मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म पंजीकरण आउटरीच कार्यक्रम में शिरकत की
राष्ट्रव्यापी पहल का उद्देश्य मछुआरों का डिजिटल सशक्तिकरण; हितधारकों को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना का लाभ प्रदान करना
मध्य प्रदेश के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत वाली एक्वापार्क और अनुसंधान केंद्र परियोजना की घोषणा की गई
Posted On:
20 FEB 2025 8:12PM by PIB Delhi
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आने वाले मत्स्य पालन विभाग, प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना (पीएमएमकेएसएसवाई) के तहत प्रदान किए गए विभिन्न लाभों को प्राप्त करने के लिए पात्र हितधारकों से आवेदन जुटाने और पंजीकरण अनुमोदन में तेजी लाने के साथ-साथ राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीकरण हेतु 14 से 22 फरवरी 2025 तक एक विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान आयोजित कर रहा है।
इस प्रयास के एक हिस्से के रूप में, मत्स्य विभाग ने 20 फरवरी 2025 को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के देपालपुर में राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीकरण के लिए मोबिलाइजेशन कैंप आयोजित किया । इस कार्यक्रम में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मत्स्य कल्याण और मत्स्य पालन विभाग के मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार, इंदौर, मध्य प्रदेश के सांसद (एमपी) श्री शंकर लालवानी और इंदौर के मत्स्य विभाग के निदेशक श्री रवि कुमार ने भी शिरकत की। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मत्स्य विभागों, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के सहयोग से यह प्रयास पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने, अनुमोदन दरों को बढ़ाने और पात्र हितधारकों को पीएमएमकेएसएसवाई के तहत क्रेडिट सुविधा, जलीय कृषि बीमा और प्रदर्शन अनुदान जैसे कई लाभों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। मध्य प्रदेश में 60,426 लोगों ने एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, अब तक 33,820 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं और 25,402 आवेदन प्रगति पर हैं।
आउटरीच कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश में 25 करोड़ रुपये की लागत वाली एक्वापार्क और अनुसंधान केंद्र परियोजना की घोषणा की गई, इसके अतिरिक्त मछली की खपत को बढ़ावा देने और मत्स्य उत्पादों के लिए बाजार पहुंच में सुधार करने के लिए एक फिश पार्लर का उद्घाटन भी किया गया।
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने सभा को संबोधित किया और खाद्य सुरक्षा, आजीविका और अर्थव्यवस्था में मत्स्य पालन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जिससे लगभग 3 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं. उन्होंने संवर्धित झींगा के शीर्ष उत्पादक और जलीय कृषि और मछली के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में भारत के वैश्विक नेतृत्व पर जोर दिया। मंत्री ने 2020 में ₹20,050 करोड़ के निवेश के साथ शुरू की गई प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) और 2023-27 के लिए ₹6,000 करोड़ के परिव्यय के साथ एक नई उप-योजना, प्रधान मंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना (पीएमएमकेएसएसवाई) को मंजूरी देने पर चर्चा की । उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र को औपचारिक बनाने के लिए 11 सितंबर, 2024 को लॉन्च किए गए राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर भी प्रकाश डाला उन्होंने सभी हितधारकों से एनएफडीपी पर पंजीकरण कराने और योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिससे भारत को मत्स्य पालन और जलीय कृषि में वैश्विक अगुवा बनाया जा सके।
शिविर में 1500 मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआरों और उद्यमियों ने भाग लिया। पंजीकरण आउटरीच कार्यक्रम सभी हितधारकों से सक्रिय भागीदारी के लिए एक मजबूत आह्वान के साथ संपन्न हुआ।
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