कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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पीएमएफबीवाई के परिचालन दिशानिर्देश

Posted On: 18 MAR 2025 6:00PM by PIB Delhi

बीमा मॉडल का चयन, पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से बीमा कंपनियों का चयन, किसानों का नामांकन, स्वीकार्य दावों की गणना के लिए फसल उपज/फसल हानि का आकलन जैसे सभी प्रमुख कार्य संबंधित राज्य सरकार या राज्य सरकार के अधिकारियों और संबंधित बीमा कंपनी की संयुक्त समिति द्वारा किए जा रहे हैं। इसके अलावा, दावों के भुगतान से संबंधित सभी डेटा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास उपलब्ध थे, इसलिए, उन्हें बीमा कंपनियों पर खुद ही जुर्माना लगाने की सलाह दी गई थी। योजना के उचित निष्पादन के लिए योजना के परिचालन दिशानिर्देशों में प्रत्येक हितधारक की भूमिका और जिम्मेदारियों को परिभाषित किया गया है।

अधिकांश दावों का निपटान बीमा कंपनियों द्वारा योजना के परिचालन दिशा-निर्देशों के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाता है। हालांकि, पीएमएफबीवाई के कार्यान्वयन के दौरान, बैंकों द्वारा बीमा प्रस्तावों को गलत/देरी से प्रस्तुत करने के कारण दावों का भुगतान न किए जाने, देरी से भुगतान किए जाने या कम भुगतान किए जाने, उपज के आंकड़ों में विसंगति और इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार और बीमा कंपनियों के बीच विवाद, राज्य सरकार के हिस्से की धनराशि प्रदान करने में देरी, बीमा कंपनियों द्वारा पर्याप्त कर्मियों की तैनाती न किए जाने आदि के बारे में कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिन्हें योजना के प्रावधानों के अनुसार उचित रूप से हल किया गया।

दावा संवितरण प्रक्रिया की सख्ती से निगरानी करने के लिए, खरीफ 2022 से दावों के भुगतान के लिए 'डिजिक्लेम मॉड्यूल' नामक एक समर्पित मॉड्यूल चालू किया गया है। यह मॉड्यूल भारत सरकार को देय दावों, भुगतान किए गए दावों और लंबित दावों की जानकारी देता है। इसका उपयोग दावों की निगरानी के लिए किया जाता है, जो पहले संभव नहीं था। इसमें राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (एनसीआईपी) को सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) और बीमा कंपनियों की लेखा प्रणाली के साथ एकीकृत करना शामिल है ताकि सभी दावों का समय पर और पारदर्शी प्रसंस्करण प्रदान किया जा सके। खरीफ 2024 से, यदि बीमा कंपनी द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो 12% का जुर्माना स्वचालित रूप से गणना करके एनसीआईपी के माध्यम से लगाया जाएगा। एनसीआईपी पर स्वचालित गणना वाले जुर्माने के कार्यान्वयन का यह पहला सीजन है और विभाग इसके प्रवर्तन के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।

यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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