रक्षा मंत्रालय
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने युद्ध के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र बलों के बीच एकजुटता और एकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया
Posted On:
26 MAR 2025 6:30PM by PIB Delhi
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने युद्ध के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए भारत के समक्ष सामरिक चुनौतियों और सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता व तालमेल की आवश्यकता जताई है। वे आज वेलिंगटन स्थित डिफेन्स सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में 80वें स्टाफ कोर्स कर रहे भारतीय सशस्त्र बलों के छात्र अधिकारियों और स्थायी कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
थल सेना प्रमुख ने भावी सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए डिफेन्स सर्विसेज स्टाफ कॉलेज की सराहना की और परिचालन तैयारियों तथा निर्णय लेने की क्षमताओं को बढ़ाने में पेशेवर सैन्य शिक्षण के महत्व पर बल दिया।
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आधुनिक युद्धक परिस्थितियों में नेतृत्व, अनुकूलनशीलता और तकनीकी एकीकरण के महत्व को उजागर किया। उन्होंने अधिकारियों से उभरते हुए सुरक्षा खतरों के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने और सैन्य योजना तथा सैन्य संचालन में नवाचार को अपनाने का आग्रह किया।
थल सेनाध्यक्ष ने अपनी यात्रा के दौरान, संकाय सदस्यों के साथ बातचीत की और सैन्य रणनीति, परिचालन कला तथा नेतृत्व विकास के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने अंतर-सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने और भारत की रक्षा तैयारियों को विस्तार देने में इस संस्थान के योगदान की सराहना की।
जनरल द्विवेदी को डीएसएससी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने स्टाफ कोर्स पाठ्यक्रम को भविष्य के युद्धों की चुनौतियों के अनुरूप ढालने के बारे में जानकारी दी, जिसमें पहले डीप पर्पल डिवीजन की गतिविधियों का विशेष संदर्भ दिया गया, जिसमें तीनों सेनाओं के 40 अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
थल सेना प्रमुख ने वेलिंगटन सैन्य स्टेशन के पूर्व सैनिकों के साथ भी बातचीत की और उनके योगदान की सराहना करते हुए 'वेटेरन अचीवर्स अवार्ड' से सम्मानित किया।
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