जल शक्ति मंत्रालय
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने जल सततता सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जल जीवन मिशन और जल शक्ति अभियान जल प्रबंधन प्रणाली में परिवर्तनकारी बदलाव ला रहे हैं: श्री सीआर पाटिल
राष्ट्रीय जल मिशन के तहत जल उपयोग दक्षता ब्यूरो ने ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) के सहयोग से एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया
सम्मेलन औद्योगिक जल उपयोग दक्षता पर केंद्रित रहा
Posted On:
12 MAR 2025 11:01PM by PIB Delhi
जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्ल्यूएम) के अंतर्गत जल उपयोग दक्षता ब्यूरो (बीडब्ल्यूयूई) ने ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) के साथ मिलकर "जल सततता सम्मेलन 2025" नामक एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन का मुख्य विषय औद्योगिक जल उपयोग दक्षता था। सम्मेलन का आयोजन 12 मार्च 2025 को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, पालिका केंद्र, संसद मार्ग, नई दिल्ली में किया गया।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। श्री पाटिल ने नवीन प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक रूपरेखाओं के माध्यम से औद्योगिक जल उपयोग दक्षता को प्रोत्साहन देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में विभिन्न मंत्रालयों, संगठनों, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्तियों, विशेषज्ञों और हितधारकों ने एक मंच पर आकर औद्योगिक क्षेत्र में जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए रणनीतियों और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श किया।

जल शक्ति मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जल जीवन मिशन और जल शक्ति अभियान जैसी परिवर्तनकारी पहलें जल प्रबंधन में परिवर्तनकारी बदलाव ला रही हैं और जल संसाधनों का सतत संरक्षण सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रयास नवीन तकनीकों की समर्थन करके औद्योगिक जल उपयोग दक्षता को बढ़ाने तक विस्तारित हैं जो पुनर्चक्रण को अनुकूलित करते हैं और औद्योगिक क्षेत्र में अपव्यय को कम करते हैं। श्री सीआर पाटिल ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योगों को 4आर दृष्टिकोण को अपनाकर जल संरक्षण प्रयासों का नेतृत्व करना चाहिए - प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया मंत्र- कम करें, पुन: उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें और रिचार्ज करें। उन्होंने 5वें मंत्र के रूप में सम्मान को भी दोहराया । उन्होंने अभिनव जल प्रबंधन समाधानों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और पीईपीएल कदोदरा, सूरत और वापी पेपर उद्योग जैसे सफल मॉडलों का प्रदर्शन किया।
उद्घाटन सत्र को केंद्रीय राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी और श्री वी. सोमन्ना ने भी संबोधित किया और जल संरक्षण प्रयासों को आगे बढ़ाने में सरकार और उद्योग क्षेत्र के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया। जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने कहा कि 'उद्योगों को सर्कुलर अर्थव्यवस्था के विचार को अपनाना चाहिए, जहां प्रणाली के भीतर पानी को संशाधित, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण किया जाता है' और ऐसी प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाना चाहिए जो जल संरक्षण को प्रोत्साहन दें।
जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की सचिव सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें भंडारण, भूजल पुनर्भरण, नदी स्वास्थ्य और औद्योगिक अपशिष्ट निर्वहन की महत्वपूर्ण भूमिका और इन क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से जल उपयोग दक्षता को बढ़ाने में उद्योगों की साझेदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया।
टेरी के प्रतिष्ठित फेलो और पूर्व जल संसाधन एवं कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सचिव डॉ. श्यामल कुमार सरकार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत में सभी क्षेत्रों में पानी की मांग बढ़ रही है और सीमित संसाधन होने के कारण यह आपूर्ति से अधिक होने की संभावना है। उन्होंने आगे बताया कि 2050 तक औद्योगिक जल की मांग 151 बीसीएम होने का अनुमान है। जब तक औद्योगिक क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में जल उपयोग दक्षता में सुधार नहीं किया जाता, तब तक आर्थिक विकास प्रभावित होगा और लोगों को जल संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ेगा।
सम्मेलन में केंद्रीय सरकारी एजेंसियों, उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्तियों, जल प्रबंधन विशेषज्ञों, अनुसंधान संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, 20 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ताओं ने बहुमूल्य विचार और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया, तथा औद्योगिक क्षेत्र में सतत जल उपयोग पर चर्चाओं में योगदान दिया।

