना स्थिति/
टिप्पणी
|
1.
|
केरल
|
केरल के पथानामथिट्टा जिले में आध्यात्मिक सर्किट के रूप में सबरीमाला - एरुमेलि-पम्पा-सन्निधानम का विकास (2016-17)
|
46.54
|
33.39
|
36.27
|
परियोजना पूर्ण
|
2.
|
मणिपुर
|
श्री गोविंदजी मंदिर, श्री बिजॉय गोविंदजी मंदिर – श्री गोपीनाथ मंदिर – श्री बंगशीबोडन मंदिर – श्री कैना मंदिर का विकास (2016-17)
|
45.34
|
45.33
|
43.04
|
परियोजना पूर्ण
|
3.
|
केरल
|
श्री पद्मनाभ मंदिर, अरनमुला-सबरीमाला का विकास
(2016-17)
|
78.08
|
73.77
|
68.98
|
परियोजना पूर्ण
|
4.
|
बिहार
|
कांवरिया रूट का विकास: सुल्तानगंज – धर्मशाला- देवघर (2016-17)
|
44.76
|
42.52
|
42.17
|
परियोजना पूर्ण बताई गई
|
5.
|
उत्तर प्रदेश
|
अहार-अलीगढ़-कासगंज-सरोसी (उन्नाव)-प्रतापगढ़-कौशांबी-मिर्जापुर-गोरखपुर-डोमरियागंज-बस्ती-बाराबंकी-आजमगढ़-कैराना-बागपत-शाहजहांपुर का विकास (2016-17)
|
71.91
|
69.63
|
69.63
|
परियोजना पूर्ण
|
6.
|
उत्तर प्रदेश
|
बिजनौर-मेरठ-कानपुर-कानपुर देहात-बांदा-गाजीपुर-सलेमपुर-घोसी-बलिया-अम्बेडकर नगर-अलीगढ़-फतेहपुर-देवरिया-महोबा-सोनभद्र-चंदौली-मिश्रिख-भदोही का विकास (2016-17)
|
67.51
|
64.14
|
63.62
|
परियोजना पूर्ण
|
7.
|
राजस्थान
|
आध्यात्मिक सर्किट का विकास- 'चूरू (सालासर बालाजी) - जयपुर (श्री समोदके बालाजी, घाटके बालाजी, बंधेके बालाजी) - विराटनगर (बीजक, जैनसिया, अंबिका मंदिर) - भरतपुर (कामां क्षेत्र) - धौलपुर (मुचकुंद) - मेहंदीपुर बालाजी - चित्तौड़गढ़ (सांवलियाजी) (2016-17) का विकास
|
87.05
|
75.03
|
75.03
|
परियोजना पूर्ण
|
8.
|
पुदुचेरी
|
कराईकल, यनम और पुडुचेरी का विकास (2017-18)
|
34.96
|
31.40
|
31.40
|
परियोजना पूर्ण
|
9.
|
बिहार
|
मंदार हिल और अंग प्रदेश का विकास (2017-18)
|
44.55
|
42.32
|
42.32
|
परियोजना पूर्ण
|
10.
|
महाराष्ट्र
|
वाकी-अदसा-धापेवाड़ा-पारदसिंघा-छोटा ताज बाग-तेलनखंडी-गिराड का विकास (2018-19)
|
45.47
|
43.19
|
38.24
|
परियोजना पूर्ण
|
11
|
उत्तर प्रदेश
|
जेवर-दादरी-सिकंदराबाद-नोएडा-खुर्जा-बांदा का विकास (2018-19)
|
12.03
|
11.43
|
11.69
|
परियोजना पूर्ण
|
12.
|
उत्तर प्रदेश
|
गोरखनाथ मंदिर (गोरखपुर), देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर) एवं वटवाशिनी मंदिर (डुमरियागंज) का विकास (2018-19)
|
18.30
|
18.12
|
18.12
|
परियोजना पूर्ण बताई गई
|
13.
