पर्यटन मंत्रालय
पर्यटन स्थलों का विकास एवं संवर्धन
Posted On:
24 MAR 2025 4:05PM by PIB Delhi
पर्यटन स्थलों और उत्पादों का विकास और संवर्धन संबंधित राज्य सरकार/केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। पर्यटन मंत्रालय विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन सहित देश के विभिन्न पर्यटन उत्पादों को विकसित और बढ़ावा देकर राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में सहायता करता है।
पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं ‘स्वदेश दर्शन (एसडी)’ और ‘तीर्यथर्ल जीर्णोद्धार एवं आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद)’ के माध्यम से राज्य सरकारों/केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करके देश में पर्यटन अवसंरचना विकास के प्रयासों को बढ़ावा देता है।
पर्यटन मंत्रालय ने 2019 में राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद के माध्यम से स्वदेश दर्शन (थीम-आधारित पर्यटन सर्किटों का एकीकृत विकास) का तीसरे पक्ष द्वारा प्रभाव मूल्यांकन कराया था। अध्ययन में कहा गया है कि ‘स्वदेश दर्शन योजना’ आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने में सक्षम रही है और निर्माण चरण में स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार का सृजन किया है।
पर्यटन मंत्रालय ने एक व्यापक समीक्षा के बाद अब स्वदेश दर्शन 2.0 योजना को नया रूप दिया है, जिसका उद्देश्य टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन स्थलों का विकास करना है।
स्वदेश और प्रसाद योजनाओं का उद्देश्य बुनियादी ढांचे का विकास, विपणन स्थलों का विकास और समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन करना है।
पर्यटन मंत्रालय अपनी घरेलू संवर्धन एवं प्रचार सहित आतिथ्य (डीपीपीएच) योजना के तहत मेलों/त्योहारों और पर्यटन संबंधी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए राज्य सरकारों/केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करता रहा है।
मंत्रालय ने नवंबर 2025 में लंदन में आयोजित विश्व पर्यटन बाजार में अपनी भागीदारी के दौरान 'चलो इंडिया' अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को अतुल्य भारत का एम्बेसडर बनने और अपने गैर-भारतीय मित्रों को भारत आने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस पहल के तहत प्रोत्साहन के रूप में भारत आने वाले विदेशी आगंतुकों के लिए निःशुल्क ई-पर्यटक वीज़ा प्रदान किया जाता है, यह कार्यक्रम 31 मार्च 2025 तक जारी रहेगा।
गृह मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में चिन्हित द्वीपों के लिए संरक्षित क्षेत्र परमिट (पीएपी)/प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट (आरएपी) में 5 वर्ष की अतिरिक्त अवधि अर्थात 31.12.2027 तक छूट दी है।
गृह मंत्रालय ने मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड राज्यों में 31.12.2022 से आगे 5 वर्ष की अतिरिक्त अवधि के लिए पीएपी/आरएपी में छूट जारी की है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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