खान मंत्रालय
महत्वपूर्ण खनिजों के लिए रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन
Posted On:
24 MAR 2025 5:20PM by PIB Delhi
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जनवरी, 2025 को नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (एनसीएमएम) के शुभारंभ को मंजूरी दी। एनसीएमएम का उद्देश्य खनिज अन्वेषण और खनन से लेकर सज्जीकरण, प्रसंस्करण और अंतिम उत्पादों से पुनर्प्राप्ति तक सभी चरणों का समावेशन करते हुए महत्वपूर्ण खनिजों की दीर्घकालिक टिकाऊ आपूर्ति सुनिश्चित करना और भारत की महत्वपूर्ण खनिज मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करना है। एनसीएमएम के घटकों में ‘घरेलू महत्वपूर्ण खनिज उत्पादन में वृद्धि’ और ‘विदेश में महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों का अधिग्रहण’ भी शामिल है।
विदेशी खनिज परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए खान मंत्रालय ने एक संयुक्त उद्यम कंपनी, खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) की स्थापना की है। काबिल ने अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत के सरकारी स्वामित्व वाले उद्यम कैमयेन के साथ अर्जेंटीना में 15703 हेक्टेयर क्षेत्र में पांच लिथियम ब्राइन ब्लॉक के अन्वेषण और खनन के लिए एक अन्वेषण और विकास समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया की ली एंड कंपनी खनिज परिसंपत्तियों में संयुक्त परिश्रम और संयुक्त निवेश के लिए काबिल और क्रिटिकल मिनरल फैसिलिटेशन ऑफिस (सीएमएफओ), उद्योग, विज्ञान और संसाधन विभाग (डीआईएसईआर), ऑस्ट्रेलिया सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
एनसीएमएम में महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण पार्कों का प्रावधान है, जिनके लिए 500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है। इसके अलावा, पुनर्चक्रण के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी है। इसके अलावा, कौशल विकास और अनुसंधान एवं विकास गतिविधि के लिए सहायता का भी प्रावधान हैं।
एनसीएमएम के शासन ढांचे में कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक अधिकार प्राप्त समिति शामिल है, नीति आयोग के सीईओ और अन्य हितधारक मंत्रालयों के सचिव जिसके सदस्य हैं।
यह जानकारी केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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