|
केरल
|
विकास शिवगिरी श्री नारायण गुरु आश्रम- अरुविपुरम- कुन्नुमपाराश्री सुब्रह्मण्यम- चेम्बाझंथीश्री नारायण गुरुकुलम (2018-19)
|
66.42
|
42.01
|
32.91
|
परियोजना प्रगति पर है
कोविड, स्थानीय प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र और अनुमति के कारण परियोजना में देरी हुई
|
कुल
|
662.92
|
592.28
|
573.42
|
|
प्रसाद योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की सूची (10.03.2025 तक)
(करोड़ रुपए में)
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
|
क्रम संख्या
|
परियोजना का नाम
|
स्वीकृति वर्ष
|
स्वीकृत
लागत
|
जारी धनराशि
|
स्थलीय
प्रगति
(प्रतिशत में)
|
वित्तीय प्रगति (प्रतिशत में)
|
आंध्र प्रदेश
|
-
|
अमरावती में तीर्थयात्री सुविधाओं का विकास
|
2015-16
|
27.77
|
27.77
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
श्रीशैलम मंदिर का विकास
|
2017-18
|
43.08
|
43.08
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
सिंहाचलम में श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी वारी देवस्थानम में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास
|
2022-23
|
54.04
|
13.69
|
59 प्रतिशत
|
25 प्रतिशत
|
-
|
अन्नावरम मंदिर नगर में तीर्थ पर्यटन अवसंरचना का विकास
|
2024-25
|
25.33
|
-
|
0 प्रतिशत
|
0 प्रतिशत
|
अरुणाचल प्रदेश
|
-
|
परशुराम कुंड का विकास
|
2020-21
|
37.88
|
31.02
|
92 प्रतिशत
|
82 प्रतिशत
|
असम
|
-
|
कामाख्या मंदिर में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास
|
2015-16
|
29.80
|
29.80
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
बिहार
|
-
|
पटना साहिब में विकास
|
2015-16
|
29.62
|
29.62
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
विष्णुपद मंदिर में बुनियादी सुविधाओं का विकास
|
2014-15
|
3.63
|
3.63
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
छत्तीसगढ
|
-
|
माँ बमलेश्वरी देवी मंदिर में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास
|
2020-21
|
48.44
|
40.19
|
90
|
83प्रतिशत
|
गोवा
|
-
|
बॉम जीसस बेसिलिका का विकास
|
2024-25
|
16.46
|
-
|
0 प्रतिशत
|
0 प्रतिशत
|
गुजरात
|
-
|
द्वारका का विकास
|
2016-17
|
10.46
|
10.46
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
सोमनाथ में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास
|
2016-17
|
45.36
|
45.36
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
सोमनाथ में सैरगाह का विकास
|
2018-19
|
47.12
|
47.12
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
अम्बाजी मंदिर में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास
|
2022-23
|
50.00
|
10.54
|
35 प्रतिशत
|
21 प्रतिशत
|
हरियाणा
|
-
|
माता मंसा देवी मंदिर और नाडा साहिब गुरुद्वारा का विकास
|
2019-20
|
48.53
|
34.68
|
74 प्रतिशत
|
71 प्रतिशत
|
जम्मू और कश्मीर
|
-
|
हज़रतबल दरगाह का विकास
|
2016-17
|
40.46
|
34.30
|
100 प्रतिशत
|
85 प्रतिशत
|
झारखंड
|
-
|
बाबा बैद्यनाथ धाम का विकास
|
2018-19
|
36.79
|
34.95
|
100 प्रतिशत
|
89 प्रतिशत
|
कर्नाटक
|
-
|
श्री चामुंडेश्वरी देवी मंदिर में तीर्थयात्रा सुविधाओं का विकास
|
2023-24
|
45.71
|
0.00
|
0 प्रतिशत
|
0 प्रतिशत
|
केरल
|
-
|
गुरुवायुर मंदिर में विकास
|
2016-17
|
45.19
|
45.19
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
मध्य प्रदेश
|
-
|
अमरकंटक का विकास
|
2020-21
|
49.99
|
34.73
|
89 प्रतिशत
|
69 प्रतिशत
|
-
|
ओंकारेश्वर का विकास
|
2017-18
|
43.93
|
43.93
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
महाराष्ट्र
|
-
|
त्र्यंबकेश्वर का विकास
|
2017-18
|
45.41
|
29.93
|
93 प्रतिशत
|
