विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
संसद प्रश्न: विज्ञान की ओर लड़कियों का झुकाव
Posted On:
19 MAR 2025 4:13PM by PIB Delhi
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय 2019-20 से मेधावी लड़कियों को स्टीम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में उच्च शिक्षा एवं करियर को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान ज्योति कार्यक्रम चला रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टीम) में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है, जिसका उद्देश्य पूरे वर्ष की गतिविधियों जैसे व्यावहारिक अनुभवात्मक शिक्षण सत्र, वैज्ञानिक रोल मॉडल के साथ बातचीत, अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक प्रयोगशालाओं का दौरा, करियर मार्गदर्शन कार्यशालाएं और छात्र-अभिभावक परामर्श सत्रों के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में प्रतिभा पूल को निरंतर जारी रखना है, जो लड़कियों की विज्ञान के प्रति रुचि और झुकाव को बढ़ाने में मदद करते हैं। विज्ञान ज्योति कार्यक्रम की स्थापना के बाद से, 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 300 जिलों से 80,000 से अधिक उच्च-उपलब्धियां प्राप्त लड़कियों को इससे लाभ हुआ है। अपने कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 250 से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों, जिसमें विश्वविद्यालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, सीएसआईआर प्रयोगशालाएं और अन्य प्रतिष्ठित संगठन शामिल हैं, के साथ सहयोग किया है, जो ज्ञान भागीदार के रूप में कार्य करते हैं और स्टीम में ज्यादा से ज्यादा लड़कियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
पिछले तीन वर्षों में विज्ञान विषय में पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित की गई छात्राओं का राज्यवार विवरण निम्नलिखित है:
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
कुल
|
अंडमान और निकोबार
|
100
|
100
|
115
|
315
|
आंध्र प्रदेश
|
692
|
880
|
889
|
2461
|
अरुणाचल प्रदेश
|
277
|
233
|
347
|
857
|
असम
|
925
|
970
|
1276
|
3171
|
बिहार
|
694
|
912
|
1243
|
2849
|
चंडीगढ़
|
100
|
100
|
103
|
303
|
छत्तीसगढ़
|
739
|
1066
|
1397
|
3202
|
दादर, नगर हवेली, दमन और दीव
|
200
|
200
|
188
|
588
|
दिल्ली
|
197
|
195
|
200
|
592
|
गोवा
|
93
|
98
|
100
|
291
|
गुजरात
|
785
|
1703
|
1567
|
4055
|
हरियाणा
|
583
|
891
|
1580
|
3054
|
हिमाचल प्रदेश
|
711
|
856
|
972
|
2539
|
जम्मू और कश्मीर
|
366
|
589
|
939
|
1894
|
झारखंड
|
713
|
1017
|
1265
|
2995
|
कर्नाटक
|
846
|
1030
|
1278
|
3154
|
केरल
|
686
|
810
|
975
|
2471
|
लद्दाख
|
88
|
99
|
200
|
387
|
मध्य प्रदेश
|
961
|
1273
|
1385
|
3619
|
महाराष्ट्र
|
1001
|
1496
|
1709
|
4206
|
मणिपुर
|
291
|
289
|
463
|
1043
|
मेघालय
|
222
|
300
|
394
|
916
|
मिजोरम
|
47
|
90
|
87
|
224
|
नागालैंड
|
82
|
104
|
97
|
283
|
ओडिशा
|
776
|
1082
|
1280
|
3138
|
पुदुचेरी
|
341
|
399
|
396
|
1136
|
पंजाब
|
653
|
1091
|
1480
|
3224
|
राजस्थान
|
920
|
1263
|
1712
|
3895
|
सिक्किम
|
199
|
167
|
187
|
553
|
तेलंगाना
|
491
|
745
|
771
|
2007
|
त्रिपुरा
|
213
|
233
|
299
|
745
|
उत्तराखंड
|
664
|
861
|
900
|
2425
|
उत्तर प्रदेश
|
1285
|
1502
|
2566
|
5353
|
पश्चिम बंगाल
|
925
|
998
|
1083
|
3006
|
यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
***
एमजी/आरपीएम/केसी/एके
(Release ID: 2112987)
Visitor Counter : 42