कोयला मंत्रालय
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कोयला गैसीकरण पहल

Posted On: 19 MAR 2025 2:58PM by PIB Delhi

सरकार द्वारा कोयला गैसीकरण के लिए की गई पहल निम्न अनुसार हैं:

कोयला गैसीकरण में कोयले को उच्च तापमान पर ऑक्सीजन, भाप या कार्बन डाइऑक्साइड के साथ प्रतिक्रिया कराके सिंथेटिक गैस (सिनगैस) में बदला जाता है

(i) सरकार ने 24 जनवरी, 2024 को सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में  8,500 करोड़ रूपये के परिव्यय को मंजूरी दी है।

(ii) सरकार ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड तथा कोल इंडिया लिमिटेड और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उद्यमों में कोल इंडिया लिमिटेड को निवेश की मंजूरी दी है।

(iii) वर्ष 2022 में, इस पहल में सहयोग के लिए गैर-विनियमित क्षेत्र लिंकेज नीलामी नीति के तहत एक नया उप-क्षेत्र, "कोयला गैसीकरण के लिए अग्रणी सिंथेटिक गैस उत्पादन" गठित किया गया। इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में सरकार ने अगले सात वर्षों के भीतर आरंभ होने वाली परियोजनाओं के लिए विनियमित क्षेत्र के अधिसूचित मूल्य पर न्यूनतम मूल्य के साथ नीलामी की अनुमति दी है।

(iv) वाणिज्यिक कोयला ब्लॉक नीलामी में गैसीकरण में प्रयुक्त कोयले के लिए राजस्व हिस्सेदारी में 50 प्रतिशत  की छूट शुरू की गई है लेकिन शर्त यह है कि कुल कोयला उत्पादन का कम से कम 10 प्रतिशत गैसीकरण प्रयोजनों के लिए उपयोग में लाए जाए।

कोयला देश में सबसे प्रचुर मात्रा में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों में एक है। कोयला गैसीकरण तकनीक कोयले को सिंथेटिक गैस (सिंथेटिक गैस) में परिवर्तित करने में सक्षम बनाती है, जिसका उपयोग मेथनॉल, अमोनियम नाइट्रेट, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस और उर्वरक आदि के उत्पादन में किया जा सकता है। कोयला गैसीकरण तकनीक- विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के साथ संरेखित और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में कोयले का वैकल्पिक उपयोग प्रदान करती है।

सरकार ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के वित्तीय प्रोत्साहन के लिए कोई विशिष्ट प्रभाव मूल्यांकन नहीं किया है।

कोयला मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम कोल इंडिया लिमिटेड ने खान मंत्रालय द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की -नीलामी द्वारा मध्य प्रदेश में खट्टाली छोटी ग्रेफाइट ब्लॉक हासिल किया है। इसके अलावा कोल इंडिया लिमिटेड ने अर्जेंटीना में लिथियम के अधिग्रहण के लिए अर्जेंटीना की एक कंपनी और एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के साथ गैर-प्रकटीकरण समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

इसके अलावा सरकार ने भारत की आयात निर्भरता कम करने तथा महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को हित-अनुकूल बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  • केंद्र सरकार को 24 महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विशेष रूप से खनन पट्टे और समग्र लाइसेंस की नीलामी का अधिकार दिया गया है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिज पदार्थों की खोज और खनन को बढ़ाना तथा उनकी आपूर्ति में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है।
  • सरकार ने केंद्रीय बजट 2024-25 में घरेलू उत्पादन, पुनर्चक्रण, महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों के विदेश में अधिग्रहण और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) सहित क्षेत्रों में सामंजस्यपूर्ण दृष्टिकोण रखते हुए नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन की स्थापना की घोषणा की है।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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