66 प्रतिशत
|
मेघालय
|
-
|
नोंगस्वालिया चर्च, नर्तियांग शक्ति पीठ, ऐटनार पूल और चरणतला काली मंदिर में तीर्थयात्रा सुविधा का विकास
|
2020-21
|
29.29
|
27.78
|
100 प्रतिशत
|
95 प्रतिशत
|
मिजोरम
|
-
|
चिते वांग, जुआंगताई, रीएक और आइजोल में तीर्थयात्रा और विरासत पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे का विकास
|
2022-23
|
44.89
|
13.18
|
29 प्रतिशत
|
29 प्रतिशत
|
नगालैंड
|
-
|
मोलुंगकिमोंग, नोकसेन चर्च, ऐज़ुटो, वोखा और कोहिमा में तीर्थयात्रा अवसंरचना का विकास
|
2018-19
|
25.20
|
23.56
|
100 प्रतिशत
|
93 प्रतिशत
|
-
|
जुन्हेबोटो में तीर्थ पर्यटन अवसंरचना का विकास
|
2022-23
|
18.18
|
15.45
|
72 प्रतिशत
|
85 प्रतिशत
|
ओडिशा
|
-
|
पुरी में बुनियादी ढांचे का विकास
|
2014-15
|
50.00
|
10.00
|
-
|
20 प्रतिशत
|
पंजाब
|
-
|
अमृतसर में करुणा सागर वाल्मिकी स्थल का विकास
|
2015-16
|
6.40
|
6.40
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
चमकौर साहिब का विकास
|
2021-22
|
31.57
|
17.49
|
79 प्रतिशत
|
55 प्रतिशत
|
राजस्थान
|
-
|
पुष्कर/अजमेर का एकीकृत विकास
|
2015-16
|
32.64
|
26.11
|
100 प्रतिशत
|
80 प्रतिशत
|
-
|
श्री करणी माता मंदिर, बीकानेर में विकास
|
2024-25
|
22.58
|
-
|
0प्रतिशत
|
0प्रतिशत
|
सिक्किम
|
-
|
युक्सोम के चार संरक्षक संतों में तीर्थयात्रा सुविधा का विकास
|
2020-21
|
33.32
|
28.31
|
87 प्रतिशत
|
85 प्रतिशत
|
तमिलनाडु
|
-
|
कांचीपुरम का विकास
|
2016-17
|
13.99
|
13.99
|
100प्रतिशत
|
100प्रतिशत
|
-
|
वेलांकन्नि का विकास
|
2016-17
|
4.86
|
4.86
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
तेलंगाना
|
-
|
जोगुलम्बा देवी मंदिर का विकास
|
2020-21
|
38.90
|
33.07
|
72 प्रतिशत
|
85 प्रतिशत
|
-
|
रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर में तीर्थयात्रा और विरासत पर्यटन बुनियादी ढांचे का विकास
|
2022-23
|
62.00
|
32.73
|
37 प्रतिशत
|
53 प्रतिशत
|
-
|
भद्राचलम में तीर्थयात्रा अवसंरचना का विकास
|
2022-23
|
41.38
|
8.43
|
29 प्रतिशत
|
20 प्रतिशत
|
त्रिपुरा
|
-
|
त्रिपुर सुंदरी मंदिर का विकास
|
2020-21
|
34.43
|
28.01
|
79 प्रतिशत
|
81 प्रतिशत
|
उत्तर प्रदेश
|
-
|
वाराणसी का विकास – चरण – I
|
2015-16
|
18.73
|
18.73
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
मथुरा-वृंदावन का मेगा पर्यटन सर्किट के रूप में विकास (चरण-II)
|
2014-15
|
10.98
|
10.98
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
वाराणसी में नदी क्रूज पर्यटन का विकास
|
2017-18
|
9.02
|
9.02
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
वृंदावन में पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण
|
2014-15
|
9.36
|
9.36
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
वाराणसी का विकास – चरण II
|
2017-18
|
44.60
|
31.77
|
100 प्रतिशत
|
71 प्रतिशत
|
-
|
गोवर्धन में बुनियादी सुविधाओं का विकास
|
2018-19
|
37.59
|
30.97
|
100 प्रतिशत
|
78 प्रतिशत
|
उत्तराखंड
|
-
|
केदारनाथ का एकीकृत विकास
|
2015-16
|
34.77
|
34.77
|
100 प्रतिशत
|
100 प्रतिशत
|
-
|
बद्रीनाथ जी धाम में तीर्थयात्रा सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे का विकास
|
2018-19
|
56.15
|
38.38
|
85 प्रतिशत
|
68 प्रतिशत
|
-
|
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में तीर्थयात्रा संबंधी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
|
2021-22
|
54.36
|
10.22
|
100 प्रतिशत
|
18 प्रतिशत
|
पश्चिम बंगाल
|
-
|
बेलूर मठ का विकास
|
2016-17
|
30.03
|
23.39
|
100 प्रतिशत
|
78 प्रतिशत
|
****
एमजी/केसी/एजे/एसके
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