सम्मेलन में निम्नलिखित प्रमुख सत्र सम्मिलित थे:
- मंत्रिस्तरीय सत्र: श्री प्रवीण गुप्ता (सदस्य, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण) की अध्यक्षता में "जल दक्षता में वृद्धि करना: सरकार की रणनीतियां और पहल" शीर्षक से आयोजित इस सत्र में औद्योगिक जल दक्षता बढ़ाने के लिए सरकारी पहलों और रणनीतिक रूपरेखाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। सत्र में राज्य जल प्राधिकरणों और नियामक निकायों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने जल संरक्षण प्रयासों में उद्योग-सरकार के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
- तकनीकी सत्र I: जिसका शीर्षक है "औद्योगिक जल उपयोग दक्षता: जल दक्ष भविष्य के मानक" , जिसकी अध्यक्षता डॉ. एस.के. सरकार (पूर्व सचिव, जल संसाधन मंत्रालय और प्रतिष्ठित फेलो, टीईआरआई) ने की। इस सत्र में एनटीपीसी, सेल और सीपीसीबी जैसे उद्योगों के सफल उदाहरणों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें प्रक्रिया अनुकूलन और उन्नत जल पुनर्चक्रण प्रौद्योगिकियों को सम्मिलित करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
- तकनीकी सत्र II: जिसका शीर्षक है "जल शुद्धत्व और सकारात्मकता: भविष्य की ओर एक यात्रा" , जिसकी अध्यक्षता डॉ. सुनील कुमार अंबस्ट (अध्यक्ष, केंद्रीय भूजल बोर्ड) ने की। सत्र में जल शुद्धत्व प्राप्त करने की रणनीतियों की खोज की गई, जिसमें परिपत्र जल प्रबंधन मॉडल और दीर्घकालीन अपशिष्ट जल उपचार पद्धतियाँ शामिल हैं। वार्ताकरों ने कॉर्पोरेट उत्तरदायिता की भूमिका और एकीकृत जल प्रबंधन प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन के दौरान, उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्तियो ने जल-दक्ष औद्योगिक प्रथाओं के सफल प्रतिरुप को साझा किया तथा अपनाने में तेजी लाने के लिए नीतिगत प्रोत्साहनों और क्षमता निर्माण के महत्व पर बल दिया।

सम्मेलन में निम्नलिखित विषयों पर बल दिया गया:
- औद्योगिक जल लेखा परीक्षा, जल कुशल प्रक्रियाओं के अनुकूलन तथा पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग और भूजल पुनर्भरण के माध्यम से स्व-नियमन के लिए उद्योगों को प्रोत्साहित करना।
- औद्योगिक उत्पादों पर जल फुटप्रिंट अंकित करना एवं बीआईएस मानकों को प्रोत्साहित करना।
- जल उपयोग दक्षता की निगरानी और निर्णय समर्थन प्रणालियों के लिए वास्तविक समय जल उपयोग डेटा को एकत्रित करने और प्रकट करने को बढ़ावा देना।
- उद्योगों को उन्नत जल पुनर्चक्रण और शून्य तरल निर्वहन प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- जल दक्षता के लिए वास्तविक समय निगरानी और डेटा-आधारित निर्णय लेने को प्रोत्साहन देना।
- औद्योगिक जल उपयोग के लिए नीतिगत ढांचे और नियामक मानकों को मजबूत करना।
- जल-दक्ष प्रथाओं को विकसित करने और कार्यान्वित करने के लिए उद्योग-सरकार भागीदारी को प्रोत्साहन देना।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद और कृतज्ञता के साथ हुआ।
***
एमजी/आरपीएम/केसी/एजे/एसएस
(Release ID: 2111155)
Visitor Counter : 380