इस्पात मंत्रालय
इस्पात क्षेत्र के उत्पाद
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2025 5:37PM by PIB Delhi
घरेलू इस्पात उत्पादों की लेबलिंग के लिए इस्पात उत्पादों की ब्रांडिंग में मेड इन इंडिया के साथ क्यू आर कोड प्रदान किया जाता है, जिसमें उत्पाद की जानकारी के साथ घरेलू इस्पात उत्पाद और निर्यात के लिए इस्पात विनिर्माण, दोनों का विवरण होता है। इस संबंध में, प्रमुख एकीकृत इस्पात संयंत्रों की ओर से एक पायलट रोलआउट लागू किया गया है।
सरकार ने "मेक इन इंडिया" के दृष्टिकोण को प्रोत्साहन देने और भारत को दुनिया के "विनिर्माण केंद्र" के तौर पर प्रचार करने के लिए निम्नलिखित पहल की हैं: -
- आत्मनिर्भर पैकेज की शुरूआत, राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) और राष्ट्रीय विमुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) के अंतर्गत निवेश के अवसर, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (आईआईएलबी), इंडस्ट्रियल पार्क रेटिंग सिस्टम (आईपीआरएस), राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली (एनएसडब्ल्यूएस) का सॉफ्ट लॉन्च आदि।
- भारत के "आत्मनिर्भर" बनने के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए और भारत की विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात को बढ़ाने के लिए, विनिर्माण के 14 प्रमुख क्षेत्रों के लिए उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के लिए केंद्रीय बजट 2021-22 में 1.97 लाख करोड़ रुपये के आउटले की घोषणा की गई थी।
- भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/ विभागों में योजना विकास सेल (पीडीसी) के रूप में तेजी से निवेश के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित किया गया है।
यह जानकारी इस्पात और भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
***
एमजी/आरपीएम/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2100064)
आगंतुक पटल : 46