पर्यटन मंत्रालय
"स्वच्छता ही सेवा" अभियान
प्रविष्टि तिथि:
27 MAR 2025 4:24PM by PIB Delhi
स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2024 का मुख्य उद्देश्य 'समग्र समाज के दृष्टिकोण' के अंतर्गत तीन प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करते हुए समूचे भारत में स्वच्छता के लिए सामूहिक कार्रवाई और नागरिक भागीदारी की भावना को फिर से जागृत करना था:
· स्वच्छता लक्ष्य इकाइयाँ (सीटीयू) - लक्ष्य इकाइयों के समयबद्ध रूपांतरण और सामान्य स्वच्छता के प्रति लक्षित श्रमदान गतिविधियाँ ।
· स्वच्छता में जन भागीदारी - जन भागीदारी, जागरूकता और समर्थन को बढ़ावा देना।
· सफाई मित्र सुरक्षा शिविर - निवारक स्वास्थ्य जाँच आयोजित करना और सफाई कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करना।
भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक-पर्यटन, केवल सुरम्य परिदृश्यों पर ही नहीं, अपितु बेजोड़ स्वच्छता मानकों पर भी निर्भर करता है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ, अपशिष्ट प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता जोखिमों में कमी लाना महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं। इन चुनौतियों से कई चैनलों के माध्यम से निपटा जाता है।
पर्यटन मंत्रालय पेयजल और स्वच्छता विभाग (डीओडीडब्ल्यूएस), जल शक्ति मंत्रालय तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों/निर्देशों के अनुसार हर साल स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान चलाता है।
पर्यटन मंत्रालय अपने क्षेत्रीय कार्यालयों, भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), केंद्रीय होटल प्रबंधन संस्थान, राज्य होटल प्रबंधन संस्थान और फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट जैसे शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से देश भर में स्वच्छता ही सेवा के तहत सफाई अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाता है।
इस योजना में विभिन्न पर्यटन स्थलों और तीर्थ स्थानों पर सफाई अभियान और जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। स्वच्छता ही सेवा-2024 के दौरान रांची, झारखंड सहित कुल 374 गतिविधियों/स्थलों को कवर किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य देश भर में स्वच्छता बढ़ाना और स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना है।
प्रमुख सुधार: -
विभिन्न अभियानों और शैक्षिक कार्यक्रमों/जागरूकता के माध्यम से स्वच्छता के महत्व और एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जन जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इन अभियानों से पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के प्रति व्यापक सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा मिला है, जिससे पर्यटन के प्रति अधिक टिकाऊ दृष्टिकोण विकसित हुआ है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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एमजी/आरपीएम/केसी/आरके
(रिलीज़ आईडी: 2115826)
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